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विजेता दहिया बोले-वॉलंटियर्स पीटे, अब मेरी अरेस्टिंग कभी भी:सोनम वांगचुक सर को किडनैप कर ले गए पुलिस वाले, मैं हरियाणवी हूं, डरता नहीं




पुलिस के यहां बहुत सारे लोग आए, वो प्लेन क्लोथ्स (सादी वर्दी) में थे। उन्होंने आते ही वॉलंटियर्स के साथ धक्का-मुक्की की। एक के पैर पे चोट लगी तो दूसरे की टीशर्ट्स फट गई। हमारे वॉलंटियर्स बेचारे कुछ कर नहीं सके, उनको घूंसे और लातें भी मारे पुलिस वालों ने, और फिर वो सर (सोनम वांगचुक) तक पहुंचे और उनको एक वाइट चद्दर में लपेट के पहले थोड़ा घसीटा, फिर उठाकर ले गए। एक तरीके से उनकी किडनैपिंग हुई। ये कहना है CJP के प्रवक्ता विजेता दहिया का। उन्होंने बताया 21 दिन से आमरण अनशन पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को दिल्ली पुलिस ने शनिवार तड़के सुबह जबरन उठा लिया। हाई वोल्टेज ड्रामे के बीच पुलिस वांगचुक को सफदरजंग अस्पताल ले गई। दिल्ली पुलिस की इस कार्रवाई से नाराज हरियाणा के सोनीपत के विजेता दहिया ने इसे ‘लोकतंत्र के लिए काला दिन’ करार दिया है। उन्होंने सीधे तौर पर बीजेपी सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पुलिस ने गुंडों की तरह बर्ताव किया और वांगचुक को किडनैप कर ले गई। जंतर-मंतर पर दैनिक भास्कर टीम से हुई बातचीत में विजेता दहिया ने आशंका जताई कि अब पुलिस उन्हें और अन्य पार्टी कार्यकर्ताओं को कभी भी अरेस्ट कर सकती है। मगर, हरियाणवी डरते नहीं हैं। पढ़िए पूरी बातचीत… भास्कर टीम: शनिवार को जंतर-मंतर पर क्या हुआ?
विजेता दहिया: NEET पेपर लीक और शिक्षा तंत्र की खामियों के खिलाफ जंतर-मंतर पर CJP (कॉकरोच जनता पार्टी) का प्रोटेस्ट चल रहा है। शनिवार को जो हुआ, वो भारत के लोकतंत्र के लिए काला दिन था। सुबह पुलिस वालों ने निहत्थे वॉलंटियर्स के साथ धक्का-मुक्की की और लात-घूंसे मारे। जब सोनम जी अपना अनशन नहीं तोड़ना चाहते थे, तो क्यों जबरदस्ती की जा रही है। भास्कर टीम: अभी वांगचुक कहां है और उनकी मांग क्या?
विजेता दहिया: उनको सफदरजंग हॉस्पिटल में जबरदस्ती डिटेन किया हुआ है। जब वो भूख हड़ताल नहीं तोड़ना चाहते, तो आप क्यों फालतू कोशिश कर रहे हैं? अगर सरकार को इतनी ही चिंता है उनकी, तो जो चीज डिमांड कर रहे हैं आप उनकी बात सुन लीजिए। वो यही तो कह रहे थे कि आप एक बार बात तो कर लो। वह अपने लिए नहीं देश की जनता और युवाओं के लिए लड़ रहे हैं। भास्कर टीम: वांगचुक को यहां से हटाने के बाद आगे क्या होगा? विजेता दहिया: अभी ये आशंका बनी हुई है या यू कहे कि यह कभी भी हो सकता है कि हमें डिटेन कर लिया जाए। हम गिरफ्तारी से नहीं डरते। हमें गिरफ्तार करना है तो आओ गिरफ्तार कर लो। भास्कर टीम: अभी कौन-कौन अनशन पर बैठे हैं? विजेता दहिया: बाकी पहले से जो लोग थे… नेहा, मनीष, आमिन ये तो हैं ही। एक बहादुर सिंह हैं वहां पर और आज अभिजीत दीपके ने भी जॉइन कर लिया हैं। भास्कर टीम: दुष्यंत-दिग्विजय चौटाला भी आए थे यहां? विजेता दहिया: संसद मार्च के लिए हरियाणा से भी काफी लोग आ रहे हैं, क्योंकि अगर उसूलों पर आंच आएगी तो बोलना जरूरी है। हरियाणा में तो हम ऐसे कहते हैं कि भाई वीरों की भूमि है, हम किसी से डरते नहीं हैं। पेपर लीक के विरोध में हम सभी को एक साथ खड़ा होना होगा। यहां पर देखिए उन बच्चों की फोटो लगी हुई है जिन्होंने पेपर लीक के बाद सुसाइड कर लिया। मगर सरकार को कोई मतलब नहीं है। प्रधानमंत्री मोदी विदेश में जाकर मेलोडी- मेलोडी कर रहे थे। भास्कर टीम: लोगों की भीड़ बढ़ी है या इसमें कमी आई है? विजेता दहिया: जब हम 20 जून को यहां पर आए तब पहले कुछ दिनों तक काफी भीड़ थी, फिर थोड़ी कम हुई, फिर सोनम सर आए तो भीड़ बढ़ गई, फिर थोड़ी कम हुई, तो ऐसे ऊपर नीचे चलता रहता है। पिछले तीन-चार दिन से ही काफी ज्यादा मोमेंटम ये पकड़ रहा था और आज तो मतलब एकदम से बहुत ज्यादा ऊपर चला गया। भास्कर टीम: हरियाणा में मोदी जी ने हाइड्रोजन ट्रेन का उद्घाटन किया? विजेता दहिया: ये कभी कहते हैं स्पेस टेक्नोलॉजी से रोड बनाएंगे, कभी वो नाले की गैस से चाय बनाएंगे। कभी बादलों से रडार को रोक देंगे। मगर जमीनी हकीकत ये है कि हरियाणा में कितने सरकारी स्कूल बंद हो रहे हैं, ओवरऑल पूरे देश में ही हो रहे हैं। पिछले 10 साल में 94,000 के आसपास स्कूल्स बंद हो चुके। सरकार को सबसे पहले शिक्षा व्यवस्था पर जोर देना चाहिए और इसे बेहतर बनाने के लिए काम करना चाहिए। ऐसी-ऐसी सिचुएशन हमने सुनी है कि डेड बॉडी को चूहों ने कुतर दिया, सरकार को बेसिक चीजों पर ध्यान देना चाहिए। क्या है पूरा मामला? मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत द्वारा बेरोजगार युवाओं को ‘कॉकरोच’ कहे जाने के विरोध में 16 मई 2026 को कॉकरोच जनता पार्टी की डिजिटल शुरुआत हुई थी। 6 जून 2026 से इसका जमीनी प्रदर्शन शुरू हुआ, जो मुख्य रूप से NEET-UG पेपर लीक और परीक्षाओं में धांधली के खिलाफ शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहा है। शिक्षाविद और साइंटिस्ट सोनम वांगचुक भी छात्रों के अधिकारों के समर्थन में खुद को “मानद कॉकरोच” बताकर 28 जून से जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठ गए थे। 21 दिनों के उपवास के कारण वांगचुक का स्वास्थ्य गंभीर रूप से बिगड़ा और 9.5 किलो वजन घट गया। इसके बाद 18 जुलाई को दिल्ली पुलिस ने उन्हें जबरन हटाकर सफदरजंग अस्पताल में भर्ती करा दिया। उनकी पत्नी ने इसे ‘अवैध हिरासत’ बताते हुए दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया है। हरियाणा के रहने वाले हैं विजेता दहिया विजेता दहिया हरियाणा के सोनीपत जिले के रहने वाले हैं। इंजीनियरिंग के बाद विदेश मंत्रालय में एसएससी-सीजीएल (SSC-CGL) के जरिये नौकरी की। सिस्टम से मोहभंग होने पर सरकारी नौकरी छोड़ दी और ‘भाड़ में जाए वो नौकरी’ नाम की चर्चित किताब लिखी। वे यूट्यूबर ध्रुव राठी के लिए रिसर्च और स्क्रिप्ट राइटिंग का काम भी कर चुके हैं और अब CJP मूवमेंट का प्रमुख चेहरा हैं। बोले- डर गए तो समझो मर गए
भास्कर टीम से बातचीत के अंत दहिया ने तीखे तेवर में कहा कि आज देश में हर इंसान असुरक्षित है, चाहे वो अस्पताल हो, सड़क हो या ट्रेन। उन्होंने दो टूक कहा, “हम डरने वाले नहीं हैं, अगर मुझे भी गिरफ्तार करना है तो कर लें। मैं यहीं जंतर-मंतर पर बैठा हूं”। अपनी बात के अंत में उन्होंने मशहूर शायर फैज़ अहमद फैज़ की नज़्म – “बोल के लब आज़ाद हैं तेरे….” का जिक्र करते हुए युवाओं से हक की आवाज बुलंद करने की अपील की। ———————— ये खबर भी पढ़ें… यूट्यूबर ध्रुव राठी का साथी कॉकरोच जनता पार्टी का प्रवक्ता:विदेश मंत्रालय में नौकरी की, फिल्में बना चुके; पढ़िए सोनीपत के विजेता दहिया की कहानी कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) इन दिनों देशभर में चर्चा का विषय बनी हुई है। इस पार्टी की कोर टीम में शामिल सोनीपत के विजेता दहिया की कहानी भी काफी दिलचस्प है। विजेता CJP के तीन प्रवक्ताओं में से एक हैं। उन्होंने दिल्ली से इंजीनियरिंग की, विदेश मंत्रालय में नौकरी की, फिर उसे छोड़कर हरियाणवी फिल्में, लेखन और कंटेंट क्रिएशन की राह चुनी। (पूरी खबर पढ़ें)



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