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बैंक फ्रॉड में पंचकूला कोर्ट पहुंची दिल्ली CBI टीम:6 आरोपी 3 दिन के रिमांड पर; सबूत जुटाने को आमने-सामने बैठाएंगें




हरियाणा बैंकिंग फ्रॉड केस में दिल्ली CBI की टीम पंचकूला की स्पेशल कोर्ट पहुंची। जहां पर 6 आरोपियों की 5 दिन के लिए पुलिस कस्टडी मांगी। कोर्ट ने बचाव पक्ष की दलीलें सुनने के बाद सीबीआई को 3 दिन की पुलिस कस्टडी मंजूर की है। सीबीआई की टीम ने केस में एफआईआर दर्ज करने के बाद अब आरोपियों की कस्टडी लेकर उनसे पूछताछ शुरू करने का प्रोसेस कर दिया है। अभी तक सीबीआई ने एसीबी से वो तमाम सुबूत अपने कब्जे में लिए थे, जो एसीबी ने अब तक अपनी जांच में जुटाए थे। सीबीआई की टीम ने रिभव ऋषि बैंक मैनेजर, अभय, रिलेशनशिप मैनेजर, स्वाति सिंगला, फर्जी कंपनी की मालकिन, अभिषेक सिंगला, स्वाति का भाई, पंचायत विभाग के सुपरिडेंट नरेश कुमार व मनीष जिंदल को रिमांड पर लिया है। आमने-सामने बैठाकर पूछताछ सीबीआई की टीम ने जिन छह लोगों को रिमांड पर लिया है, उन्हें आमने-सामने बैठाकर पूछताछ कर रही है। सामने बैठाने से पहले उनसे अलग-अलग भी पूछताछ होगी। दिन में एक ही कर्मचारी से कई-कई बार पूछताछ करने की प्लानिंग रहेगी। कर्मचारियों के बयान में आए बदलाव को परखा जाएगा। फ्रॉड में किसकी क्या भूमिका… रिभव ऋषि बैंक मैनेजर : ACB सूत्रों के मुताबिक चंडीगढ़ के सेक्टर-32 की IDFC बैंक का मैनेजर रिभव ऋषि पूरी सूत्रधार है। जिसने रिलेशनशिप मैनेजर के साथ मिलकर फ्रॉड किया। छह माह पहले आरोपी ने बैंक की नौकरी छोड़ दी थी। जिसके बाद से सरकारी से इंजॉय कर रहा था। अभय, रिलेशनशिप मैनेजर : चंडीगढ़ के सेक्टर-32 की IDFC बैंक का रिलेशनशिप मैनेजर रहा। जो रिभव ऋषि की बनाई योजना पर काम करते हुए अपनी पत्नी व साले को भी शामिल कर लिया। अधिकारियों के पास जाकर अपनी ब्रांच में एफडी बनवाने के लिए लॉइजनिंग का काम करता था। स्वाति सिंगला, फर्जी कंपनी की मालकिन : स्वाति सिंगला ने एक स्वास्तिक देश प्रोजेक्ट के नाम से कंपनी बनाई। जिसमें वह 75 प्रतिशत की शेयर होल्डर है। पति के कहने पर कंपनी बनाकर फंड को दूसरे अकाउंट में भेजा गया, जहां से प्रॉपर्टी व शेयर मार्केटिंग में हिस्सा लिया गया। अभिषेक सिंगला, स्वाति का भाई : स्वास्तिक देश कंपनी में अभिषेक सिंगला की 25 प्रतिशत हिस्सेदारी है। अभिषेक स्वाति सिंगला का भाई और अभय का साला है। फर्जी कंपनी में हिस्सेदारी के साथ-साथ फंड को रीयल एस्टेट में लगाने व वहां से निकालने के जिम्मा अभिषेक संभालता था।



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