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नारनौंद के रामकुमार हत्याकांड में 5 दोषियों को उम्रकैद:1.20 लाख रुपए जुर्माना, 11 आरोपी बरी; 6 साल पहले हुआ था विवाद




हांसी जिले के नारनौंद में करीब 6 साल पुराने नारनौंद हत्याकांड में जिला एवं सत्र न्यायाधीश अल्का मलिक की कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाते हुए एक नाबालिग समेत पांच आरोपियों को हत्या का दोषी करार दिया है। कोर्ट ने सभी दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाने के साथ प्रत्येक पर एक लाख 20 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है। वहीं मुख्य आरोपी राहुल पर हथियार का प्रयोग करने के कारण 10 हजार रुपए का अतिरिक्त जुर्माना भी लगाया गया। दूसरी ओर, साक्ष्यों के अभाव में 11 आरोपियों को बरी कर दिया गया। सजा पाने वालों में नारनौंद निवासी राहुल, विशाल, बालकिशन, जिंदल तथा वारदात के समय नाबालिग रहा एक आरोपी शामिल है। कोर्ट ने गीता, रितु, कमलेश, बंटी, नसीब, देवराज, कन्हैया, बलराज, सुरेश, अमन और राजकुमार को आरोपों से बरी कर दिया। कोर्ट ने माना दोषी, नाबालिग अब 23 साल का हुआ कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि दोषी नाबालिग अब 23 वर्ष का हो चुका है। ऐसे में प्रोबेशन अधिकारी अथवा डिस्ट्रिक्ट चाइल्ड प्रोटेक्शन यूनिट उसके आचरण और सुधार का फॉलो-अप करेगी तथा जुवेनाइल जस्टिस एक्ट की धारा-20 के तहत उसकी रिहाई की संभावनाओं का आकलन करेगी। 6 साल पहले हुआ था खूनी संघर्ष मामला सितंबर 2020 में नारनौंद कस्बे में हुए खूनी संघर्ष से जुड़ा है। मृतक रामकुमार के भाई राममेहर ने पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि शाम के समय उनके बेटे विशाल का फायर ब्रिगेड के पास प्रमोद और राहुल के साथ मामूली विवाद हुआ था। 20 से ज्यादा लोगों ने किया था हमला इसी रंजिश में रात करीब साढ़े सात बजे 20 से अधिक लोग लाठी, डंडे, गंडासी और चाकू जैसे हथियार लेकर उनके घर पहुंच गए। शिकायत के अनुसार हमलावरों ने रामकुमार को घर से बाहर खींचकर गली में ले जाकर बेरहमी से हमला किया। बीच-बचाव करने पहुंचे हरिचंद, कर्मबीर उर्फ करमु, सचिन उर्फ सोमनाथ और बाला को भी गंभीर रूप से घायल कर दिया गया। आरोप था कि विशाल ने रामकुमार के पेट में चाकू से वार किया, जबकि प्रमोद और बालकिशन उर्फ मंगत ने गंडासी से उसके सिर पर हमला किया।



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