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जालंधर में सरदार से बेअदबी का आरोपी खिलाड़ी फरार:नूरमहल थाने में विरोध के बाद पुलिस ने गिरफ्तारी के लिए टीम भेजी




जालंधर के नूरमहल पुलिस थाने में आज उस समय माहौल गरमा गया जब विभिन्न धार्मिक और किसान संगठनों के नेताओं ने एक सुर में पुलिस प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। मामला करीब डेढ़ महीना पुराना है, जिसमें एक सरदार की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने और बेअदबी करने का आरोप एक स्थानीय कबड्डी खिलाड़ी पर लगा था। एफआईआर और नोटिस जारी होने के बावजूद पुलिस द्वारा आरोपी को गिरफ्तार न किए जाने से नाराज संगठनों ने आज थाने का घेराव कर जोरदार रोष प्रदर्शन किया। दुमले और केशों की बेअदबी का है आरोप प्राप्त जानकारी के अनुसार, गांव चीमा कलां के निवासी सरदार सुरजीत सिंह ने नूरमहल पुलिस थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि उनके ही गांव के ‘नवी’ नामक एक युवक (जो कबड्डी खिलाड़ी है) ने सिंह साहेब जी के धार्मिक दुमले (पगड़ी का एक रूप) और सिर पर बंधे पवित्र बालों (केशों) की घोर बेअदबी की है। हालांकि, पुलिस प्रशासन ने आरोपी नवी के खिलाफ कानूनी नोटिस तो जारी कर दिया था, लेकिन पिछले डेढ़ महीने से उसे सलाखों के पीछे भेजने में नाकाम रहा, जिससे सिख समाज में गहरा रोष था।
थाने में गूंजे सरकार विरोधी नारे; प्रदर्शन के बाद हरकत में आई पुलिस आज विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में लोग नूरमहल पुलिस थाने के बाहर एकत्रित हुए और पंजाब सरकार व पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का उग्र रूप देखकर और स्थिति को बिगड़ता देख पुलिस विभाग तुरंत हरकत में आया। नूरमहल के थाना प्रभारी (SHO) ने प्रदर्शनकारी नेताओं को शांत कराया और तुरंत पुलिस बल की विशेष टीमें गठित कर आरोपी कबड्डी खिलाड़ी नवी को दबोचने के लिए अलग-अलग ठिकानों पर रवाना किया। थानों में स्टाफ की कमी; जनता हो रही परेशान प्रदर्शनकारी नेताओं ने आरोप लगाया कि नूरमहल और बिलगा पुलिस थानों में पुलिस कर्मचारियों की भारी कमी है। स्टाफ न होने के कारण इलाके में कानून-व्यवस्था चरमरा गई है और आम लोगों की शिकायतों का समय पर निपटारा नहीं हो रहा है।नेताओं ने कहा कि इन थानों में आने वाली आम जनता को अपनी जायज मांगों के लिए भी भारी मानसिक और शारीरिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, क्योंकि अधिकारी और कर्मचारी उनकी बात सुनने को तैयार नहीं हैं। वीआईपी कल्चर को लेकर सरकार पर तीखा निशाना सभा को संबोधित करते हुए किसान और धार्मिक नेताओं ने सूबे की सत्ताधारी सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि जो सरकार वीआईपी संस्कृति (VIP Culture) को खत्म करने के बड़े-बड़े दावे करके सत्ता में आई थी, वह खुद आज इसे सबसे ज्यादा बढ़ावा दे रही है। नेताओं ने आरोप लगाया कि पुलिस बल का एक बड़ा हिस्सा वीआईपी लोगों की सुरक्षा में तैनात कर दिया गया है, जिसके कारण आम जनता की सुरक्षा के लिए थानों में पर्याप्त कर्मचारी ही नहीं बचे हैं। उन्होंने वर्तमान व्यवस्था को झूठ और खोखले विज्ञापनों पर आधारित बताया। मांगें पूरी न होने पर थानों के घेराव की चेतावनी संगठनों ने दोटूक शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि आरोपी की तुरंत गिरफ्तारी नहीं हुई और भविष्य में पुलिस थानों के कामकाज व स्टाफ की स्थिति में सुधार नहीं किया गया, तो वे पंजाब के हर पुलिस थाने के सामने अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन शुरू करेंगे। इस मौके पर बीकेयू दोआबा यूनियन मेहतपुर के ब्लॉक अध्यक्ष कश्मीर सिंह पन्नू, नरिंदर सिंह उधोवाल (अध्यक्ष ब्लॉक नूरमहल बीकेयू दोआबा), हरपाल सिंह सादीपुर (वरिष्ठ उपाध्यक्ष बीकेयू दोआबा), सुरजीत सिंह, परगट सिंह मऊ-साहिब, दविंदर सिंह संगोवाल (जिला जालंधर अध्यक्ष, मिस्ल सतलुज) और शिकायतकर्ता सुरजीत सिंह चीमा कलां सहित भारी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित थे।



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