बहादुरगढ़ की राजनीति में पिछले कई दिनों से चल रही आरोप-प्रत्यारोप की जंग के बीच सरकार ने बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया है। IAS अधिकारी अभिनव सिवाच से जिला नगर आयुक्त (DMC), झज्जर का अतिरिक्त कार्यभार वापस ले लिया गया है। अब उनके पास केवल एसडीएम (सिविल), बहादुरगढ़ का दायित्व रहेगा। 24 जून से शुरू हुआ था विवाद राजनीतिक घटनाक्रम की शुरुआत 24 जून को हुई थी, जब नगर परिषद चेयरपर्सन सरोज राठी ने डीसी झज्जर वर्षा खांगवाल से मुलाकात कर DMC पर विकास कार्यों में बाधा डालने के आरोप लगाए थे और कार्रवाई की मांग की थी। अगले दिन विधायक उतरे DMC के समर्थन में इसके अगले ही दिन 25 जून को बहादुरगढ़ के निर्दलीय विधायक राजेश जून डीसी से मिले और DMC अभिनव सिवाच के समर्थन में खुलकर सामने आए। उन्होंने कहा था कि अधिकारी बेहतर काम कर रहे हैं और विकास कार्यों को गति दे रहे हैं। प्रेस वार से और गरमाई राजनीति दो दिन पहले भाजपा के पूर्व प्रत्याशी दिनेश कौशिक ने नगर परिषद चेयरपर्सन सरोज राठी के साथ संयुक्त प्रेस वार्ता कर विधायक राजेश जून पर गंभीर आरोप लगाए। साथ ही नगर परिषद के अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए मुख्यमंत्री के सामने मामला उठाने की बात कही। राजेश जून का पलटवार, भाजपा से चुनाव लड़ने का दावा इसके अगले ही दिन विधायक राजेश जून ने 10 पार्षदों के साथ प्रेस वार्ता कर दिनेश कौशिक के आरोपों का करारा जवाब दिया। उन्होंने टिकट वितरण पर भी सवाल उठाए और कहा कि बिना ज्ञान के आदमी को टिकट दे दिया गया। इतना ही नहीं, उन्होंने यह भी कहा कि वे अगला चुनाव भाजपा से लड़ना चाहते हैं और यदि टिकट नहीं मिला तो 2029 में निर्दलीय चुनाव लड़ेंगे। अब आया प्रशासनिक आदेश इन तमाम राजनीतिक घटनाक्रमों के बीच सरकार ने आदेश जारी कर IAS अधिकारी अभिनव सिवाच से DMC झज्जर का अतिरिक्त कार्यभार वापस ले लिया है। अब वे केवल एसडीएम बहादुरगढ़ के रूप में कार्य करेंगे। DMC का अतिरिक्त कार्यभार वापस लेने का सरकारी आदेश जारी हुआ है। हालांकि, इस फैसले को सीधे तौर पर राजनीतिक विवाद से जोड़ने की आधिकारिक पुष्टि किसी की ओर से नहीं की गई है।
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बहादुरगढ़ की सियासत के बीच बड़ा प्रशासनिक फैसला:DMC का चार्ज हटा, अब सिर्फ SDM रहेंगे अभिनव सिवाच,राजनीतिक घमासान के बीच आया आदेश
