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पठानकोट में घरेलू विवाद में महिला ने पिया फिनायल:ससुराल पक्ष पर प्रताड़ना और घर से निकालने का आरोप, अस्पताल में हालत नाजुक




पठानकोट के अंतर्गत आते गाँव कोठे मनवाल में एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। यहाँ करीब 40 वर्षीय एक विधवा महिला ने ससुराल पक्ष की कथित प्रताड़ना और बेदखली से तंग आकर फिनायल (जहरीला पदार्थ) पीकर अपनी जीवनलीला समाप्त करने का प्रयास किया। महिला को बेहद गंभीर हालत में इलाज के लिए सिविल अस्पताल पठानकोट में भर्ती कराया गया है, जहाँ डॉक्टरों की देखरेख में उनका उपचार चल रहा है। फिलहाल, अस्पताल प्रशासन ने इस घटना की सूचना स्थानीय पुलिस को दे दी है। पुलिस का कहना है कि महिला अभी उपचाराधीन है, डॉक्टरों से हरी झंडी मिलने के बाद महिला के आधिकारिक बयान दर्ज किए जाएंगे और जांच के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। “पति की मौत के बाद घर से निकाला, बच्चों के साथ अलग रहने को हूँ मजबूर” — पीड़िता सिविल अस्पताल में उपचाराधीन पीड़िता सुमन लता ने रोते हुए अपने ससुराल पक्ष पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। सुमन लता ने बताया कि उनके पति की मृत्यु हो चुकी है और पति के निधन के बाद से ही ससुराल के लोग उन्हें लगातार मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित कर रहे हैं। महिला का आरोप है कि उन्हें ससुराल के घर में रहने नहीं दिया जा रहा है, जिसके कारण वह अपने दो मासूम बच्चों के साथ अलग रहने को मजबूर हैं। पीड़िता ने प्रशासन से न्याय की गुहार लगाते हुए मांग की है कि उन्हें ससुराल के घर में उनका कानूनी हिस्सा दिलाया जाए, ताकि वह अपने बच्चों के साथ सम्मानपूर्वक और सुरक्षित जीवन यापन कर सकें। भाई ने कहा: ड्यूटी से लौटा तो मिली बहन द्वारा जहर निगलने की खबर महिला के भाई देसराज ने बताया कि जब वह अपनी ड्यूटी खत्म करके घर लौटे, तो उनकी बड़ी बहन का फोन आया कि सुमन लता ने कोई जहरीला पदार्थ निगल लिया है और उसे गंभीर हालत में पठानकोट के सिविल अस्पताल ले जाया गया है। देसराज ने अस्पताल पहुंचकर जानकारी साझा की कि घर में किसी बात को लेकर पुराना विवाद चल रहा था। उन्होंने बताया कि सुमन लता बुटीक (कपड़े सिलने) का काम करके जैसे-तैसे अपने बच्चों का पेट पालती है और उसके दोनों बच्चे फिलहाल उन्हीं के पास रहते हैं। भाई देसराज ने अपनी बहन की सास पर जबरन घर से बाहर निकालने का सीधा आरोप मढ़ा है। सास ने आरोपों को नकारा, कहा— “सारे आरोप बेबुनियाद” वहीं दूसरी ओर, इस पूरे मामले पर दूसरा पक्ष भी सामने आया है। महिला की सास पुष्पा देवी ने अपनी बहू और उसके मायके वालों द्वारा लगाए गए सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए उन्हें पूरी तरह बेबुनियाद और झूठा बताया है। सास पुष्पा देवी का कहना है कि उनकी तरफ से बहू को किसी भी प्रकार से तंग, परेशान या प्रताड़ित नहीं किया जाता है और न ही उन्होंने उसे घर से निकाला है।पंचायत सदस्य का बयान: कमरे को ताला लगाने के विवाद में उठाया कदम कमरे में ताला लगाने को लेकर हुआ था विवाद इस मामले में गाँव के पंचायत सदस्य राजेश ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है। पंचायत सदस्य राजेश के अनुसार, असल विवाद घर के एक कमरे को ताला लगाने को लेकर शुरू हुआ था। इसी बहसबाजी के बीच बहू सुमन लता ने अचानक तैश में आकर घर में रखी फिनायल की बोतल उठा ली और उसे पी लिया उनका कहना है कि मैंने परिवार में पहले कभी इस तरह का कोई बड़ा झगड़ा नहीं देखा। घटना वाले दिन मैं खुद मौके पर मौजूद था और बहू व सास के बीच जो भी बातचीत हो रही थी, वह पुलिस की मौजूदगी में शांतिपूर्वक हो रही थी।”



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