नयागांव थाना क्षेत्र में 18 वर्षीय युवक करनप्रीत सिंह की बेरहमी से हत्या के मामले में मोहाली पुलिस ने नाबालिग सहित 6 आरोपियों को अरेस्ट किया है। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए पंजाब छोड़कर उत्तराखंड भाग गए थे, लेकिन मोहाली पुलिस की विशेष टीमों ने करीब 400 किलोमीटर तक पीछा कर उन्हें दबोच लिया। इस मामले में अब तक नाबालिग समेत 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। वहीं, हमले में गंभीर रूप से घायल हरप्रीत सिंह (25) का इलाज चंडीगढ़ स्थित PGI में चल रहा है, जहां उसकी हालत अभी भी नाजुक बनी हुई है। चाकुओं और कृपाणों से किया था हमला पुलिस के अनुसार, 26 जून को सूचना मिली थी कि खुड्डा अली शेर (चंडीगढ़) निवासी करनप्रीत सिंह और उसके दोस्त हरप्रीत सिंह पर नयागांव के शिशु निकेतन स्कूल के पास कुछ युवकों ने घेरकर हमला कर दिया। आरोपियों के हाथों में लाठियां, चाकू और कृपाणें थीं। हमले में दोनों युवक गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उन्हें तुरंत पीजीआई चंडीगढ़ ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान 18 वर्षीय करनप्रीत सिंह ने दम तोड़ दिया। दोनों साथ करते थे नशा दोनों साथ में नशा करते थे। पूर्व एमसी हरमेश कुमार ने बताया था कि नयागांव पुल के पास एक खंडहर बिल्डिंग में लंबे समय से युवकों का जमावड़ा लगा रहता था। सभी यहां नशा करने और बेचने का काम करते थे। गुरुवार देर रात कुछ युवकों के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हुई। विवाद बढ़ने के बाद रात करीब 10:30 बजे हमलावरों ने तलवार और चाकुओं से 2 दोस्तों पर हमला कर दिया। मृतक के भाई के बयान पर दर्ज हुई FIR मृतक करनप्रीत के भाई हरिंदर सिंह के बयान के आधार पर नयागांव पुलिस ने 5 नामजद और 5-6 अज्ञात आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत हत्या और जानलेवा हमले का मामला दर्ज किया। परिजनों के मुताबिक, करनप्रीत 25 जून की रात अपने दोस्त के साथ घर से निकला था। देर रात तक वापस न लौटने पर उसकी तलाश शुरू की गई, जिसके बाद हमला होने की जानकारी सामने आई। ऐसे हुई आरोपियों की गिरफ्तारी पुलिस ने मामले को सुलझाने के लिए कई टीमों का गठन किया और लगातार छापेमारी शुरू की। 26 जून को पहली कार्रवाई में भीतर पुलिस ने एक नाबालिग आरोपी और बबलू नामक युवक को हिरासत में ले लिया। पूछताछ में एक आरोपी नीरज उर्फ अकी बावा का नाम भी सामने आया था, जो अस्पताल में दाखिल था। उसे भी गिरफ्तार कर लिया। जांच के दौरान पता चला कि बाकी आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए उत्तराखंड की ओर फरार हो गए हैं। पुलिस टीमों ने लगातार पीछा करते हुए करीब 400 किलोमीटर दूर से विशाल, संजय और दीपक को 27 जून को गिरफ्तार कर लिया। पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंपा गया शव पुलिस ने करनप्रीत सिंह के शव का पोस्टमार्टम करवाने के बाद अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंप दिया है।पुलिस अधिकारियों का कहना है कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ की जा रही है ताकि हत्या के पीछे की असली वजह और वारदात में शामिल अन्य लोगों की पहचान की जा सके।
Source link
