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पठानकोट में 5 घंटे की भारी बारिश से शहर जलमग्न:मनवाल-सिउंटी सहित कई गांवों का सड़क संपर्क बाधित, गांधी चौक में भरा पानी




सावन के पहले सोमवार की जोरदार बारिश ने पठानकोट शहर को पूरी तरह से जलमग्न कर दिया है। आज तड़के सुबह 5 बजे से लेकर सुबह 10 बजे तक लगातार 5 घंटों तक हुई मूसलाधार बारिश ने नगर निगम के विकास के दावों की पोल खोल कर रख दी। भारी बारिश के कारण शहर के तमाम निचले इलाके पूरी तरह से तालाब में तब्दील हो गए हैं, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। हालात इस कदर बिगड़ चुके हैं कि शहर के बीचों-बीच से गुजरने वाला ‘खड्डी नाला’ उफान पर है। मनवाल, सिउंटी सहित जिले के 100 से अधिक गांवों को शहर से जोड़ने वाले रास्तों से गुजरते खड्डी नाला ने रास्ते बंद कर दिए। जिसके चलते लोग समय पर कामों पर नहीं पहुंच पाए। वहीं, शहर में पढ़ने वाले स्कूलों तक नहीं पहुंच पाए। शहर के गांधी चौक, अंदरूण बाजार में बरसात का पानी लोगों की दुकानों में घुसने से भारी नुक्सान हुआ है। लोगों ने बरसात से पहले शहर की निकासी के प्रबंध दरुस्त ना करने पर नगर निगम के खिलाफ नाराजगी जताई है। पॉश कॉलोनियों से लेकर मुख्य चौकों तक भारी जलभराव
बारिश का सबसे भयानक रूप शहर की सड़कों और रिहायशी इलाकों में देखने को मिला। शहर के मुख्य मार्गों समेत कई प्रमुख कॉलोनियां पानी में डूब गईं। बाउलियां रोड और गांधी चौक: यहां सड़कों पर कई फीट पानी जमा होने से गाड़ियां आधी डूब गईं।
वडैहरा मोहल्ला और टीचर कॉलोनी: इन क्षेत्रों में जल निकासी ठप होने से पानी गलियों को पार कर लोगों के घरों के कमरों तक पहुंच गया।
पॉश एरिया प्रताप नगर: शहर के इस पॉश इलाके में भी प्रशासनिक नाकामी साफ दिखी, जहां सड़कों पर नाले का गंदा पानी तैरता नजर आया। बाजारों में घुसा पानी, व्यापारियों को लाखों का नुकसान
पठानकोट के व्यापारिक रीढ़ कहे जाने वाले मुख्य बाजारों में सुबह तड़के ही तबाही का मंजर शुरू हो गया था। शहर के गांधी चौक, अंदरून बाजार, मीट मार्केट और म्यूंनिसिपल बाजार की सैकड़ों दुकानों में बरसात का गंदा पानी घुस गया। सुबह जब दुकानदार अपनी दुकानें खोलने पहुंचे, तो अंदर का नजारा देखकर दंग रह गए। दुकानों में रखा कीमती सामान, राशन, कपड़े और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण पानी के कारण खराब हो गए। व्यापारियों का कहना है कि अचानक दुकानों में पानी घुसने से उन्हें लाखों रुपये का नुकसान उठाना पड़ा है। ‘न बिजली, न पानी’: दोहरी मार से त्रस्त लोग
मूसलाधार बारिश अपने साथ बिजली और पानी का संकट भी लेकर आई। करीब 5 बजे जैसे ही तेज बारिश शुरू हुई, शहर के अधिकांश हिस्सों की बिजली गुल हो गई। खबर लिखे जाने तक शहर के कई इलाकों में बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी थी। बिजली न होने के कारण नगर निगम की वाटर सप्लाई भी ठप रही, जिससे लोगों को सुबह पीने और दैनिक उपयोग के लिए वाटर सप्लाई का पानी नहीं मिल पाया। लोग बूंद-बूंद पानी के लिए तरसते नजर आए और इनवर्टर डाउन होने से घरों में अंधेरा छा गया। प्रशासन के खिलाफ फूटा जनता का गुस्सा
घंटों से जलभराव, बिजली कटौती और पानी की किल्लत से जूझ रहे पठानकोट के लोगों का गुस्सा अब जिला प्रशासन और नगर निगम के खिलाफ फूट पड़ा है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि हर साल मानसून से पहले नालों की सफाई के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन पहली ही भारी बारिश में शहर टापू बन जाता है। लोगों ने मांग की है कि खड्डी नाले की सफाई और शहर के ड्रेनेज सिस्टम को तुरंत सुधारा जाए ताकि आने वाले दिनों में ऐसी स्थिति दोबारा पैदा न हो। वहीं, मौसम विभाग ने अगले कुछ घंटों में और बारिश होने की चेतावनी जारी की है, जिससे प्रशासन की चिंताएं और लोगों की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं।



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