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निजी हेलीकॉप्टर से करनाल पहुंचे पूर्व सासंद बृजभूषण शरण:पृथ्वीराज चौहान जयंती पर प्रतिमा का अनावरण, मीडिया के सवालों बनाई दूरी




करनाल जिला के औंगद गांव में रविवार को समस्त क्षत्रिय समाज की ओर से आयोजित कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के गोंडा से 6 बार सांसद रहे बृजभूषण शरण सिंह पहुंचे। वे अपने निजी हेलीकॉप्टर से गांव में पहुंचे, जहां समाज के लोगों ने उनका फूल मालाओं और गुलदस्तों से जोरदार स्वागत किया। कार्यक्रम के दौरान जेसीबी पर खड़े होकर लोगों ने पुष्प वर्षा की। इस मौके पर महाराजा पृथ्वीराज चौहान की जयंती मनाई गई और उनकी प्रतिमा का अनावरण किया गया। हेलीकॉप्टर से पहुंचे, लोगों ने किया जोरदार स्वागत
बृजभूषण शरण सिंह के औंगद गांव पहुंचने पर बड़ी संख्या में लोग मौके पर मौजूद रहे। उनके आगमन को लेकर लोगों में खासा उत्साह देखने को मिला। स्वागत के दौरान पारंपरिक तरीके से सम्मान किया गया और कार्यक्रम स्थल पर उत्सव जैसा माहौल बना रहा। युवा पीढ़ी को महापुरुषों से प्रेरणा लेने की सीख
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि महापुरुषों की जयंती इसलिए मनाई जाती है ताकि युवा पीढ़ी उनके जीवन से प्रेरणा ले सके। उन्होंने कहा कि काम और क्रोध पर विजय प्राप्त करके ही कोई व्यक्ति महापुरुष बन सकता है। उन्होंने सम्राट पृथ्वीराज चौहान के शौर्य को नमन करते हुए कहा कि इतिहास में ऐसा दूसरा उदाहरण नहीं मिलता, जहां किसी राजा ने युद्ध हारने और बंदी बनने के बाद भी शब्दभेदी बाण से शत्रु का अंत किया हो। प्रवासी युवाओं की सराहना, मीडिया सवालों से बचते नजर आए
उन्होंने कार्यक्रम के आयोजकों के साथ-साथ विदेश में रह रहे उन युवा प्रवासियों की भी सराहना की, जिन्होंने अपनी संस्कृति और मातृभूमि के प्रति लगाव दिखाते हुए कार्यक्रम को सफल बनाने में योगदान दिया। कार्यक्रम के बाद जब वे मीडिया के सामने आए तो सवालों से बचते नजर आए। अंत में उन्होंने भीषण गर्मी के बावजूद बड़ी संख्या में मौजूद लोगों और कार्यकर्ताओं का आभार जताया। श्याम सिंह राणा बोले- लोभ और लालच से मुक्त होकर करें कर्म
कार्यक्रम में पहुंचे कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि महाराणा प्रताप और पृथ्वीराज चौहान जैसे महान नायकों की जयंती किसी एक क्षेत्र तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि प्रदेश के सभी 23 जिलों को मिलकर इसे मनाना चाहिए। उन्होंने महाभारत और श्रीकृष्ण के उपदेशों का जिक्र करते हुए कहा कि मनुष्य को जीवन में लोभ और लालच से मुक्त होकर निष्काम कर्म करना चाहिए और काम व क्रोध पर विजय पाकर ही महानता हासिल की जा सकती है।



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