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बल्लभगढ़ में डंपिंग यार्ड का विरोध शुरू:ग्रामीणों ने संघर्ष समिति बनाई, देवेंद्र पहलवान प्रधान चुने, बोले- क्षेत्र में बढ़ेगा प्रदूषण




फ़रीदाबाद जिले के बल्लभगढ़ में नगर निगम द्वारा गांव सोतई में डंपिंग यार्ड बनाने की तैयारी शुरू किए जाने के बाद ग्रामीणों का विरोध तेज हो गया है। निगम की ओर से इस परियोजना के लिए निविदा जारी किए जाने के बाद शनिवार को गांव की धर्मशाला में पंचायत आयोजित की गई। पंचायत में ग्रामीणों ने एकजुट होकर डंपिंग यार्ड का विरोध किया और कूड़ाघर संघर्ष समिति का गठन करते हुए देवेंद्र पहलवान को समिति का प्रधान चुना। नगर निगम की योजना के अनुसार, गांव सोतई की करीब 8 एकड़ भूमि पर जीआई बैरिकेडिंग कर क्षेत्र को सुरक्षित किया जाएगा, जबकि लगभग 3 एकड़ भूमि पर कचरा प्रबंधन के लिए आरएमसी (रेडी मिक्स कंक्रीट) एम-40 ग्रेड का प्लेटफॉर्म बनाया जाएगा। करोड़ 5 लाख खर्च होने का अनुमान इस प्लेटफॉर्म के निर्माण पर 2 करोड़ 5 लाख 60 हजार रुपए खर्च होने का अनुमान है। वहीं 8 एकड़ भूमि की बैरिकेडिंग पर 1 करोड़ 81 लाख 32 हजार रुपए खर्च किए जाएंगे। दोनों परियोजनाओं की कुल अनुमानित लागत 3 करोड़ 86 लाख 92 हजार रुपए निर्धारित की गई है। पंचायत में मौजूद ग्रामीणों ने कहा कि आबादी के नजदीक डंपिंग यार्ड बनने से क्षेत्र में प्रदूषण, दुर्गंध और गंदगी बढ़ेगी। इसके अलावा लोगों को स्वास्थ्य संबंधी गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। ग्रामीणों ने स्पष्ट कहा कि वे गांव के बीच डंपिंग यार्ड नहीं बनने देंगे और इसके खिलाफ लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष जारी रहेगा। अस्पताल या स्कूल बनाने की मांग ग्रामीणों का कहना है कि जिस भूमि पर डंपिंग यार्ड प्रस्तावित है, उसका उपयोग गांव के विकास के लिए किया जाना चाहिए। उन्होंने मांग की कि यहां खेल का मैदान, सरकारी अस्पताल, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक भवन, सरकारी विद्यालय, पुस्तकालय, महिला एवं युवा प्रशिक्षण केंद्र, वृद्धजन सेवा केंद्र, बच्चों का पार्क, ओपन जिम, बारातघर और कौशल विकास केंद्र जैसी जनहित की सुविधाएं विकसित की जाएं। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों को नजरअंदाज किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।



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