चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड (CHB) फ्लैटों के बकायेदार अलॉटियों को बड़ी राहत देने की तैयारी कर रहा है। सालों से किराया और अन्य बकाया राशि जमा नहीं कराने वाले अलॉटियों के लिए बोर्ड जल्द ही वन टाइम सेटलमेंट स्कीम शुरू कर सकता है। इस योजना के तहत डिफॉल्टर अलॉटियों को अपना बकाया जमा कराने का एक और मौका मिलेगा। सीएचबी बकायेदार अलॉटियों और उन पर लंबित राशि का पूरा रिकॉर्ड तैयार कर रहा है। बोर्ड के आंकड़ों के अनुसार, करीब 16 हजार अलॉटियों पर लगभग 90 करोड़ रुपए बकाया हैं। यह राशि कई वर्षों से जमा नहीं हुई है। अधिकारियों का मानना है कि अगर यह बकाया राशि वसूल हो जाती है तो आर्थिक संकट से जूझ रहे सीएचबी की वित्तीय स्थिति में सुधार आ सकता है। सीएचबी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) भी अलॉटियों को राहत देने के पक्ष में हैं। माना जा रहा है कि OTS स्कीम के जरिए अधिक से अधिक अलॉटियों को बकाया राशि जमा करने का मौका दिया जाएगा, ताकि उनके फ्लैटों पर कार्रवाई की नौबत न आए। इन इलाकों में सबसे ज्यादा बकायेदार सीएचबी के रिकॉर्ड के मुताबिक, सबसे ज्यादा डिफाल्टर सेक्टर-38 वेस्ट, सेक्टर-49, सेक्टर-56, रामदरबार, इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1, धनास, मलोया और मौलीजागरां में हैं। नियमों के अनुसार, इन सरकारी फ्लैटों को न तो बेचा जा सकता है और न ही किसी दूसरे व्यक्ति को ट्रांसफर या किराए पर दिया जा सकता है। 18,138 फ्लैटों के सर्वे में 2,143 में अनियमितताएं स्मॉल फ्लैट स्कीम के तहत सीएचबी ने कुल 18,138 फ्लैट आवंटित किए थे। इनमें करीब 2 हजार रेंटल हाउसिंग फ्लैट भी शामिल हैं। वर्ष 2022 में कराए गए सर्वे के दौरान 15,995 फ्लैटों में मूल अलॉटी मिले, जबकि 2,143 फ्लैटों में अनियमितताएं पाई गईं। इनमें 1,117 फ्लैटों पर अनधिकृत कब्जा, 636 फ्लैट बंद, और 168 मामलों में लोगों ने सर्वे टीम को जानकारी देने से इनकार कर दिया। ऑडिट विभाग ने भी उठाए सवाल नोटिस जारी करने के बावजूद बकाया राशि की वसूली नहीं होने पर ऑडिट विभाग ने भी सीएचबी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। ऑडिट रिपोर्ट में कहा गया कि बोर्ड पिछले कई वर्षों से बकाया राशि की प्रभावी वसूली करने में नाकाम रहा है। इसके बाद सीएचबी ने अपनी वेबसाइट पर डिफाल्टर अलॉटियों की सूची भी जारी की है। बोर्ड और प्रशासन की ओर से अलॉटियों को चेतावनी दी गई है कि वे फ्लैट रद्द होने जैसी कार्रवाई से बचने के लिए जल्द से जल्द अपना बकाया जमा करें। वहीं, प्रस्तावित वन टाइम सेटलमेंट स्कीम लागू होने पर पात्र अलॉटी इसका लाभ उठा सकेंगे।
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