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पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट के मुलाजिमों को 18 फीसदी DA देने के फैसले का कर्मचारियों ने स्वागत किया है। जालंधर डीसी आफिस मुलाजिम यूनियन के सूबा प्रधान और मनिस्ट्रियल यूनियन के जिला प्रधान तेजिंदर सिंह नंगल ने कहा कि लंबे संघर्ष के बाद वह हाईकोर्ट से DA का केस जीते हैं।
उन्होंने कहा कि पंजाब के सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट का फैसला बड़ी राहत लेकर आया है। हाईकोर्ट ने सरकार को डेढ़ साल से बकाया डीए की 6 किस्तों का कुल 18% भुगतान 15 दिनों के भीतर करने का आदेश दिया है।
फैसले से कर्मचारियों में खुशी तो है, लेकिन सरकार की कार्यशैली को लेकर गहरा संशय भी बना हुआ है। कर्मचारी नेताओं का कहना है कि सरकार पिछले डेढ़ साल से डीए जारी करने में टालमटोल कर रही है। 15 दिन में 18% डीए नहीं मिला, तो आंदोलन तेज होगा
पीएसपीसीएल के कर्मचारी नेता प्रेम चंद ने बताया कि कर्मचारियों के मुताबिक, जब भी वे अपने हक के लिए अदालत जाते हैं, सरकार एलपीए या रिव्यू पिटीशन दायर कर मामला लटकाने की कोशिश करती है। उन्हें अंदेशा है कि इस बार भी सरकार कोई कानूनी पेंच फंसा सकती है।संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि 15 दिन में 18% डीए नहीं मिला, तो आंदोलन तेज होगा। इसके विरोध में 7 अगस्त को पूरे पंजाब के कर्मचारी और पेंशनर चंडीगढ़ में एकजुट होकर बड़ी महारैली करेंगे। पुरानी पेंशन, एसीपी स्कीम के संघर्ष जारी रहेगा
कर्मचारी नेताओं ने साफ किया है कि डीए के अलावा पुरानी पेंशन (OPS), एसीपी स्कीम, पेंशनरों के लिए 2.59 का गुणांक और कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने जैसी मांगें भी बाकी हैं। इन मांगों को लेकर संघर्ष जारी रहेगा।
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