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बरनाला में कोऑपरेटिव बैंक के खिलाफ किसानों का धरना:बोले- मैनेजर देरी कर रहा, काम लटकाए, समाधान तक संघर्ष जारी




बरनाला जिले के तपा क्षेत्र में स्थित कोऑपरेटिव बैंक पक्खो कैंचियां के सामने विभिन्न गांवों के किसानों ने बैंक प्रबंधन के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। किसानों का आरोप है कि बैंक मैनेजर द्वारा लंबे समय से लेन-देन संबंधी कार्यों में अनावश्यक देरी की जा रही है, जिससे ग्रामीण उपभोक्ता परेशान हैं। इस विरोध प्रदर्शन में जगजीतपुरा, उग्गोके, चीमा और जोधपुर सहित कई गांवों से बड़ी संख्या में किसान बैंक के बाहर जमा हुए। उन्होंने नारेबाजी करते हुए अपना विरोध दर्ज कराया। भाईचारा संगठनों और किसान जत्थेबंदियों ने भी इस धरने का समर्थन किया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि बैंक ग्रामीण क्षेत्रों के किसानों और आम लोगों के लिए सुविधा का केंद्र होना चाहिए, लेकिन यहां उन्हें साधारण बैंकिंग कार्यों के लिए भी कई दिनों तक इंतजार करना पड़ता है और बार-बार चक्कर लगाने पड़ते हैं। बैंक मैनेजर रवैए पर उठाए सवाल भारतीय किसान यूनियन (एकता डकौंदा) के जिला प्रधान दर्शन सिंह उग्गोके, दर्शन सिंह चीमा और काला सिंह जगजीतपुरा ने धरने को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि बैंक मैनेजर का रवैया किसानों और उपभोक्ताओं के प्रति ठीक नहीं है। नेताओं ने आरोप लगाया कि बैंक कर्मचारियों को लोगों की समस्याएं हल करनी चाहिए, लेकिन इसके बजाय किसानों को परेशान किया जा रहा है। किसान नेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि जिन किसानों की मृत्यु हो चुकी है, उनके परिवारों को भी राहत नहीं मिल रही है। मृत किसानों के वारिसों के नए खाते खोलने, कागजी कार्रवाई पूरी करने और अन्य बैंकिंग प्रक्रियाओं में उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं दिया जा रहा, जिससे परिवारों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। धरने की सूचना मिलते ही पहुंची पुलिस धरने की सूचना मिलते ही थाना शैहणा की प्रभारी रेनू परोचा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचीं। पुलिस अधिकारियों ने स्थिति को शांतिपूर्ण बनाए रखा और किसानों तथा बैंक मैनेजर के बीच बातचीत कराने का प्रयास किया। पुलिस की मौजूदगी में दोनों पक्षों के बीच लंबी बैठक हुई, लेकिन देर शाम तक कोई समाधान नहीं निकल सका। बैठक बेनतीजा रहने के बाद किसानों ने घोषणा की कि जब तक उनकी समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं होता, तब तक उनका धरना जारी रहेगा।किसानों ने बैंक मैनेजर के अड़ियल रवैये के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और पंजाब सरकार से भी मामले में हस्तक्षेप की मांग की। दूसरी ओर बैंक मैनेजर ने किसानों को भरोसा दिलाया कि उनकी समस्याओं को उच्च अधिकारियों के समक्ष रखा जाएगा और जल्द बैठक करवाई जाएगी। हालांकि खबर लिखे जाने तक किसान धरने पर डटे रहे। इस मौके पर गुरप्रीत सिंह जोधपुर, मुख्तियार सिंह जोधपुर (भारतीय किसान यूनियन कादियां), नत्था सिंह जोधपुर (उपाध्यक्ष), पाल सिंह (सचिव), नछत्तर सिंह चीमा, जगतार सिंह चीमा सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो संघर्ष और तेज किया जाएगा।



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