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चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन के बाहर लगने वाला ट्रैफिक जाम हाल ही में राजनीतिक मुद्दा भी बन गया था। कुछ दिन पहले चंडीगढ़ के सांसद मनीष तिवारी ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर रेलवे स्टेशन के बाहर लगने वाले जाम पर चिंता जताई थी। उन्होंने लिखा था कि रेलवे स्टेशन के बाहर इतना लंबा जाम लगता है कि यात्रियों की ट्रेन तक छूट सकती है। उन्होंने अपने अनुभव का जिक्र करते हुए कहा था कि उन्हें भी स्टेशन तक पहुंचने में काफी समय लगा। ऐसे में आम लोगों को कितनी परेशानी होती होगी, इसका सहज अंदाजा लगाया जा सकता है। सांसद की इस टिप्पणी के बाद रेलवे स्टेशन के बाहर ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर चर्चा तेज हो गई। अब चंडीगढ़ ट्रैफिक पुलिस ने रेलवे अधिकारियों और चंडीगढ़ रोड सेफ्टी सोसायटी के साथ संयुक्त सर्वे कर जाम के कारणों की पहचान की है। सर्वे के आधार पर बस स्टॉप में बदलाव, यू-टर्न शिफ्ट करने, टैक्सी और ऑटो की व्यवस्था सुधारने समेत कई कदम प्रस्तावित किए गए हैं, ताकि रेलवे स्टेशन के बाहर लगने वाले जाम से लोगों को राहत मिल सके। पुलिस और सीआरएसएस की मीटिंग चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन के बाहर रोज लगने वाले ट्रैफिक जाम को कम करने के लिए रविवार को चंडीगढ़ ट्रैफिक पुलिस ने रेलवे अधिकारियों और चंडीगढ़ रोड सेफ्टी सोसायटी (सीआरएसएस) के विशेषज्ञों के साथ मिलकर मौके का निरीक्षण किया। इस दौरान देखा गया कि आखिर जाम क्यों लगता है और इसे कम करने के लिए क्या-क्या बदलाव किए जा सकते हैं। जांच में सामने आया कि रेलवे स्टेशन के बाहर सबसे ज्यादा जाम सीटीयू बसों के रुकने, टैक्सियों के गेट के पास खड़े रहने, ऑटो चालकों के कहीं भी सवारी बैठाने-उतारने और सड़क किनारे गलत तरीके से वाहन खड़े करने की वजह से लगता है। इन कारणों से स्टेशन के बाहर वाहनों की लंबी लाइन लग जाती है और यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। बसों के रुकने से वाहनों का रास्ता रुक जाता सर्वे में पता चला कि रेलवे स्टेशन के प्रवेश और निकास द्वार पर जाम लगने के कई कारण हैं। सीटीयू बसों के रुकने से दूसरे वाहनों का रास्ता रुक जाता है। इसके अलावा स्टेशन के बाहर टैक्सियों का खड़ा रहना, ऑटो चालकों का कहीं भी सवारी बैठाना और उतारना तथा गलत तरीके से वाहन पार्क करना भी जाम की बड़ी वजह है। इन कारणों से रोज रेलवे स्टेशन के बाहर वाहनों की लंबी लाइन लग जाती है और यात्रियों को काफी परेशानी होती है। ट्रैफिक पुलिस ने सुझाव दिया है कि मौजूदा सीटीयू बस स्टॉप को नए तरीके से व्यवस्थित किया जाए, ताकि सभी बसें एक सीध में खड़ी हों। इससे यात्रियों को चढ़ने-उतरने में सुविधा होगी और बाकी वाहनों को भी बिना रुकावट निकलने का रास्ता मिलेगा। रेलवे लाइट प्वाइंट के पास सीटीयू बसों के लिए बने मौजूदा यू-टर्न को करीब 100 मीटर आगे ले जाने का प्रस्ताव रखा गया है। इससे बसों को आराम से मुड़ने की जगह मिलेगी और ट्रैफिक सिग्नल पर वाहनों की भीड़ कम होगी। अधिकारियों का मानना है कि इससे जाम की समस्या काफी हद तक कम हो सकती है। बस स्टॉप बदलने पर भी विचार अधिकारियों ने रेलवे स्टेशन के मुख्य निकास द्वार के आगे सीटीयू बस स्टॉप को शिफ्ट करने का सुझाव भी दिया है। इस पर रेलवे और अन्य संबंधित विभागों के साथ चर्चा की जाएगी। यदि यह प्रस्ताव लागू होता है तो स्टेशन के बाहर वाहनों का दबाव काफी कम हो सकता है। रेलवे स्टेशन के मुख्य प्रवेश द्वार के सामने टैक्सियों को खड़ा नहीं होने दिया जाएगा। इसके लिए ट्रैफिक पुलिस की विशेष ड्यूटी लगाई जाएगी। वहीं ऑटो-रिक्शा के लिए अलग से पिकअप और ड्रॉप प्वाइंट बनाने की योजना है। जो चालक तय जगह के अलावा कहीं भी वाहन रोकेंगे या पार्किंग करेंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। सर्वे के दौरान यह भी सामने आया कि दोपहर में जब एक साथ कई वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों का आगमन और प्रस्थान होता है, तब रेलवे स्टेशन के बाहर सबसे ज्यादा जाम लगता है। बड़ी संख्या में यात्री और वाहन एक साथ पहुंचने से ट्रैफिक पूरी तरह प्रभावित हो जाता है। चंडीगढ़ ट्रैफिक पुलिस ने बताया कि अजमेर वंदे भारत एक्सप्रेस प्लेटफॉर्म नंबर-6 से रवाना होती है, जो रेलवे स्टेशन के पंचकूला की ओर स्थित है। इसलिए इस ट्रेन में सफर करने वाले यात्रियों से अपील की गई है कि यदि संभव हो तो वे पंचकूला की ओर से रेलवे स्टेशन पहुंचें। इससे मुख्य गेट पर वाहनों की भीड़ कम होगी और ट्रैफिक सुचारु रहेगा।
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चंडीगढ़ सांसद के ट्वीट के बाद हरकत में आया प्रशासन:पुलिस का रेलवे अधिकारियों के साथ सर्वे, बस स्टॉप, यू-टर्न, टैक्सी-ऑटो व्यवस्था में होंगे बदलाव







