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गुरुग्राम में वाट्सअप-मैसेज भेजकर खाते से निकाले 4.50 लाख:अनजान लिंक पर क्लिक करते ही महिला का मोबाइल हैक, फाइनेंस कंपनी से ले रखा था लोन




गुरुग्राम में साइबर ठगों ने एक महिला को डिजिटल ठगी का शिकार बना लिया। ठगों ने महिला के व्हाट्सएप पर एक संदिग्ध लिंक भेजकर उसका पूरा फोन हैक कर लिया और पलक झपकते ही बैंक खाते से 4 लाख 50 हजार रुपये निकाल लिए। गांव बांस कुसला की निवासी पूनम ने बताया कि 10 जून को उनके व्हाट्सएप नंबर पर एक अज्ञात नंबर से एक मैसेज प्राप्त हुआ था। मैसेज में एक लिंक दिया गया था। पूनम ने जैसे ही उस अनजान लिंक पर क्लिक किया, उनका मोबाइल फोन पूरी तरह हैक हो गया। फोन स्क्रीन पर अजीब हरकतें देखकर वह घबरा गईं और हड़बड़ाहट में उन्होंने तुरंत अपना फोन बंद कर दिया। चंद मिनटों में खाते से उड़े 4.50 लाख रुपये फोन बंद करने के बावजूद साइबर अपराधियों ने बैकएंड से उनके बैंक खाते में सेंध लगा दी। पीड़ित महिला का साउथ इंडियन बैंक के खाते से कुछ ही देर में उनके नंबर पर ताबड़तोड़ पैसे कटने के मैसेज आने लगे। ठगों ने अलग-अलग ट्रांजैक्शन के माध्यम से पहले ₹3,00,000 और फिर ₹50,000-₹50,000 की तीन अन्य ट्रांजैक्शन करके कुल 4 लाख 50 हजार रुपये उड़ा लिए। बजाज फाइनेंस से लिया था लोन पीड़िता पूनम ने बताया कि उनके खाते में मौजूद यह रकम उनकी गाढ़ी कमाई या बचत की नहीं थी, बल्कि उन्होंने अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए बजाज फाइनेंस से लोन लिया था। लोन की यह भारी-भरकम राशि अभी कुछ समय पहले ही उनके बैंक खाते में आई थी, जिसे अपराधियों ने लोन पास होने के तुरंत बाद अपना निशाना बना लिया। इस घटना के बाद से पीड़ित परिवार गहरे सदमे और आर्थिक मानसिक तनाव में है। बैंक कर्मियों की सलाह पर फोन किया फॉर्मेट, मिट गए सबूत खाते से इतनी बड़ी रकम कटने के बाद पूनम तुरंत अपने पति उत्तम सिंह के साथ साउथ इंडियन बैंक की शाखा में पहुंचीं। बैंक कर्मचारियों ने सुरक्षा का हवाला देते हुए और आगे की हैकिंग को रोकने के लिए महिला के मोबाइल फोन को तुरंत ‘फॉर्मेट’ (रिसेट) करवा दिया। फोन फॉर्मेट होने की वजह से वह अज्ञात नंबर और व्हाट्सएप चैट पूरी तरह डिलीट हो गए, जिससे ठगी करने वाले अपराधी का नंबर और पहचान से जुड़े महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्य मिट गए। साइबर हेल्पलाइन और थाने में शिकायत दर्ज बैंक से निकलने के बाद पीड़िता ने तुरंत सतर्कता दिखाते हुए सरकार द्वारा जारी राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल किया। उन्होंने 10 जून को ही अपनी ऑनलाइन साइबर धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज करवाई, जिसका शिकायत नंबर भी मिला है। पुलिस जांच कर रही अब पीड़िता ने अपने बैंक स्टेटमेंट के साथ स्थानीय पुलिस स्टेशन और वरिष्ठ अधिकारियों को लिखित शिकायत सौंपकर कानूनी कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी है और बैंक से ट्रांजैक्शन हिस्ट्री का विवरण मांगा है।



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