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पंजाब में नशा मुक्ति के लिए स्टेट लेवल अभियान शुरू:3 चरणों में चलेगा कार्यक्रम, नशा छोड़ने वाले युवकों को रोजगार से जोड़ेगा प्रशासन




पंजाब राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण ने जेलों में बंद युवाओं को नशामुक्त करने के लिए राज्य स्तरीय अभियान शुरू किया है। ये अभियान 3 चरणों में होगा। नशा करने वाले युवकों का नशा मुक्ति केंद्रों में इलाज करवाया जाएगा। इसके बाद उनको योग व उनके अनुसार क्रिएटिव एक्टिविटी से जोड़ा जाएगा।
नशा छोड़ने वाले युवकों की पहचान गुप्त रखी जाएगी और सरकार की तरफ से उनको रोजगार से जोड़ने में भी मदद की जाएगी। युवाओं के कल्याण और सामाजिक विकास के लिए राज्य स्तरीय पहल का शुरुआत 18 जुलाई को भारत के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश तथा उच्च न्यायालय के अन्य न्यायाधीशों की उपस्थिति में की गई।
अभियान काउद्देश्य नशे से घिरे युवाओं को पुनर्वास प्रदान करना, नशे की रोकथाम, उपचार तक पहुंच सुनिश्चित करना तथा प्रभावित व्यक्तियों की लंबे समय तक केयर करना है ताकि वे स्वस्थ, प्रोडक्टिव और नशा-मुक्त जीवन जी सकें। पंजाब की सभी जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSAs) इस अभियान को 18 जुलाई 2026 से 31 अक्टूबर 2026 तक मिशन मोड में लागू करेंगे।
अभियान के अंतर्गत नशे की लत से पीड़ित जेलों में बंद कैदियों को सहायता प्रदान करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, ताकि वे नशे से मुक्त होकर सम्मानपूर्वक अपना जीवन नए सिरे से शुरू कर सकें।
इस पहल की सफलता के लिए विधिक सेवा संस्थानों, स्वास्थ्य विभाग, जेल विभाग, शैक्षणिक संस्थानों, कौशल विकास एजेंसियों, कानून लागू करने वाली एजेंसियों, सामाजिक संस्थाओं, अभिभावकों तथा समाज के प्रमुख प्रतिनिधियों को जोड़ा गया है। तीन चरणों में चलेगा युवाओं को नशा मुक्त करने का अभियान
पहला चरण 18 जुलाई से 31 जुलाई 2026 तक चलेगा, जिसमें तैयारियां, क्षमता निर्माण, जिला स्तर पर मैपिंग तथा संवेदनशील क्षेत्रों एवं प्रभावित व्यक्तियों की पहचान की जाएगी। इसके बाद 1 सितंबर से 30 सितंबर 2026 तक परामर्श, रेफरल एवं पुनर्वास का चरण होगा। इस दौरान जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त नशा मुक्ति केंद्रों में इलाज के लिए रेफरल की सुविधा उपलब्ध कराएंगे। अभियान का अंतिम चरण 1 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2026 तक चलेगा, जिसमें इलाज के बाद पुनर्वास को प्राथमिकता दी जाएगी। इस दौरान नशा मुक्त हुए युवाओं को शैक्षणिक संस्थानों, व्यावसायिक प्रशिक्षण कार्यक्रमों, कौशल विकास पहलों, रोजगार के अवसरों तथा खेल एवं योग जैसी रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ा जाएगा ताकि वे दोबारा नशे की तरफ न लौटें।



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