चंडीगढ़ नगर निगम की हाउस बैठक में सोमवार को चंडीगढ़ के प्रशासक एवं पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने नशे के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जरूरत पर जोर दिया था। इसके अगले ही दिन चंडीगढ़ भाजपा के प्रदेश महामंत्री संजीव राणा ने इस मुद्दे पर और तीखा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि “नशा बेचने वाला हर व्यक्ति आतंकवादी है। वह चुन-चुनकर हमारे बच्चों की जान ले रहा है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि ऐसे लोग अब राजनीतिक व्यवस्था में भी घुसने लगे हैं। इन्हें पहचानकर खत्म करना होगा।” संजीव राणा ने कहा कि नशा सिर्फ एक अपराध नहीं, बल्कि ऐसा जहर है जो युवाओं, परिवारों और पूरे समाज को धीरे-धीरे बर्बाद कर रहा है। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि नशे को सिर्फ नशा न समझें, बल्कि इसे “बारूद” मानें, जो घर-घर को तबाह कर रहा है। उन्होंने कहा कि यदि समाज, राजनीतिक दल और प्रशासन समय रहते इस खतरे के खिलाफ एकजुट होकर कार्रवाई नहीं करेंगे, तो आने वाली पीढ़ियों को बचाना मुश्किल हो जाएगा। गवर्नर के बयान का किया समर्थन राणा का यह बयान ऐसे समय आया है, जब सोमवार को चंडीगढ़ नगर निगम की हाउस बैठक में चंडीगढ़ के प्रशासक एवं पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने भी नशे के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया था। कटारिया ने कहा था कि यदि पुलिस पूरी इच्छाशक्ति के साथ कार्रवाई करे तो कुछ ही दिनों में नशे के कारोबार पर काफी हद तक अंकुश लगाया जा सकता है। उन्होंने पार्षदों से भी अपने-अपने क्षेत्रों में नशे के खिलाफ अभियान चलाने और नागरिकों से सहयोग लेने की अपील की थी। कॉलोनी और सेक्टर का दर्द बन चुका नशा संजीव राणा ने कहा कि आज नशा किसी एक इलाके की समस्या नहीं रह गया है। यह लगभग हर कॉलोनी, गांव और सेक्टर का दर्द बन चुका है। उन्होंने कहा कि जहां भी जाएं, हर परिवार किसी न किसी रूप में इस समस्या से प्रभावित दिखाई देता है। उन्होंने कहा मैं अपने अनुभव से कह रहा हूं कि नशा बेचने वाला हर इंसान आतंकवादी है। वह एक-एक करके हमारे बच्चों को मार रहा है। पहले देश पर बाहरी ताकतों ने हमला किया, लेकिन अब समाज को अंदर से खोखला करने का काम नशा कर रहा है। राणा ने अपने गांव का उदाहरण देते हुए कहा कि कुछ दिन पहले उनके क्षेत्र में 22 वर्षीय एक युवक की नशे के कारण मौत हो गई। उन्होंने कहा कि कई लोग इसे परिवार के संस्कारों से जोड़ देते हैं, जबकि वास्तविकता यह है कि नशे का कारोबार युवाओं को जाल में फंसा रहा है। उन्होंने कहा कि एक बच्चे की मौत से केवल एक व्यक्ति नहीं, बल्कि पूरा परिवार बिखर जाता है। माता-पिता जीवनभर इस दर्द से उबर नहीं पाते। इसलिए इस समस्या को हल्के में नहीं लिया जा सकता। राजनीति में भी घुस रहे हैं ऐसे लोग भाजपा महामंत्री ने कहा कि सबसे चिंताजनक बात यह है कि नशे का कारोबार करने वाले लोग अब राजनीतिक व्यवस्था में भी अपनी पैठ बनाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कई बार लोगों को ऐसे व्यक्तियों के बारे में जानकारी होती है, लेकिन राजनीतिक मजबूरियों के कारण उनके खिलाफ खुलकर बोलने से बचा जाता है। राणा ने कहा कि यदि सभी राजनीतिक दल ईमानदारी से ऐसे लोगों को अपने संगठन से बाहर करें और उनके खिलाफ कार्रवाई का समर्थन करें, तभी इस समस्या पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई सिर्फ पुलिस अकेले नहीं लड़ सकती। इसे खत्म करने के लिए पुलिस, जनप्रतिनिधियों और आम लोगों को मिलकर काम करना होगा। उन्होंने कहा कि हर इलाके में नशे के खिलाफ लगातार कार्रवाई और लोगों को जागरूक करना जरूरी है।
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