पानीपत रिफाइनरी के पास एक बड़ा हादसा सामने आया है, जहाँ एक मोबाइल या बिजली के टावर पर काम करते समय करंट की चपेट में आने से 19 वर्षीय युवक की दर्दनाक मौत हो गई। मृतक की पहचान मोहित (19) निवासी गांव बाल राजपुतान, जिला करनाल के रूप में हुई है। परिजनों ने ठेकेदार और बिजली निगम के कर्मचारियों पर गंभीर लापरवाही बरतने के आरोप लगाए हैं। परिजनों का कहना है कि बिजली की आपूर्ति बंद किए बिना ही युवक को टावर पर चढ़ा दिया गया था। शटडाउन लिए बिना टावर पर चढ़ाया, मौके पर ही थमी सांसें प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृतक मोहित पिछले करीब 6 महीने से ठेकेदार बल्लेराम के अधीन टावर पर काम सीख और कर रहा था। बुधवार 15 जुलाई 2026 को रिफाइनरी के पास स्थित एक साइट पर टावर का काम चल रहा था। परिजनों ने आरोप लगाया कि लाइन में हाई-वोल्टेज करंट दौड़ रहा था, लेकिन ठेकेदार और वहां मौजूद अन्य जिम्मेदार व्यक्तियों ने बिजली विभाग से संपर्क कर लाइन का शटडाउन (बिजली आपूर्ति बंद) नहीं करवाया। इसी लापरवाही के चलते जैसे ही मोहित टावर पर ऊपर पहुंचा, वह करंट की चपेट में आ गया और झुलसने के कारण मौके पर ही उसकी मौत हो गई। 10 दिन बाद होनी थी विदेश जाने के दस्तावेजों की वेरिफिकेशन इस हादसे के बाद मोहित के घर में कोहराम मच गया है। वह दो भाइयों में सबसे छोटा था और अपने उज्ज्वल भविष्य के लिए विदेश जाने के सपने देख रहा था। परिजनों ने रोते हुए बताया कि मोहित की विदेश जाने की पूरी फाइल तैयार हो चुकी थी और आगामी 10 दिनों के भीतर ही उसके सभी जरूरी दस्तावेजों की फाइनल वेरिफिकेशन (सत्यापन) होनी थी। लेकिन उसकी फाइल पूरी होने से पहले ही लापरवाही ने उसकी जान ले ली। लापरवाही के खिलाफ केस दर्ज करने की मांग हादसे की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को अपने कब्जे में लिया और पानीपत के नागरिक अस्पताल के शवगृह में पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। मृतक के परिजनों ने पुलिस प्रशासन से गुहार लगाई है कि सुरक्षा मानकों को ताक पर रखकर बिना शटडाउन काम कराने वाले ठेकेदार बल्लेराम और संबंधित बिजली निगम के दोषी कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए और उनके खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया जाए। पुलिस ने परिजनों की शिकायत के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद आगामी कार्रवाई की बात कही है।
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पानीपत में करंट लगने से युवक की मौत:रिफाइनरी के पास टावर पर काम करते समय हादसा, 10 दिन बाद जाना था विदेश
