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Chandigarh Bar Association Strike Against LADC System



चंडीगढ़ जिला बार एसोसिएशन की हड़ताल।

चंडीगढ़ जिला बार एसोसिएशन ने लीगल एड डिफेंस काउंसल (LADC) व्यवस्था के विरोध में आज से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। एसोसिएशन के फैसले के अनुसार, अगले आदेश तक वकील अदालतों में किसी भी प्रकार का काम नहीं करेंगे।

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यह निर्णय रविवार को हुई बार एसोसिएशन की जनरल हाउस बैठक में सर्वसम्मति से लिया गया। एसोसिएशन ने कहा कि जब तक इस मुद्दे पर कोई अगला निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक सभी सदस्य न्यायालयों की कार्यवाही से दूर रहेंगे।

बार एसोसिएशन ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि हड़ताल के दौरान कोई भी वकील, जूनियर वकील या इंटर्न किसी भी अदालत में पेश नहीं होगा और न ही किसी तरह का न्यायिक कार्य करेगा। सभी सदस्यों से एकजुटता बनाए रखने और जनरल हाउस के फैसले का पूरी तरह पालन करने की अपील की गई है।

वकीलों के लिए जारी हुए सख्त आदेश: –

  • एसोसिएशन के आदेश का उल्लंघन माना जाएगा: एसोसिएशन ने अपने आदेश में साफ किया है कि 27 जुलाई से शुरू हुई हड़ताल के दौरान कोई भी वकील, जूनियर वकील या इंटर्न किसी भी अदालत में पेश नहीं होगा। न ही किसी मुकदमे की पैरवी करेगा। यदि कोई सदस्य जनरल हाउस के इस फैसले की अनदेखी करते हुए अदालत में पेश होता है, बहस करता है, किसी केस में उपस्थिति दर्ज कराता है या किसी भी प्रकार का न्यायिक कार्य करता पाया गया, तो इसे एसोसिएशन के आदेश का उल्लंघन माना जाएगा।
  • नियम तोड़ने पर होगी अनुशासनात्मक कार्रवाई: ऐसे मामलों में संबंधित सदस्य के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही उस पर ₹2500 का जुर्माना भी लगाया जाएगा। बार एसोसिएशन का कहना है कि यह फैसला सभी सदस्यों में एकता और अनुशासन बनाए रखने तथा आंदोलन को प्रभावी बनाने के लिए लिया गया है। प्रत्येक सदस्य से जनरल हाउस के निर्णय का पूरी तरह पालन करने की अपील की गई है।
  • अदालतों पर नजर रखने के लिए एक विशेष समिति बनाई: एसोसिएशन ने यह भी तय किया है कि हड़ताल के दौरान अदालतों पर नजर रखने के लिए एक विशेष समिति बनाई गई है। यदि कोई वकील, जूनियर वकील या इंटर्न अदालत में काम करता हुआ पाया जाता है, तो समिति इसकी रिपोर्ट कार्यकारिणी को देगी। इसके बाद संबंधित सदस्य पर निर्धारित जुर्माना लगाया जाएगा और उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
  • निगरानी के लिए बनाई गई समिति: हड़ताल के फैसले का पालन सुनिश्चित करने के लिए कार्यकारिणी समिति के साथ एक निगरानी समिति का गठन किया गया है। यह समिति अदालतों में हड़ताल के पालन पर नजर रखेगी और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई तथा जुर्माना लगाने की सिफारिश करेगी।

इन लोगों को सौंपी जिम्मेदारी

निगरानी के लिए बार एसोसिएशन के प्रधान अशोक चौहान, उपप्रधान संदीप गुज्जर, सचिव अमीश शर्मा और कोषाध्यक्ष उज्ज्वल भसीन के साथ वरिष्ठ सदस्य एन.के. नंदा, मलकीत जंडियाला और एन.के. कपिल को जिम्मेदारी सौंपी गई है।



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