हरियाणा के हिसार में शुक्रवार को पूर्व डिप्टी CM दुष्यंत चौटाला का काफिला रोकने के मामले में कंट्रोवर्सी बढ़ गई है। मामले में दुष्यंत चौटाला ने हिसार के अर्बन एस्टेट थाने में शिकायत दी है। इसमें दुष्यंत चौटाला ने आरोप लगाया कि SP ऑफिस जाते समय सब्जी मंडी पुल पर सीआईए इंचार्ज पवन कुमार ने गाड़ी आगे अड़ाई और वैपन दिखाकर धमकाया। इतना ही नहीं गाड़ी से कुचलने का प्रयास भी किया। दुष्यंत का कहना है कि इसमें एसपी के सिक्योरिटी इंचार्ज अमरजीत की भी मिलीभगत है। उन्होंने दोनों पर कार्रवाई की मांग की। इसे लेकर आज चंडीगढ़ में प्रेस कान्फ्रेंस भी बुलाई है। वहीं, सीआईए इंचार्ज पवन कुमार ने भी अर्बन एस्टेट थाने में पूर्व डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला और उनके छोटे भाई दिग्विजय चौटाला के खिलाफ शिकायत दी है। उन्होंने इसमें गंभीर आरोप लगाए हैं। उधर, विवाद बढ़ता देख एसपी ने इस मामले की जांच डीएसपी कवलजीत को सौंपी है। निर्देश दिए गए है कि जल्द से जल्द जांच कर रिपोर्ट उन्हें सौंपी जाएं। CIA इंचार्ज पवन कुमार की शिकायत की मुख्य बातें… दुष्यंत के ड्राइवर ने गाड़ी भिड़ाने की कोशिश की : CIA इंचार्ज पवन कुमार ने कहा- “दुष्यंत चौटाला जिस गाड़ी में बैठे थे, उसका ड्राइवर गलत तरीके से गाड़ी चला रहा था। उनकी गाड़ी कई बार उनसे टकराने से बची। वह बार-बार ओवरटेक कर रहे थे, जिससे जनता को भी नुकसान पहुंच सकता था। उन्होंने सिर्फ गाड़ी से उतरकर ड्राइवर को सही तरीके से गाड़ी चलाने के लिए कहा था। दिग्विजय चौटाला ने पुलिसकर्मी को धक्का दिया: पवन ने शिकायत में आगे लिखा- इतने में दुष्यंत चौटाला गाड़ी से उतर आए और उनकी गाड़ी को पकड़ने का प्रयास किया। पुल पर जाम न लगे या विवाद न हो, इसलिए वे वहां से निकल गए। पवन कुमार ने यह भी बताया कि दिग्विजय चौटाला ने पुलिसकर्मी राजकुमार को धक्का दिया, जो वीडियो में दिख भी रहा है। उन्होंने कहा कि इस बारे में वे अपने उच्च अधिकारियों से बात करके आगे की कार्रवाई करेंगे। हिसार पुलिस ने जारी किया था प्रेस नोट: उधर, हिसार पुलिस ने शुक्रवार शाम को एक प्रेस रिलीज जारी करते हुए कहा था कि सोशल मीडिया पर चल रहा वीडियो अधूरा है। DSP रैंक के अधिकारी से इसकी जांच कराई जा रही है। जांच के बाद पुलिस तथ्यात्मक वीडियो जारी करेगी, ताकि पूरा मामला समझ में आए कि क्या हुआ था। यहां जानिए क्या है पूरा मामला… छात्र संवाद कार्यक्रम की अनुमति नहीं मिलने पर शुरू हुआ विवाद बता दें कि गुरु जंभेश्वर यूनिवर्सिटी (GJU) के प्रशासन द्वारा सुरक्षा कारणों और पुराने अनुभवों के मद्देनजर इनसो को ‘छात्र संवाद’ कार्यक्रम की अनुमति नहीं दी थी। पुलिस के अनुसार लगभग 250-260 लोगों की भीड़ यादव धर्मशाला में एकत्रित हुई। भीड़ ने विश्वविद्यालय की ओर कूच किया और गेट नंबर 3 पर तैनात पुलिस बल के साथ धक्का-मुक्की की। उपद्रवियों ने न केवल सरकारी ड्यूटी में बाधा डाली, बल्कि जबरन कैंपस में घुसकर कुलपति (VC) कार्यालय के गेट को क्षतिग्रस्त कर दिया, जिससे परिसर में दहशत का माहौल पैदा हो गया। हिसार पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कई धाराओं में केस दर्ज किया था। साथ ही छह लोगों को हिरासत में लिया था। दुष्यंत और दिग्विजय चौटाला गिरफ्तारी देने एसपी ऑफिस पहुंचे थे इसके दुष्यंत चौटाला और उनके भाई दिग्विजय चौटाला मामले के विरोध में गिरफ्तारी देने एसपी ऑफिस पहुंचे थे, जहां उनकी पुलिस कर्मियों से काफी बहस भी हुई थी। इसके बाद पूर्व डिप्टी CM दुष्यंत चौटाला ने आरोप लगाया था कि पुलिस की एक गाड़ी से उन्हें सब्जी मंडी पुल पर कुचलने का प्रयास किया। सादी वर्दी में एक पुलिसकर्मी ने उन पर वैपन तान दिया। इसका एक वीडियो भी दिखाया था, जिसमें एक पुलिस की गाड़ी दुष्यंत चौटाला की एस्कॉर्ट गाड़ी के सामने खड़ी है। वीडियो में एक पुलिसकर्मी हाथ में पिस्टल लेकर धमकाता हुआ दिख रहा है। जैसे ही दुष्यंत और दिग्विजय चौटाला वहां पहुंचे, वह पुलिसकर्मी गाड़ी में बैठ कर चला गया था। हम इस खबर को लगातार अपडेट कर रहे हैं…
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