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निगम चुनाव में बगावत करने वाले बीजेपी नेताओं पर एक्शन:8 पदाधिकारी 6 साल के लिए निष्कासित; अधिकृत प्रत्याशियों के खिलाफ चुनाव लड़ने पर कार्रवाई




सोनीपत नगर निगम चुनाव के दौरान टिकट बंटवारे के बाद बीजेपी पार्टी के खिलाफ बगावत करने वाले और चुनाव लड़ने वाले 8 पदाधिकारियों को पार्टी से निकाल दिया गया है और 6 साल के लिए निष्कासित किया है।
पार्टी के अधिकृत उम्मीदवारों के खिलाफ निर्दलीय चुनाव लड़ने और कथित तौर पर पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने वाले पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं पर अब सख्त कार्रवाई की गई है। बीजेपी जिला अध्यक्ष अशोक भारद्वाज ने स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि संगठन की मर्यादा से ऊपर कोई नहीं है और अनुशासनहीनता किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसी के चलते कई वार्डों से जुड़े नेताओं को एक साथ छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया गया है, जिससे स्थानीय राजनीति में हलचल तेज हो गई है। संगठन ने दिखाई सख्ती, छह साल के लिए निष्कासन
भारतीय जनता पार्टी के सोनीपत जिला कार्यालय सेक्टर-8 से जारी आधिकारिक पत्र में जिला अध्यक्ष अशोक भारद्वाज ने बताया कि नगर निगम चुनाव के दौरान कुछ पदाधिकारी और कार्यकर्ता पार्टी के अधिकृत प्रत्याशियों के खिलाफ मैदान में उतर गए। जांच में यह भी सामने आया कि ये लोग पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल रहे। इसे गंभीर अनुशासनहीनता मानते हुए पार्टी ने सभी संबंधित व्यक्तियों को तत्काल प्रभाव से छह वर्ष के लिए निष्कासित कर दिया है। इन वार्डों से जुड़े नेताओं पर गिरी गाज
कार्रवाई की जद में आने वालों में वार्ड नंबर 13 से मुकेश बत्रा, जो ‘मन की बात’ कार्यक्रम के सह-संयोजक रहे हैं, शामिल हैं। वार्ड 20 से किरण बाला, जो जिला कार्यकारिणी सदस्य रह चुकी हैं, पर भी कार्रवाई की गई है। इसके अलावा वार्ड 12 से राजेंद्र पाल सिंह, वार्ड 15 से पवन तनेजा, वार्ड 22 से जोगिंदर प्रजापत, वार्ड 8 से पुनीत राई, वार्ड 13 से दीपक चावला और वार्ड 20 से ब्रह्मजीत सिंह को भी निष्कासित किया गया है। ये सभी किसी न किसी रूप में पार्टी संगठन में जिम्मेदारी निभा चुके हैं।
पार्टी लाइन से हटकर चुनाव लड़ना पड़ा भारी
बीजेपी के जिला अध्यक्ष अशोक भारद्वाज का का कहना है कि पार्षद पद के लिए चुनाव लड़ने वाले इन नेताओं ने पार्टी के अधिकृत प्रत्याशियों के खिलाफ निर्दलीय चुनाव लड़कर संगठन को नुकसान पहुंचाने का काम किया। पार्टी के अनुसार यह कदम न केवल अनुशासनहीनता है, बल्कि संगठन की रीति-नीति और विचारधारा के भी खिलाफ है। जिला अध्यक्ष का बयान
जिला अध्यक्ष अशोक भारद्वाज ने दो टूक कहा कि भारतीय जनता पार्टी में संगठन सर्वोपरि है और कोई भी व्यक्ति पार्टी से बड़ा नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी यदि कोई कार्यकर्ता या पदाधिकारी पार्टी के निर्णयों के खिलाफ जाता है, तो उसके खिलाफ इसी तरह की सख्त कार्रवाई की जाएगी। स्थानीय राजनीति में बढ़ी हलचल
इस बड़े निष्कासन के बाद सोनीपत की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। माना जा रहा है कि इस फैसले का असर नगर निगम चुनाव के परिणामों और पार्टी की आंतरिक एकजुटता पर भी पड़ सकता है। वहीं, अन्य कार्यकर्ताओं के लिए यह कार्रवाई एक स्पष्ट संदेश के तौर पर देखी जा रही है कि पार्टी अनुशासन से समझौता नहीं करेगी।



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