इनेलो सुप्रीमो अभय सिंह चौटाला के ऐलनाबाद विधायक भरत सिंह बैनिवाल को लेकर दिए गए गाली देने वाले बयान पर उनके बेटे सुमित बैनिवाल ने पलटवार किया है। सुमित के इस बयान से सियासी हलचल शुरू हो गई है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष संतोष बैनिवाल ने भी विधायक भरत सिंह का समर्थन करते हुए इनेलो पर तंज कसा और कहा-जनता विश्वास जता चुकी है। अभय सिंह चौटाला रविवार को ऐलनाबाद हलके के दौरे पर थे, उसी दौरान ये बयान दिया। सोशल मीडिया पर समर्थकों के मिले-जुले कमेंट है। कुछ ने विरोध किया तो कुछ ने समर्थन किया है। इसे लेकर विधायक भरत सिंह बैनिवाल के बेटे सुमित बैनिवाल ने वीडियो जारी कहा, आज एक लुप्त पार्टी का गुप्त मुख्यमंत्री, स्वयंभू मुख्यमंत्री, जो रात को मुख्यमंत्री बनने का सपना लेके सोवे। ऐलनाबाद हलके का पूर्व विधायक अभय सिंह चौटाला जी ऐलनाबाद के गांव के दौरे के दौरान लोकप्रिय विधायक भरत सिंह बैनिवाल के लिए बहुत ही निम्न स्तर की टिप्पणी की है और ओच्छी शब्दावली बरती। इस शब्दावली और ओच्छी मानसिकता के कारण यो हाल है कि ताऊ चौ. देवीलाल पार्टी को 85 सीटों पर लेकर गए थे। अभय सिंह ने उस पार्टी को 85 से दो पर लाने का काम किया तो वो इन्होंने खुद किया। इनकी भाषा ने किया और अहंकार ने किया है। जो इनकी भाषाशैली है और लोगों के प्रति भावना है, उसके कारण ये हाल है कि ये आज दो सीटों पर है। पीछे चुनाव में ऐलनाबाद की जनता ने मुंहतोड़ जवाब दिया और पूरे 15 हजार वोटों से हराया। लेकिन वो हार आज तक इनके पची नहीं है। इन्होंने ऐलनाबाद हलके को अपनी जागिर समझ रखी थी कि ये हमारा बंधुआ मजदूर है। जानिए सुमित बैनिवाल ने वीडियो में क्या-क्या असभ्य बोलना कतई मंजूर नहीं : सुमित समित बैनिवाल ने आगे कहा, हम आवां न आवां। न करवां, इनको कुछ नहीं बोलना। हम ही जीता गें। जनता ने इनको आईना दिखाया और फैसला लिया भरत सिंह बैनिवाला को विधायक बनाया। ये बात सहन नहीं हो रही कि आम घर से एक आदमी ने सारी उम्र संघर्ष करके कैसे हराया। ये ही कहूंगा कि जुबां को लगाम रखे। उतना ही बोलो, जितना सुन सको। लोकतंत्र में ये हैं कि कोई कमी है तो उसकी निंदा कर सकते हैं। लेकिन असभ्य बोलना, ये कतई मंजूर नहीं है। न थाने कोई छूट है कि कुछ भी बोलो। आज दो साल बाद ऐलनाबाद हलके की थामनै याद आ गई। पूरा दो साल नहीं आए। पिछले साल एक दिन इतनी बारिश हो गई कि फसल बर्बाद हो गई और गुडियाखेड़ा में फसल बर्बाद हुई और शक्कर मंदौरी में गांव डूबने की कगार पर था। उस समय लोगों का हालचाल जानने नहीं आए। अब रैली है तो लोगों को निमंत्रण देने आ गए। सिर्फ अपने मतलब को आते हैं। जद ऐ इस जनता ने फैसला लिया हो। कहां नाक रगड़ी, वो सब लोगों को पता : सुमित सुमित ने वीडियो में आगे कहा, ये ही शब्दावली रही तो अगली बार भी जनता थामने सबक सिखाएगी। गांव में और लोगों के सामने बात करो कि कांग्रेस की सरकार बनने लग रही थी और हुड्डा साहब ने बीजेपी की सरकार बनवा दी। थामने शर्म ऐ कोनी आवे, कै बात करो। लोगों को और सिरसा जिले की जनता को खासकर पूरा ध्यान है कि थामने कै सेटिंग करी और नाक रगड़ी कि हम किसी न किसी तरह जीत जावां। सरेआम बीजेपी की मदद करी और बीजेपी ने यहां कमजोर उम्मीदवार उतारा। ऐलनाबाद के बच्चे-बच्चे को ध्यान है, झूठा प्रचार ना करो। बीजेपी जहां मजबूत, वहां रैली करो : सुमित सुमित बोले, लोग इतना बेवकूफ नहीं, जागरूक है। लोगों के महलां में जाकर नाक रगड़ी वो सब ध्यान है। ये कहते हो कि बीजेपी के खिलाफ हा। पिछली 25 सितंबर की रैली कहां की, वो रोहतक में। रोहतक में सारी सीट कांग्रेस की, तो लड़ने किसके गेल लाग रे हो। लोगों को बेवकूफ बना रहे हो कै। अबकी बार रैली कहां कर रहे हो, वहां सारी सीट कांग्रेस के पास है। लोगों को भुलाओ कि हम बीजेपी के खिलाफ लड़ा। बीजेपी जहां मजबूत है, वहां जाकर रैली करो। जानिएं अभय सिंह ने क्या कहा था, गाली देते हुए कहा-बोलना नहीं आता अभय सिंह चौटाला बोले, मैं जब एमएलए था तो थारै गांव को कुछ न कुछ देता ही था। अब तो विधायक नहीं हूं तो भी थाने कुछ देऊं। लोगों से हां भरवाते हुए बोले, देऊं हूं के नहीं बताओ। फेर या बात समझ नहीं आई कि वो एमएलए कैसे बन गया। एक टाइम तो वो था, जब मैं एसेंबली में बोलता था तो सारा देश मोबाइल देखते थे और ये कहते थे कि आज ऐलनाबाद का विधायक ने हरियाणा के लोगों की लड़ाई लड़ी। अभय चौटाला बोले, एक इस भरता सिंह को स्पीकर कहवे, कि बोल किमै। हाथ जोड़कर खड़ा हो जा और कहता-मेरा गला खराब है। गला के किसी के बाप का खराब है बोलना ए कोनी आवै नी। गाली देते हुए…..। हालत इसी है कि चार लोगों के बीच खड़ा होकर बात कोनी कर सके। ओ थारो पक्ष कैसे लेगा। आज बिना विधायक होने के बावजूद थारे इस गांव में पिछले दो साल में एक करोड़ तीन लाख 70 हजार रुपए भेजे हैं। ध्यान राखियो, कदै वोट किसे और को दे दो अभय बोले, ध्यान राखियो। कदै पैसा मेरे से लो और वोट किसी और को देकर आओ। ठीक है, आगे ध्यान राखियो। इसी पर लोगों ने भी कहा कि अबकी बार वोट डालेंगे। थारे गांव में कोई आ जा तो थाम कोई चाय-पानी पूछो हो कै नहीं। किसने पूछा हो। थाम तो खाया-पिया बैठा हो, मैं तो सुबह से फिर रहा हूं।
Source link
