रोहतक में गौमाता को राष्ट्र माता घोषित करवाने की मांग को लेकर गौरक्षा दल, साधु संत, भाजपा नेता व आम जनता ने सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने गौमाता को बचाने के लिए नारेबाजी की और तहसीलदार के माध्यम से डीसी व सरकार के नाम ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि गौमाता को आए दिन बुचड़खानों में काटा जा रहा है। वैसे तो गाय को माता का दर्जा दिया गया है, लेकिन सरकार उसे राष्ट्रमाता का दर्जा नहीं दे रही। पूरे देश में आज इसी मांग को लेकर प्रदर्शन किए जा रहे हैं और हर तहसील में प्रशासन को ज्ञापन सौंपा जा रहा है। 800 से अधिक जिलों में हो रहा प्रदर्शन
प्रदर्शन में शामिल रोहित ने बताया कि गौमाता के सम्मान में 5400 से अधिक तहसील व 800 से अधिक जिलों में आज के दिन प्रदर्शन किया जा रहा है। गौमाता को राष्ट्र माता का दर्जा दिलाने के लिए तहसीलदारों के माध्यम से सरकार को ज्ञापन दिया गया है। बुचड़खानों में गौमाता कट रही है उन्हें बचाने के लिए आज सड़कों पर उतरे हुए हैं। रोजाना कट रही एक लाख से अधिक गाय
रोहित ने बताया कि देशभर में रोजाना एक लाख से अधिक गाय काटी जा रही है। गौमाता को बचाने के लिए व राष्ट्र माता का दर्जा दिलाने के लिए आंदोलन किया है। साथ ही एक मांग पत्र भी सरकार के नाम दिया गया है, ताकि गौमाता को बचाया जा सके। गौमाता को बचाने के लिए जनता को आगे आना होगा
गौरक्षा दल के सदस्य सुमित ने बताया कि नगर निगम की गौशाला में 3 हजार पशुओं को रखने कर क्षमता है, लेकिन उसमें 5 हजार पशु रखेंगे तो वह मरेंगे ही। प्रशासन को समझना चाहिए कि गौशाला में जितनी संख्या पशुओं को रखने की है, उतने ही रखने चाहिए। जरूरत से अधिक पशु नहीं रखने चाहिए। आज देशभर के साधु सड़कों पर उतरे
गौरक्षा दल के सदस्य सुमित ने बताया कि आज पूरे देश में सनातन के शेर सड़कों पर है। पूरे देश के साधु संत भी सड़कों पर उतरकर आवाज उठा रहे हैं। अगर अब भी जनता नहीं जागी तो कब जागेगी। अगर ऐसे ही गाय कटती रही तो आने वाले समय गौमाता केवल मंदिरों में मूर्तियों के रूप में ही नजर आएंगी।
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