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गुरुग्राम शहर में एक रिटायर्ड विंग कमांडर साइबर ठगी का शिकार हो गए। जालसाजों ने आर्टेमिस अस्पताल के एक डॉक्टर का नाम और नंबर इस्तेमाल कर वॉट्सएप पर इमरजेंसी बताकर उनसे 45 हजार रुपए ठग लिए। पीड़ित ने QR कोड स्कैन कर पैसे ट्रांसफर किए थे। सेक्टर-69 स्थित टूलिप वाइट सोसाइटी में रहने वाले और आर्टेमिस अस्पताल के ग्रुप हेड-सिक्योरिटी ऑफिसर योगेश शर्मा ने बताया कि 18 मार्च को उनके मोबाइल पर अस्पताल में कार्यरत डॉ. रुपिंदर सेक्खों के नाम से व्हाट्सएप मैसेज आया। इसमें इमरजेंसी बताते हुए एक QR कोड भेजा गया और तुरंत 45 हजार रुपए ट्रांसफर करने को कहा गया। हेल्पलाइन नंबर पर दी शिकायत डॉक्टर से जान-पहचान होने के कारण योगेश शर्मा ने बिना ज्यादा सोचे पैसे ट्रांसफर कर दिए। हालांकि कुछ ही देर बाद उन्हें एहसास हुआ कि उनके साथ साइबर धोखाधड़ी हुई है। उन्होंने तुरंत कार्रवाई करते हुए मात्र 17 मिनट के अंदर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज करा दी। राशि वापस दिलाने की मांग योगेश शर्मा ने साइबर साउथ थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराते हुए अपराधियों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई और अपने पैसे वापस दिलाने की मांग की है। उन्होंने अपनी शिकायत में कहा, ‘मुझे धोखे से पैसे ट्रांसफर करने के लिए मजबूर किया गया। मैं जानता हूं कि डॉ. रुपिंदर सेक्खों का नाम गलत तरीके से इस्तेमाल किया गया है। कृपया दोषियों पर सख्त कार्रवाई करें और मेरा पैसा वापस दिलाए। केस दर्ज कर जांच में जुटी पुलिस इस संबंध में जांच अधिकारी ने बताया कि एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। उन्होंने लोगों को सलाह दी कि ठग अक्सर किसी परिचित या सम्मानित व्यक्ति का नाम लेकर इमरजेंसी का बहाना बनाते हैं, ताकि पीड़ित बिना सोचे-समझे पैसे ट्रांसफर कर दे, इसलिए किसी भी अनजान या संदिग्ध QR कोड को स्कैन करने से पहले फोन कॉल करके सत्यापन जरूर करें।
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गुरुग्राम में रिटायर्ड विंग कमांडर से ₹45 हजार हड़पे:जालसाज ने खुद को बताया डॉक्टर; इमरजेंसी का बहाना बनाकर भेजा QR कोड







