झज्जर में मानसून की पहली ही जोरदार बारिश ने नगर प्रशासन की तैयारियों की हकीकत सामने ला दी। कुछ घंटों की बारिश के बाद शहर के मुख्य मार्ग, बाजार और कई परीक्षा केंद्रों के बाहर घुटनों तक पानी भर गया। जलभराव के कारण आम लोगों के साथ-साथ हरियाणा अध्यापक पात्रता परीक्षा (एचटेट) देने पहुंचे हजारों परीक्षार्थियों को भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। परीक्षा के बाद पानी में होकर निकले अभ्यर्थी एचटेट परीक्षा समाप्त होने के बाद कई परीक्षा केंद्रों के बाहर जलभराव इतना अधिक था कि परीक्षार्थियों को घुटनों तक भरे पानी से होकर बाहर निकलना पड़ा। कई अभिभावक भी बारिश और जलभराव के बीच अपने बच्चों को लेने के लिए घंटों इंतजार करते रहे। कुछ महिला परीक्षार्थी पानी में गिर गई। बारिश ने थाम दी शहर की रफ्तार पहली ही बारिश में झज्जर की कई प्रमुख सड़कें तालाब में तब्दील हो गईं। जगह-जगह कई फुट तक पानी जमा होने से वाहन रेंगते नजर आए और लोगों को लंबे जाम का सामना करना पड़ा। कई इलाकों में पैदल निकलना भी मुश्किल हो गया। जल निकासी व्यवस्था की खुली पोल मानसून से पहले जल निकासी को लेकर किए गए प्रशासनिक दावे पहली ही बारिश में धराशायी होते नजर आए। नालों की सफाई और पानी निकासी की व्यवस्थाओं के दावों के बावजूद शहर के कई हिस्सों में जलभराव ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दीं। पहली बारिश ने साफ कर दिया कि बरसात से निपटने की तैयारियां जमीन पर कितनी कमजोर हैं। गर्मी से राहत, लेकिन मुश्किलें भी साथ आईं बारिश से लोगों को भीषण गर्मी और उमस से राहत जरूर मिली, लेकिन जलभराव, जाम और बदहाल निकासी व्यवस्था ने इस राहत को परेशानी में बदल दिया। अब लोगों की नजर प्रशासन पर है कि अगली बारिश से पहले हालात सुधारने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।
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झज्जर पहली ही बारिश में डूबा, जलभराव ने खोली पोल:एचटेट परीक्षार्थियों को उठानी पड़ी भारी परेशानी, सड़कें बनीं तालाब, दो महिला परीक्षार्थी पानी में गिरी
