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डेराबस्सी और लालड़ू में सार्वजनिक स्थानों पर लगे राष्ट्रीय ध्वज फटे हुए पाए गए हैं। डेराबस्सी बस स्टैंड पर एक विशाल राष्ट्रीय ध्वज फटा होने के बावजूद लगातार लहरा रहा है, जबकि लालड़ू नगर परिषद परिसर में भी इसी तरह की शिकायतें सामने आई हैं। करोड़ों रुपये के सौंदर्यीकरण पर खर्च के बावजूद तिरंगे की उपेक्षा को लेकर स्थानीय लोगों ने नाराजगी व्यक्त की है। स्थानीय नागरिकों के अनुसार, बस स्टैंड के सौंदर्यीकरण परियोजना के तहत ऊंचे पोल पर यह तिरंगा लगाया गया था। शुरुआत में यह शहर की पहचान बन गया था, लेकिन समय के साथ यह क्षतिग्रस्त हो गया। आरोप है कि इसकी मरम्मत या बदलाव पर किसी अधिकारी ने ध्यान नहीं दिया। स्थानीय निवासियों ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल यात्रियों और स्थानीय निवासियों का कहना है कि प्रतिदिन हजारों लोग इस फटे हुए ध्वज को देखते हैं, जिससे प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। लोगों का कहना है कि राष्ट्रीय ध्वज का सम्मान केवल राष्ट्रीय पर्वों तक सीमित नहीं होना चाहिए। उनका मत है कि क्षतिग्रस्त होने पर ध्वज को तुरंत सम्मानपूर्वक हटाकर नया ध्वज लगाना अनिवार्य है। लंबे समय से फटे हुए तिरंगे का लहराना संबंधित अधिकारियों की उदासीनता को दर्शाता है। नागरिकों ने डेराबस्सी और लालड़ू में लगे सभी राष्ट्रीय ध्वजों की स्थिति की तत्काल जांच कर आवश्यक कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने प्रशासन से तिरंगे के सम्मान के प्रति संवेदनशीलता दिखाने का आग्रह किया है। लोगों ने सवाल उठाए हैं कि क्षतिग्रस्त होने पर ध्वज को समय पर क्यों नहीं बदला गया और राष्ट्रीय ध्वजों की नियमित निगरानी की व्यवस्था क्यों नहीं है। उनका यह भी कहना है कि क्या सौंदर्यीकरण केवल ध्वज लगाने तक सीमित है, उसकी देखभाल तक नहीं। इस संबंध में नगर परिषद के अधिकारी रवनीत सिंह ने बताया कि यह मामला उनके संज्ञान में है और फटे हुए ध्वज को जल्द ही बदल दिया जाएगा।
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डेराबस्सी-लालड़ू में फटे तिरंगे पर सवाल:करोड़ों के सौंदर्यीकरण के बावजूद नहीं हुई देखभाल, लोगों ने जताई नाराजगी







