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गुरुग्राम के श्रमिक कैंप में घुसा 5 फीट लंबा कोबरा:वाइल्ड लाइफ विशेषज्ञ ने पकड़ा; 3 दिन पहले हुई थी बच्ची की मौत




गुरुग्राम और आसपास के ग्रामीण क्षेत्र में मानसून सीजन में बढ़ते जलस्तर और उमस के कारण जहरीले सांपों के निकलने का सिलसिला तेजी से बढ़ गया है। ताजा मामला पंचगांव के पास स्थित ढाणी से सामने आया है। यहां एक श्रमिक कैंप में बने कमरे में रात करीब 10:30 बजे उस समय हड़कंप मच गया, जब एक कमरे में पांच फीट लंबा काले रंग का बेहद जहरीला स्पेक्टेकल्ड कोबरा घुस आया। गनीमत रही कि किराएदार परिवार ने समय रहते सांप को देख लिया और तुरंत इसकी सूचना वन्यजीव विशेषज्ञों को दी। कमरे में कोबरा सांप के घुसने की खबर फैलते ही पूरे श्रमिक कैंप में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही वाइल्ड लाइफ कन्जरवेशनिस्ट अनिल गंडास तुरंत मौके पर पहुंचे और उसे रेस्क्यू किया। अनिल गंडास ने बताया कि यह जहरीला सांप कमरे के भीतर रखे घरेलू सामान के पीछे छिपा हुआ था। बेहद सावधानी के साथ एक-एक कर सामान को वहां से हटवाया। करीब आधे घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद इस पांच फीट लंबे फुफकारते हुए काले कोबरा को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया। अरावली के जंगलों में छोड़ा सांप के पकड़े जाने के बाद भी किराएदार और आसपास के लोग अपने कमरों में जाने के लिए डरते रहे। हालांकि रेस्क्यू टीम ने उन्हें आश्वास्त किया कि अब खतरे की बात नहीं है। रेस्क्यू किए गए कोबरा को बाद में अरावली के जंगलों में सुरक्षित छोड़ दिया गया। 3 दिन पहले सर्पदंश से बच्ची की मौत तीन दिन पहले इसी इलाके के पास सांप के काटने से एक 13 साल की मासूम लड़की की मौत हुई थी। बच्ची को सोते समय सांप ने काट लिया था और अस्पताल ले जाने से पहले ही उसने दम तोड़ दिया। इस दुखद घटना के बाद से ही श्रमिक कैंपों और ढाणियों में रहने वाले मजदूरों और ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। मानसून में सक्रिय होते हैं कोबरा वाइल्ड लाइफ कन्जरवेशनिस्ट अनिल गंडास ने बताया कि मानसून और बारिश के मौसम में जमीन के अंदर पानी भर जाने के कारण सांप अपने बिलों से बाहर आ जाते हैं। वे व्यक्ति के शरीर की गर्मी की तरफ बढ़ते हैं। गुरुग्राम और आसपास के क्षेत्र में पाए जाने वाले कोबरा और कॉमन करैत भारत के सबसे खतरनाक और जहरीले सांपों में से हैं। अक्सर लोग अनजाने में इन पर पैर रख देते हैं या इन्हें छू लेते हैं, जिससे ये डंस लेते हैं। सांपों से बचाव की एडवाइजरी फर्श पर सोने से बचें: बारिश के मौसम में जमीन या फर्श पर चटाई बिछाकर कतई न सोएं। हमेशा चारपाई या ऊंचे बेड का ही इस्तेमाल करें और मच्छरदानी लगाकर सोएं। सामान हटाते समय सावधानी: घर के कोनों, स्टोर रूम या कबाड़ वाले स्थानों से सामान हटाते समय सीधे हाथ न डालें। पहले टॉर्च की रोशनी करें और लाठी या डंडे की मदद से जगह को टटोल लें। जूते पहनने से पहले जांचें: बाहर रखे जूतों या चप्पलों को पहनने से पहले उन्हें अच्छी तरह से झाड़ लें, क्योंकि सांप अक्सर इनमें छिपकर बैठ जाते हैं। आसपास सफाई रखें: घर के आसपास झाड़ियां, ऊंचा घास-फूस और कबाड़ इकट्ठा न होने दें। कैंपों के आसपास ब्लीचिंग पाउडर या कार्बोलिक एसिड का छिड़काव करें। अंधेरे में टॉर्च का प्रयोग: रात के समय घर से बाहर निकलते समय या खेतों की तरफ जाते समय हमेशा हाथ में टॉर्च और एक लाठी जरूर रखें। जमीन पर लाठी पटकते हुए चलें ताकि आवाज से सांप दूर हट जाएं। झाड़-फूंक के चक्कर में न पड़े: सांप काटने पर किसी भी तरह के अंधविश्वास या ओझा-तांत्रिक के चक्कर में समय बर्बाद न करें। पीड़ित को तुरंत नजदीकी सरकारी अस्पताल ले जाएं, जहां एंटी-स्नेक वेनम उपलब्ध हो। गुरुग्राम के सभी बड़े अस्पतालों में यह दवा उपलब्ध है।



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