पानीपत में एक उद्योगपति की कंपनी में लाखों रुपए की धोखाधड़ी और गबन का मामला सामने आया है। आरोप है कि कंपनी के ही एक पूर्व कर्मचारी ने अपनी पत्नी के साथ मिलकर जाली दस्तावेज और फर्जी बिल तैयार कर कंपनी को 5 लाख 35 हजार 108 रुपए का वित्तीय नुकसान पहुंचाया। इतना ही नहीं, मामले को रफा-दफा करने के लिए आरोपियों द्वारा दिए गए कई चेक भी बैंक में बाउंस हो गए। थाना सेक्टर-29 पुलिस द्वारा कोई ठोस कार्रवाई न किए जाने के बाद पीड़ित उद्यमी ने न्याय के लिए सीधे SP को लिखित शिकायत सौंपकर कानूनी कार्रवाई की गुहार लगाई है। सस्ते रेट पर सिलाई मशीनें दिलवाने के नाम पर बनाया फर्जी बिल एसपी को दी गई शिकायत में मॉडल टाउन निवासी गौतम विज ने बताया कि उन्होंने सेक्टर-29 में रोजेट प्राइवेट लिमिटेड के नाम से डोर मैट और कारपेट बनाने की फैक्ट्री लगा रखी है। करीब एक साल पहले उनकी फैक्ट्री में मोहित राना निवासी टीडीआई सिटी सिलाई मशीनों की खरीदारी और ठेकेदार के मजदूरों के भुगतान का काम संभालता था। जनवरी 2025 में फैक्ट्री के लिए सिलाई मशीनों की जरूरत पड़ने पर मोहित ने बाजार से सस्ते रेट में मशीनें दिलवाने का झांसा दिया। उसने शर्मा सिलाई मशीन से कुल 2 लाख 91 हजार 60 रुपए के पार्ट्स और मशीनें कंपनी के नाम पर खरीदीं। लेकिन, जालसाजी करते हुए मोहित ने अपनी पत्नी गीता के नाम पर बनी फर्म गीता सिलाई सेंटर का 3 लाख 35 हजार 108 रुपए का फर्जी बिल तैयार कर कंपनी में लगा दिया और अलग-अलग तारीखों में यह पूरी रकम अपनी पत्नी के खाते में ट्रांसफर करवा ली। न सप्लायर को पैसे दिए, न कंपनी को लौटाए धोखाधड़ी का खुलासा तब हुआ जब सप्लायर शर्मा सिलाई मशीन के मालिक अशोक शर्मा अपनी बकाया पेमेंट 2 लाख 91 हजार 60 रुपए लेने रोजेट कंपनी पहुंचे। जब खातों का मिलान किया गया तो पता चला कि मोहित और उसकी पत्नी ने न तो सप्लायर को भुगतान किया था और न ही कंपनी को सच बताया था। जांच में यह भी सामने आया कि इस फर्जी बिल के अलावा मोहित राणा ने कंपनी के खातों से 2 लाख रुपए का अतिरिक्त गबन भी किया हुआ था। इस प्रकार आरोपियों ने मिलकर कुल 5 लाख 35 हजार 108 रुपए की चपत कंपनी को लगाई। लिखित में गलती मानने के बाद भी 5 चेक बाउंस हुए पीड़ित गौतम विज ने बताया कि इस संबंध में पहले सेक्टर-29 थाने में शिकायत दी गई थी, जहां 14 जुलाई 2025 को आरोपी मोहित राना ने लिखित में अपनी गलती स्वीकार की थी और माना था कि 2 लाख रुपए उसके पास धोखे से आए थे, जिन्हें वह एक हफ्ते में लौटा देगा। इसके एवज में उसने 2 लाख रुपए का एक चेक दिया जो बाउंस हो गया। बाद में अपनी देनदारी किश्तों में चुकाने के लिए मोहित ने अपनी पत्नी गीता के खाते के 50-50 हजार रुपए के 4 अन्य चेक (कुल 2 लाख रुपए) और दिए, लेकिन वे सभी चेक भी बैंक में बाउंस हो गए। चेक बाउंस होने के बाद आरोपी गीता के खिलाफ कोर्ट में केस भी लंबित है।
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पानीपत की फैक्ट्री में गबन करने वाले दंपती पर FIR:पूर्व कर्मचारी ने पत्नी संग बनाए फर्जी बिल; सप्लायर का पेमेंट भी नहीं किया
