पंचकूला साइबर क्राइम थाना टीम ने 80 लाख रुपए की साइबर ठगी के मामले में तीसरे आरोपी रंजारला रामूलू को तेलंगाना से गिरफ्तार किया है। आरोपी के बैंक खाते से देशभर में करीब 5 करोड़ 47 लाख रुपए के संदिग्ध साइबर फ्रॉड लेनदेन का पता चला है। उसके खिलाफ 18 शिकायतें दर्ज हैं। इस मामले में पुलिस पहले ही दो अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। इनमें मैनपुरी, उत्तर प्रदेश निवासी सौरभ कुमार और हैदराबाद, तेलंगाना निवासी पाथुकर मुरली कृष्ण शामिल हैं। बुजुर्ग कई दिन तक डिजिटल अरेस्ट किया साइबर थाना प्रभारी युद्धवीर सिंह ने बताया कि पिंजौर निवासी 70 वर्षीय बुजुर्ग की शिकायत पर 19 जनवरी 2026 को भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था। जालसाजों ने खुद को ट्राई और सीबीआई का फर्जी अधिकारी बताकर व्हाट्सएप वीडियो कॉल के जरिए बुजुर्ग को झांसा दिया। उन्होंने बताया कि बुजुर्ग के नाम से जारी सिम कार्ड का उपयोग बड़े अपराध में हुआ है और उनके खाते में 2 करोड़ रुपए का अवैध लेनदेन हुआ है। महाराष्ट्र पुलिस का लेटर दिखाकर धमकाया आरोपियों ने महाराष्ट्र पुलिस का फर्जी लोगो लगा लेटर दिखाकर बुजुर्ग को जेल भेजने की धमकी दी और कई दिनों तक डिजिटल अरेस्ट रखा। इसके बाद बैंक खातों की जांच और पैसे वापस करने का झांसा देकर बुजुर्ग से कुल 80 लाख 09 हजार 500 रुपए अपने खातों में ट्रांसफर करवा लिए। डीसीपी क्राइम एंड ट्रैफिक अमरिंदर सिंह ने बताया कि जांच के दौरान साइबर पुलिस ने पहले सौरभ और मुरली कृष्ण को गिरफ्तार किया। मुरली कृष्ण से मिली जानकारी के आधार पर तीसरे आरोपी रंजारला रामूलू को 22 जून को तेलंगाना के निजामाबाद जिले से पकड़ा गया। बैंक में फर्जी कंपनी का खाता खुलवाया पूछताछ में आरोपी रामूलू ने स्वीकार किया कि उसने अपने साथियों के साथ मिलकर फर्जी कंपनी का खाता खुलवाया था, ताकि ठगी की रकम उसमें मंगवाई जा सके। तेलंगाना कोर्ट से 4 दिन का ट्रांजिट रिमांड हासिल करने के बाद पंचकूला पुलिस ने आरोपी से पूछताछ की। रिमांड अवधि समाप्त होने पर उसे अदालत के आदेशानुसार न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। मामले की जांच एएसआई रविंद्र कर रहे हैं।
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पंचकूला में 80 लाख ठगने वाला अरेस्ट:तेलंगाना से पकड़कर लाई पुलिस, फर्जी CBI अफसर बनकर बुजुर्ग को किया था डिजिटल अरेस्ट
