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पुलिस ने कॉर्पोरेट स्टाइल में चल रहे ड्रग सिंडिकेट पकड़ा:पंजाब के अंतरराज्यीय 'सहोता गैंग' का भंडाफोड़, रिटायर पुलिस कर्मियों के बेटे व रईसजादों सहित 22 गिरफ्तार




हिमाचल प्रदेश की कांगड़ा पुलिस ने नशा तस्करों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी और संगठित कार्रवाई करते हुए एक अंतरराज्यीय ड्रग नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया है। ‘ऑपरेशन नया सवेरा’ के तहत पुलिस ने पंजाब से संचालित होने वाले कुख्यात ‘सहोता गैंग’ का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस नेटवर्क से जुड़े 22 आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है, जिनके कब्जे से 167.18 ग्राम हेरोइन (चिट्टा) बरामद की गई है। इस कार्रवाई के बाद कांगड़ा और पालमपुर के कई रसूखदार और प्रभावशाली परिवारों में हड़कंप मच गया है, क्योंकि पकड़े गए स्थानीय पैडलर्स में रिटायर्ड पुलिस अधिकारियों और बड़े कारोबारियों के बेटे शामिल हैं। इंस्टाग्राम आईडी ‘DEVIL_10417’ से चलता था नेटवर्क जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि मुख्य सरगना अभिषेक सहोटा इस पूरे सिंडिकेट को किसी बड़ी कॉर्पोरेट कंपनी की तरह चला रहा था। पुलिस की सर्विलांस और ट्रैकिंग से बचने के लिए वह कभी भी सामान्य मोबाइल नेटवर्क या वॉयस कॉल का इस्तेमाल नहीं करता था। गैंग के सदस्यों और ग्राहकों से संपर्क साधने के लिए वह केवल इंस्टाग्राम आईडी ‘DEVIL_10417’ और वॉट्सऐप कॉलिंग का ही सहारा लेता था। अभिषेक सहोटा कितना शातिर है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उस पर पहले से ही 6 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। गिरफ्तारी और बैंक फ्रीज होने के डर से वह कभी अपने व्यक्तिगत खाते में लेनदेन नहीं करता था। इसके बजाय, वह पंजाब में अपने करीबियों के क्यूआर कोड (QR Code) और ऑनलाइन स्कैनर मंगवाकर ड्रग मनी का लाखों रुपये का लेनदेन डिजिटल माध्यम से करवाता था। ड्रग मनी ट्रेल: रईसजादों ने कुछ ही महीनों में ट्रांसफर किए लाखों कांगड़ा पुलिस की तकनीकी विंग ने जब आरोपियों के वित्तीय खातों को खंगाला, तो करोड़ों के ट्रांजैक्शन की कड़ियां सामने आईं। लोकल पैडलर्स द्वारा महज कुछ महीनों के भीतर सहोटा गैंग को भेजी गई ड्रग मनी का ब्योरा- पंजाब में सीआईए (CIA) की रेड, वित्तीय मैनेजर समेत 3 और दबोचे इस मामले की कड़ियों को जोड़ते हुए कांगड़ा पुलिस की क्राइम इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (CIA) की विशेष टीमों ने पंजाब के कई संदिग्ध ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की। इस दौरान सिंडिकेट के तीन और बड़े मोहरों— गौरव साहोता, हनी और हनी कुमार को गिरफ्तार किया गया। इनमें से हनी कुमार मुख्य सप्लायर था जो पंजाब से हिमाचल में हेरोइन की खेप पहुंचाता था, जबकि गौरव और दूसरा हनी इस काली कमाई (ड्रग मनी) का पूरा हिसाब-किताब रखते थे और बेनामी बैंक खातों को हैंडल करते थे। रसूखदार कोई भी हो, बख्शेंगे नहीं: एसपी अशोक रतन मामले की पुष्टि करते हुए कांगड़ा के एसपी अशोक रतन ने नशा तस्करों और उनके संरक्षकों को सख्त चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि कांगड़ा पुलिस ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति पर काम कर रही है। अब हमारी कार्रवाई सिर्फ नाके पर नशा पकड़ने तक सीमित नहीं है, बल्कि हम ‘बैकवर्ड लिंकेज’ के जरिए सप्लायरों के पूरे वित्तीय तंत्र और संपत्ति को खंगाल रहे हैं। आरोपी चाहे किसी भी रसूखदार परिवार, राजनीतिक बैकग्राउंड या बड़े पद वाले का बेटा हो, उसे किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। आने वाले दिनों में कुछ और बड़े चेहरों पर शिकंजा कसना तय है।” पुलिस फिलहाल पकड़े गए सभी आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ कर रही है, जिससे हिमाचल और पंजाब के कई अन्य बड़े नशा तस्करों के नामों का खुलासा होने की उम्मीद है।



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