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कॉमनवेल्थ गेम्स-2026 के लिए स्कॉटलैंड पहुंचे हरियाणा के खेल प्रेरक राजनारायण पंघाल इस बार सिर्फ खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाने ही नहीं, बल्कि अपने साथ हरियाणा की मिठास भी लेकर गए हैं। उन्होंने रोहतक के बागड़ी मिल्क पार्लर का शुद्ध देसी घी से बना घेवर ब्रिटेन में बसे प्रवासी हरियाणवियों को भेंट कर अपनेपन का संदेश दिया। इस पहल की शुरुआत स्कॉटलैंड में रहने वाले रोहतक के गांव बलम्भा निवासी आनंद अहलावत से हुई। करीब 20 वर्षों से स्कॉटलैंड में रह रहे आनंद ने जब अपने गांव का पारंपरिक घेवर चखा तो भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि इस मिठास ने उन्हें अपने घर, परिवार और हरियाणा की याद दिला दी। 23 जुलाई से शुरू होंगे कॉमनवेल्थ गेम्स राजनारायण पंघाल ने बताया कि 23 जुलाई से शुरू होने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स-2026 में हरियाणा के कई खिलाड़ी भारतीय दल का हिस्सा हैं। उनका उद्देश्य खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाना और उन्हें यह अहसास कराना है कि पूरा हरियाणा उनके साथ खड़ा है। विदेशों तक हरियाणा की संस्कृति पहुंचाने की परंपरा पंघाल ने बताया कि रोहतक के बागड़ी मिल्क पार्लर के संस्थापक प्रदीप श्योराण वर्षों से एक खास परंपरा निभा रहे हैं। जब भी किसी अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजन के दौरान वे विदेश जाते हैं, प्रदीप श्योराण प्रवासी हरियाणवी परिवारों के लिए शुद्ध देसी घी का घेवर भेजते हैं। इस बार भी उसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए ब्रिटेन में हरियाणा की मिठास पहुंचाई गई। तीसरी बार पहुंचे कॉमनवेल्थ गेम्स राजनारायण पंघाल इससे पहले वर्ष 2018 में ऑस्ट्रेलिया और 2022 में इंग्लैंड के बर्मिंघम में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स के दौरान भी भारतीय खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करने पहुंचे थे। लगातार तीसरी बार वे खेलों के साथ-साथ प्रवासी हरियाणवियों को अपनी मिट्टी और संस्कृति से जोड़ने का संदेश लेकर विदेश पहुंचे हैं।
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ब्रिटेन में बिखरी रोहतक के घेवर की मिठास:कॉमनवेल्थ गेम्स मे हौसला बढ़ाने पहुंचे खेल प्रेरक, प्रवासी हरियाणवियों को भेंट किया घेवर







