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बीएलओ से मारपीट मामला, सिरसा एसपी से मिले ग्रामीण:आरोपी की पत्नी ने शिक्षक पर छेड़छाड़ का आरोप लगाया, बोले-दोषियों पर हो कड़ी कार्रवाई




सिरसा के नाथूसरी कलां और चौपटा गांवों के ग्रामीणों ने चुनाव ड्यूटी के दौरान जेबीटी शिक्षक हरपाल सिंह के साथ हुई मारपीट और दुर्व्यवहार के मामले में एसपी सिरसा दीपक सहारण से मुलाकात की। ग्रामीणों ने एसपी को बताया कि इस घटना के 2 दिन बाद आरोपी की पत्नी ने शिक्षक पर दबाव बनाने के लिए सिरसा के महिला थाने में एक शिकायत दर्ज कराई है। ग्रामीणों ने इन आरोपों को ‘पूरी तरह झूठा और मनगढ़ंत’ बताया। ग्रामीणों के अनुसार, पीड़ित शिक्षक हरपाल सिंह 10 जुलाई को सुबह लगभग 11:00 बजे अपने सहायक दीपक कुमार के साथ सरकारी ड्यूटी पर थे। वे भारत निर्वाचन आयोग के आदेशानुसार बूथ नंबर 73, नाथूसरी कलां में मतदाताओं के घर-घर जाकर एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) के तहत फॉर्म वितरित कर रहे थे और उन्हें ऑनलाइन करने का कार्य कर रहे थे। शिक्षक के साथ अभद्र और अमर्यादित दुर्व्यवहार किया इसी दौरान, नाथूसरी कलां निवासी आरोपी धर्मवीर मोठिया ने सरकारी कार्य में बाधा डाली। उसने शिक्षक हरपाल सिंह के साथ अभद्र और अमर्यादित दुर्व्यवहार किया। इसके बाद आरोपी ने शिक्षक के साथ मारपीट की, जिससे उन्हें चोटें आईं और उनके कपड़े भी फाड़ दिए गए। इस संबंध में पुलिस थाना नाथूसरी चौपटा में आरोपी धर्मवीर मोठिया के खिलाफ एफआईआर नंबर 0149 (दिनांक 10/07/2026) के तहत भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि चुनाव जैसे अत्यंत महत्वपूर्ण और संवेदनशील राष्ट्रीय कार्य में लगे एक शिक्षक के साथ सरेआम इस प्रकार की मारपीट और गुंडागर्दी की घटना से समस्त शिक्षक समाज में भारी रोष, भय और असुरक्षा का माहौल व्याप्त है। ऑन ड्यूटी सुरक्षित नहीं रहेंगे निर्वाचन अधिकारी यदि राष्ट्र निमार्ता और निर्वाचन अधिकारी ही ऑन ड्यूटी सुरक्षित नहीं रहेंगे, तो कोई भी शिक्षक निर्भिक होकर शासकीय कर्तव्यों का पालन नहीं कर पाएगा। अत: राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ आपसे न्यायोचित मांग करता है कि सरकारी कर्मचारी पर ड्यूटी के दौरान हमला करने वाले और उल्टा उन्हीं अध्यापक पर झूठी शिकायत करने वाले तत्वों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में कोई भी असामाजिक तत्व सरकारी कर्मचारी को निशाना बनाने की हि मत न कर सके। ये ग्रामीण रहें मौजूद ग्रामीणों में सरपंच प्रतिनिधि जगतपाल कासनियां, समाजसेवी रघुबीर कड़वासरा, पूर्व सरपंच रणजीत कासनियां, पूर्व सरपंच प्रदीप सिंह, सुरेंद्र कासनियां, बलराम कासनियां, अनिल कासनियां, मास्टर पाला राम, अनिल कुमार, बंसीलाल, नेकी राम, मांगेराम नाई, जेपी कड़वासरा और सेठी कासनियां शामिल थे।



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