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पंजाब में DSP ने JE को झूठे केस में फंसाया,FIR:कार में यूरिया का पैकेट रखा, साथियों की मदद से तलाशी लेकर उसे ड्रग्स बताया




पंजाब पुलिस के DSP ने पावरकॉम के JE को नशा तस्करी के झूठे केस में फंसाने की कोशिश की। DSP के 3 साथियों ने उसकी कार में नशा रख दिया। फिर तलाशी के बहाने DSP को मौके पर बुला लिया। इसके बाद डीएसपी JE को CIA स्टाफ में ले गए। हालांकि जब पता चला कि ये JE है तो केस दर्ज करने की जगह उसे छोड़ दिया गया। हालांकि जेई ने इस पूरी साजिश का पर्दाफाश करने का फैसला किया। अपने स्तर पर जांच कर जेई ने उन 3 लोगों के बारे में पता कर लिया और उनके खिलाफ FIR दर्ज करा दी। जब मामला कोर्ट में गया तो आरोपियों ने कहा कि DSP गुरसेवक सिंह भी इसमें शामिल है। इसके बाद कोर्ट ने फाजिल्का के जलालाबाद में तैनात DSP गुरसेवक सिंह बराड़ पर भी केस दर्ज करने के आदेश दे दिए। सिलसिलेवार ढंग से जानिए फर्जी केस बनाने की कहानी DSP का चेहरा ऐसे बेनकाब हुआ
पुलिस के मुताबिक मामले की जांच के दौरान आरोपियों को अदालत में पेश किया गया। आरोपियों ने अदालत में बयान दिया कि इस घटना में जलालाबाद के डीएसपी गुरसेवक सिंह भी शामिल हैं। उनके कहने पर ही जेई को फंसाया गया था। इसी वजह से बरामदगी के तुरंत बाद वह वहां पहुंच गए। इसके बाद कोर्ट ने 15 जुलाई को आदेश दिया कि DSP गुरसेवक सिंह पर भी केस दर्ज किया जाए। फाजिल्का के सीनियर पुलिस अफसर ने बताया कि केस दर्ज करने के बाद बाकी बातों को लेकर जांच की जा रही है। जानिए, फंसाने की साजिश क्यों की?, कैसे फेल हुई?
जेई अमित कुमार को फंसाने के लिए पूरी साजिश रची गई थी। उनकी पूरी रेकी की गई। कार में यूरिया का पैकेट रख उसे ड्रग्स बताया गया। उसकी बरामदगी भी दिखा दी गई। हालांकि मौके पर जेई के विरोध से सारी गेम पलट गई। माना जा रहा है कि इसमें अमित से मौके पर ही सेटिंग की तैयारी थी ताकि उसे नशे के केस का डर दिखाकर रुपए ऐंठे जा सकें। या फिर लोकल थाने में ले जाकर DSP के प्रभाव से डराया जा सके। हालांकि वहां भीड़ ज्यादा होने और जेई के डरने के बजाय विरोध करने से सारा खेल बिगड़ गया। मौके पर भीड़ उग्र न हो, इसलिए आनन-फानन में जेई को CIA स्टाफ ले जाना पड़ा। वहां मुलाजिमों ने जब पैकेट की जांच की तो यूरिया निकला। इस वजह से जेई को छोड़ दिया गया। ************* ये खबर भी पढ़ें: पंजाब- फरार हत्यारे की जगह चली DSP की फोटो: एक जैसा नाम होने से फंसे मलोट के अफसर; तस्वीर देख रिश्तेदारों के आने लगे फोन पंजाब के चर्चित जसवंत सिंह खालड़ा हत्याकांड के दोषी और पैरोल मिलने के बाद फरार हुए पूर्व डीएसपी जसपाल सिंह के ‘नाम’ का खामियाजा अब मलोट के वर्तमान डीएसपी जसपाल सिंह को भुगतना पड़ रहा है। केवल नाम की समानता के कारण सोशल मीडिया और कई चैनलों पर मलोट के डीएसपी जसपाल सिंह धालीवाल की फोटो को जसवंत सिंह खालड़ा के हत्यारे के रूप में दिखाया जा रहा है। (पढ़ें पूरी खबर)



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