हरियाणा सरकार की सिफारिश पर चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय, जींद को नया कुलपति मिल गया है। राज्यपाल एवं कुलाधिपति प्रो. आशिम कुमार घोष ने आज अधिसूचना जारी कर डीएवी (पीजी) कॉलेज करनाल के प्राचार्य रामपाल सैनी को विश्वविद्यालय का कुलपति नियुक्त किया है। यह नियुक्ति उनके पदभार ग्रहण करने की तिथि से तीन वर्ष या 68 वर्ष की आयु पूर्ण होने तक, जो भी पहले हो, के लिए प्रभावी रहेगी। नियुक्ति आदेश जारी, शर्तें बाद में तय होंगी
राजभवन से जारी अधिसूचना के अनुसार यह नियुक्ति चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय अधिनियम 2014 की धारा 11 की उपधारा (2) व (3) के तहत की गई है। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि नियुक्ति की शर्तें व नियम राज्य सरकार की सलाह पर बाद में तय किए जाएंगे। सरकार और अधिकारियों को भेजी गई प्रतियां
इसी के साथ समर्थन के तहत अधिसूचना की प्रतियां विभिन्न अधिकारियों को भेजी गई हैं। इनमें मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव, शिक्षा मंत्री के निजी सचिव, उच्च शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव, महानिदेशक उच्च शिक्षा पंचकूला, विश्वविद्यालय के कार्यवाहक कुलपति, कुलसचिव और स्वयं रामपाल सैनी शामिल हैं। इसके अलावा एक प्रति हरियाणा सरकार के राजपत्र में प्रकाशन के लिए नियंत्रक, मुद्रण एवं स्टेशनरी, पंचकूला को भी भेजी गई है। पहले भी जारी हुआ था नियुक्ति आदेश
जानकारी के अनुसार इससे पहले 28 मई 2025 को हरियाणा के राज्यपाल और कुलाधिपति बंडारू दत्तात्रेय द्वारा भी उनकी नियुक्ति के आदेश जारी किए गए थे। अब नए आदेश के साथ उनकी नियुक्ति को औपचारिक रूप दिया गया है। करनाल से जींद तक का सफर
रामपाल सैनी इससे पहले करनाल के डीएवी (पीजी) कॉलेज में प्राचार्य के पद पर कार्यरत थे। लंबे समय से शिक्षा क्षेत्र में सक्रिय रहने के कारण उन्हें प्रशासनिक अनुभव भी काफी है। उनकी नई जिम्मेदारी को लेकर शिक्षा जगत में चर्चा बनी हुई है। कुरुक्षेत्र के प्रतापगढ़ गांव से संबंध
रामपाल सैनी मूल रूप से कुरुक्षेत्र जिले के थानेसर क्षेत्र के गांव प्रतापगढ़ के निवासी हैं। ग्रामीण पृष्ठभूमि से निकलकर उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई है। उच्च शिक्षा में मजबूत पकड़
उन्होंने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में एमए और एमफिल की पढ़ाई की है। इसके बाद महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय, अजमेर से पीएचडी की डिग्री हासिल की। उनके पास राजनीति विज्ञान में डी.लिट की उपाधि भी है, जो उनकी अकादमिक मजबूती को दर्शाती है। 30 साल से ज्यादा का अनुभव
रामपाल सैनी के पास 30 वर्षों से अधिक का शिक्षण और प्रशासनिक अनुभव है। कॉलेज स्तर से लेकर उच्च शिक्षा संस्थानों तक उन्होंने विभिन्न जिम्मेदारियां निभाई हैं। यही अनुभव अब विश्वविद्यालय के संचालन में काम आएगा। शिक्षा जगत को नई दिशा की उम्मीद
उनकी नियुक्ति के बाद विश्वविद्यालय में शैक्षणिक और प्रशासनिक सुधार की उम्मीद जताई जा रही है। माना जा रहा है कि उनके अनुभव से संस्थान को नई दिशा मिल सकती है।
Source link
डीएवी कॉलेज करनाल के प्राचार्य बने सीआरएसयू के कुलपति:राज्यपाल प्रो. आशिम कुमार घोष ने जारी किए आदेश, तीन साल या 68 वर्ष तक रहेगा कार्यकाल
