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भिवानी में शनिवार को रथ कांवड़ यात्रा पहुंची। जिसे भिवानी के गांव मंढोली खुर्द के कांवड़ यात्री हरिद्वार से लेकर आए हैं। इस कांवड़ में करीब 50 हजार रुपए खर्च आया है और प्रतिदिन 60 किलोमीटर का सफर तय करते हैं। गांव से 10 लोगों की टीम इस कांवड़ यात्रा को लेकर आई है। भिवानी के गांव मंढोली खुर्द निवासी अमित कुमार, रवि कुमार व सुरेंद्र आदि ने कहा कि वे 2 अगस्त को गांव से चले थे। इसके बाद उन्होंने हरिद्वार पहुंचकर गंगा में स्नान किया। इसके बाद 3 अगस्त को रात करीब सवा 9 बजे उन्होंने कांवड़ वहां से उठाई। इसके अलावा उनकी टीम में गांव के करीब 10 लोग शामिल हैं, जो कांवड़ लेने के लिए गए थे और बारी-बारी से कांवड़ यात्रा चलाते हैं। उन्होंने बताया कि वे प्रतिदिन करीब 60 किलोमीटर का सफर तय करते हैं। वहीं अब करीब 300 किलोमीटर का सफर तय करके भिवानी पहुंचे हैं। इसके अलावा अभी उन्हें करीब 70 किलोमीटर और चलना है। उन्होंने कहा कि वे दिन व रात दोनों समय चलते हैं। ताकि समय से वे कांवड़ गांव में पहुंचा सके। वे गांव में 11 अगस्त को कांवड़ चढ़ाएंगे और जलाभिषेक करेंगे। 12-13 घंटे में सजाई कांवड़
उन्होंने बताया कि इस रथ कांवड़ को सजाने में करीब 12-13 घंटे का समय लगा है। इसके अलावा इस रथ कांवड़ को सजाने के लिए 50-60 हजार रुपए का खर्च भी आया है। जिसको पूरे उत्साह के साथ सजाया गया है। उनका उद्देश्य है कि यह कांवड़ सुंदर लगे और एक झांकीनुमा कांवड़ लगे। वे पांचवीं बार कांवड़ लेकर जा रहे हैं। पूरे गांव के सहयोग से वे हर बार कांवड़ लेकर आते हैं। इसके अलावा इस कांवड़ यात्रा में उनकों करीब डेढ़ लाख रुपए का खर्च आया है। कांवड़ यात्रियों ने लोगों को नशे से दूर रहने का भी आह्वान किया। उन्होंने कहा कि हरिद्वार पूरी श्रद्धा के साथ जाएं। वहां कोई भी हुड़दंगबाजी या नशा ना करें। साथ ही युवाओं से आह्वान किया कि वे नशे से दूर रहे। साथ ही कहा कि इस कांवड़ यात्रा का उद्देश्य गांव की सुख-समृद्धि है।
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