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पंजाब सरकार ने राज्य में सालों से कानूनी मान्यता का इंतजार कर रही करीब 5 हजार गैरकानूनी कॉलोनियों को वैध करने की तैयारी कर ली है। पंजाब अपार्टमेंट एंड प्रॉपर्टी रेगुलेशन (PAPR) नियमों में बदलाव के बाद नई रेगुलराइजेशन पॉलिसी जल्द जारी की जाएगी। सरकार ने डेवलपर्स और रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) को आवेदन करने के लिए 30 सितंबर तक का समय दिया है। नई पॉलिसी का फायदा उन लोगों को मिलेगा, जो लंबे समय से अपनी प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री, बैंक लोन और बिजली-पानी के कनेक्शन जैसी सुविधाओं का इंतजार कर रहे हैं। 7 हजार कॉलोनियों की हुई थी पहचान, 2 हजार पहले ही वैध हो चुकीं सरकारी रिकॉर्ड के मुताबिक, पंजाब में करीब 7 हजार गैरकानूनी कॉलोनियों की पहचान की गई थी। इनमें से करीब 2 हजार कॉलोनियां पहले की पॉलिसी के तहत वैध हो चुकी हैं। बाकी कॉलोनियों के आवेदन जमीन के मालिकाना हक, रेवेन्यू रिकॉर्ड, नक्शे और अन्य दस्तावेजों की कमी के कारण खारिज हो गए थे। सरकार का कहना है कि पिछली पॉलिसियों से मिली कमियों को दूर करते हुए इस बार प्रक्रिया को आसान बनाया गया है। इससे पहले 2013, 2016 और 2018 में भी कॉलोनियों को वैध करने के लिए पॉलिसियां लाई गई थीं, लेकिन उनका अपेक्षित लाभ नहीं मिल पाया। कौन सी कॉलोनियां होंगी वैध नई पॉलिसी के तहत जिन कॉलोनियों में कम से कम 25% विकास कार्य हो चुका है, वे आवेदन कर सकेंगी। मास्टर प्लान में कृषि भूमि के तौर पर दर्ज इलाकों में बनी कॉलोनियों को भी राहत दी जाएगी। हालांकि, GMADA रीजनल प्लान के तहत आने वाली कॉलोनियां इसमें शामिल नहीं होंगी। जिन कॉलोनियों के आवेदन पहले तकनीकी कारणों से खारिज हो गए थे, उन्हें भी दोबारा आवेदन करने का मौका मिलेगा। कॉलोनी में कम से कम 20 फीट चौड़ी सड़क होना जरूरी होगा। वहीं, 50 से 239.2 वर्ग गज तक के प्लॉट इस पॉलिसी के दायरे में आएंगे। RWA भी कर सकेगी आवेदन अब प्लॉट मालिकों की सुविधा के लिए रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) को भी पूरी कॉलोनी की तरफ से आवेदन करने की अनुमति होगी। हालांकि, इसके लिए सभी जरूरी कानूनी मंजूरियां और संबंधित विभागों से NOC लेना जरूरी होगा। कॉलोनी को वैध करने और कंपाउंडिंग की फीस इलाके के मौजूदा कलेक्टर रेट के आधार पर तय की जाएगी। 30 दिन में मिलेगा अस्थायी सर्टिफिकेट आवेदन मिलने के 30 दिनों के भीतर प्रशासन आवेदक को अस्थायी रेगुलराइजेशन सर्टिफिकेट जारी करेगा। इसके बाद तय फीस जमा करने पर प्लॉट मालिक को स्थायी रेगुलराइजेशन सर्टिफिकेट मिल जाएगा। सर्टिफिकेट मिलने के बाद लोग अपनी प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री करा सकेंगे। इसके अलावा बैंक से लोन लेने, मकान का नक्शा पास कराने और बिजली-पानी के सरकारी कनेक्शन लेने का रास्ता भी साफ हो जाएगा। कोर्ट केस चलने पर भी कंपाउंडिंग का मौका मुख्यमंत्री भगवंत मान की अध्यक्षता में 3 जुलाई को हुई पंजाब कैबिनेट की बैठक में PAPR नियमों के रूल 31 में बदलाव को मंजूरी दी गई थी। इसके तहत अगर किसी डेवलपर या प्रमोटर के खिलाफ गैरकानूनी कॉलोनी काटने का केस कोर्ट में चल रहा है, तो वह मुकदमा शुरू होने से पहले या कोर्ट की कार्रवाई के दौरान भी कंपाउंडिंग के लिए आवेदन कर सकेगा।
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पंजाब में 5 हजार गैरकानूनी कॉलोनियां होंगी वैध:सरकार जल्द जारी करेगी नई पॉलिसी; डेवलपर्स और RWA को 30 सितंबर तक का समय







