गुरुग्राम पुलिस की हिरासत से आरोपी बाप-बेटे के फरार होने के मामले में पुलिस आयुक्त ने कड़ा रुख अपनाया है। मामले में ड्यूटी में लापरवाही पाए जाने पर सेक्टर-14 थाना के दो पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। वहीं थाना प्रभारी (एसएचओ) और मुंशी के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश जारी किए गए हैं। मामले में शिकायतकर्ता के निजी वाहन का इस्तेमाल किए जाने को भी गंभीर लापरवाही माना गया है। पुलिस जांच के अनुसार, सेक्टर-14 थाना में 17 जनवरी 2026 को भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 316(2) के तहत दर्ज एक मामले में पुलिस टीम आरोपी प्रकाश रज्जाक को गिरफ्तार करने के लिए मध्य प्रदेश गई थी। पुलिस टीम शिकायतकर्ता के निजी वाहन से आरोपी को हिरासत में लेकर आवश्यक पूछताछ और कार्रवाई के लिए गुरुग्राम वापस ला रही थी। पेट्रोल पंप से कार लेकर फरार हुआ आरोपी एक जून को मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले के गरोठ कस्बे में पेट्रोल पंप पर वाहन में ईंधन भरवाया जा रहा था। इसी दौरान आरोपी प्रकाश रज्जाक अपने पिता के साथ शिकायतकर्ता की कार लेकर मौके से फरार हो गया। बाद में दोनों ने कुछ दूरी पर वाहन छोड़ दिया और वहां से भाग निकले। घटना के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। हेड कांस्टेबल तेजपाल सस्पेंड मामले की जांच में पुलिसकर्मियों की लापरवाही सामने आने पर उच्च अधिकारियों ने कार्रवाई करते हुए दो पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया। निलंबित पुलिसकर्मियों में इस मामले के जांच अधिकारी हेड कांस्टेबल तेजपाल भी शामिल हैं। इसके अलावा सेक्टर-14 थाना प्रभारी और मुंशी की भूमिका की विभागीय जांच कराई जाएगी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। ड्यूटी में लापरवाही बरतने वाले किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा और जांच के आधार पर आगे भी आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
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