Related Posts

गुरुग्राम में केआर मंगलम यूनिवर्सिटी स्टूडेंट प्रोटेस्ट:'फाइन' के नाम पर वसूली का आरोप, दिल्ली यूनिवर्सिटी के पूर्व अध्यक्ष पहुंचे




गुरुग्राम स्थित केआर मंगलम यूनिवर्सिटी में अनुशासन और अन्य मदों में भारी ‘फाइन’ का स्टूडेंट्स ने विरोध किया है। स्टूडेंट्स का आरोप है कि छोटी-छोटी गलतियों पर फाइन के नाम पर अवैध वसूली की जा रही है। स्टूडेंट्स ने अब प्रशासन के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ने का मन बनाया है। प्रदर्शनकारी छात्रों का दावा है कि पिछले महज चार महीनों के भीतर विश्वविद्यालय प्रशासन ने विभिन्न बहानों से छात्रों से करोड़ों रुपये जुर्माने के तौर पर वसूल लिए हैं। छोटी-छोटी बातों पर भारी-भरकम आर्थिक दंड लगाया जा रहा है, जो आर्थिक रूप से छात्रों और उनके अभिभावकों पर बोझ बन गया है। पूर्व डूसे अध्यक्ष रौनक खत्री के नेतृत्व में प्रदर्शन
छात्रों के इस आंदोलन को अब बाहरी समर्थन भी मिलने लगा है। दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) के पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष रौनक खत्री केआर मंगलम यूनिवर्सिटी पहुंचे और प्रदर्शन किया। उन्होंने छात्रों की भीड़ को संबोधित करते हुए कहा कि यह केवल कुछ रुपयों की बात नहीं है, बल्कि यह संघर्ष न्याय और पारदर्शिता की बहाली के लिए है। एक शिक्षा संस्थान को वसूली केंद्र बनाना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हम अपना हक लेकर रहेंगे। आक्रोशित स्टूडेंट्स ने शीशा तोड़ा प्रदर्शन के दौरान कुछ आक्रोशित स्टूडेंट्स ने यूनिवर्सिटी के अंदर एक काउंटर पर लगे शीशे काे भी तोड़ दिया। सूचना मिलने पर पुलिस की टीम भी मौके पर पहुंची और स्टूडेंट्स को समझा बुझा कर शांत करवाया। स्टूडेंट्स का आरोप है कि जब इस संबंध में विश्वविद्यालय प्रबंधन से पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग की जाती है तो कोई संतोषजनक उत्तर नहीं दिया जाता। अब चंडीगढ़ हाईकोर्ट में होगी कानूनी जंग
विश्वविद्यालय प्रशासन के अड़ियल रवैये को देखते हुए छात्रों ने अब न्यायपालिका की शरण लेने का फैसला किया है। छात्रों की समिति ने घोषणा की है कि वे इस ‘वसूली’ राशि के ऑडिट की मांग को लेकर चंडीगढ़ स्थित पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में एक याचिका दायर करेंगे। प्रदर्शन में शामिल छात्रों ने कहा कि नियमित ट्यूशन फीस के अतिरिक्त इस प्रकार के अतिरिक्त शुल्क परिवारों पर अनावश्यक आर्थिक दबाव डालते हैं। उनका मानना है कि यदि किसी कारणवश अतिरिक्त शुल्क लिया भी जाए, तो वह केवल नाममात्र होना चाहिए। यूनिवर्सिटी का पक्ष नहीं आया सामने छात्र नेताओं का कहना है कि जब तक यह अवैध वसूली बंद नहीं होती और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं होती, उनका विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। हालांकि, इस पूरे विवाद पर विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।



Source link

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें