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स्वामी ज्ञानानंद महाराज मंगलवार को भिवानी के रोहतक रोड बजरंग बली कॉलोनी स्थित श्री कृष्ण कृपा जिओ गीता परिवार के जिला अध्यक्ष नरेश आहूजा के निवास पर पहुंचे। वे अब 16 जुलाई तक भिवानी में गीता सत्संग प्रवास के लिए पहुंचे हैं। स्वामी ज्ञानानंद महाराज ने कहा कि श्रीमद्भगवत गीता आधुनिक जीवन का सार्वभौमिक समाधान है। उन्होंने कहा कि भगवत गीता केवल धार्मिक आस्था का ग्रंथ नहीं है, बल्कि जीवन जीने की एक सही दृष्टि और सोच है। ऐतिहासिक संदर्भ जिस प्रकार कुरुक्षेत्र के मैदान में अर्जुन मोह, शोक और विषाद से ग्रस्त थे, उन्हें गीता से समाधान मिला। आज वही अर्जुन का रोग और समस्या पूरे विश्व स्तर पर देखी जा रही है। मानसिक शांति और परिवार में सद्भावना के लिए गीता आवश्यक
उन्होंने कहा कि मानसिक शांति और परिवार में सद्भावना के लिए गीता आवश्यक है। बच्चों को सुसंस्कार देने और युवाओं को नशे जैसी बुराइयों से दूर कर सन्मार्ग पर लाने के लिए इसकी प्रबल आवश्यकता है। यह शिक्षा, चिकित्सा, न्यायपालिका और यहां तक कि जेल के कैदियों के लिए भी एक व्यावहारिक मार्गदर्शिका है। गीता से जीवन में ठहराव और स्थिरता आती है- स्वामी ज्ञानानंद महाराज
स्वामी ज्ञानानंद महाराज ने कहा कि आज के जीवन में भागदौड़ बहुत है, जिससे अशांति, तनाव और दबाव बढ़ रहा है। गीता पढ़ने से जीवन में ठहराव और स्थिरता आती है। गीता हमें सिखाती है कि भविष्य की चिंता में अपने वर्तमान को न बिगाड़ें। अपने कर्म पर दृष्टि रखें और जीवन में संतुलन बनाकर जीएं। दुविधा का अंत आज के युवाओं की मुख्य समस्या निर्णय लेने में अस्थिरता और दुविधा है। गीता सिखाती है कि जिसका निर्णय स्थिर है, उसका जीवन स्थिर होगा। गीता युवाओं को समझाती है यह समय उनके गोल्डन पीरियड
स्वामी ज्ञानानंद महाराज ने कहा कि युवा अक्सर ओवरथिंकिंग और नकारात्मक सोच का शिकार होते हैं। गीता सकारात्मक सोच विकसित कर उन्हें अच्छी प्लानिंग और कार्य करने की प्रेरणा देती है। युवा नशे की ओर तब बढ़ते हैं जब उनके जीवन में लक्ष्यों की कमी और निर्णय की अस्थिरता होती है। गीता युवाओं को यह समझाती है कि यह समय उनके जीवन का गोल्डन पीरियड है। गीता की आवश्यकता आज पूरी दुनिया में महसूस की जा रही है। हाल ही में जापान के टोक्यो विश्वविद्यालय जैसे संस्थानों में अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव के दौरान यह महसूस किया गया कि यदि भविष्य को मजबूत और सुरक्षित बनाना है, तो गीता को साथ लेकर चलना ही होगा।
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भिवानी पहुंचे स्वामी ज्ञानानंद महाराज:तीन दिनों तक रहेंगे, बोले- गीता आधुनिक जीवन का सार्वभौमिक समाधान, धार्मिक ग्रंथ नहीं, जीवन जीने की सही दृष्टि और सोच







