![]()
कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी (केयू) में साल 2018 से करोड़ों रुपए की लागत से बन रही 4 मंजिला न्यू एडम ब्लॉक बिल्डिंग का फिर गरमा गया। निर्माण के काम में कथित गड़बड़ियों और भ्रष्टाचार की शिकायत पर हरियाणा के उच्चतर शिक्षा विभाग ने केयू प्रशासन से रिपोर्ट तलब की है। यह रिपोर्ट मुख्य सचिव कार्यालय और हरियाणा सरकार के चौकसी (विजिलेंस) डिपार्टमेंट को भेजी जानी, ताकि मामले में आगे की कार्रवाई की जा सके। साथ ही पूरे मामले की जांच के लिए रिटायर जज की अध्यक्षता में कमेटी बनाई गई है। यानी सरकार मामले को गंभीरता से ले रही है। अधूरा पड़ा करोड़ों का प्रोजेक्ट न्यू एडम ब्लॉक बिल्डिंग का निर्माण साल 2018 में शुरू हुआ था, लेकिन करोड़ों रुपए खर्च होने के बावजूद भवन तैयार नहीं हो पाया। ठेकेदार के बीच में काम छोड़ने के बाद काम पूरी तरह बंद हो गया। करोड़ों रुपए का प्रोजेक्ट अधूरा पड़ा है। इस प्रोजेक्ट को लेकर पहले भी कई बार अनियमितताओं के आरोप लग चुके हैं। कोर्ट में भी लंबित मामला उच्चतर शिक्षा विभाग की ओर से केयू को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि शिकायतकर्ता नौशाद अली की ओर से दायर मामले फिलहाल कोर्ट में विचाराधीन हैं। इसलिए विभाग जांच रिपोर्ट का इंतजार कर रहा है। जांच पूरी होने के बाद ही प्रशासनिक स्तर पर अगली कार्रवाई की जाएगी। शिकायतकर्ता बोले- भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई लड़ रहा हूं पूर्व ठेकेदार और शिकायतकर्ता नौशाद अली ने कहा कि उसने केयू में निर्माण के काम में कथित भ्रष्टाचार के खिलाफ लगातार आवाज उठाई है। दावा किया उनकी शिकायतों के आधार पर एक एक्सईएन को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कराया गया था। इसके अलावा SDO भी रिश्वत मांगने के आरोप में गिरफ्तार हो चुका है। आरोपी को दोबारा नियुक्त कर दिया नौशाद अली ने आरोप लगाया कि रिश्वत मामले में पकड़े गए एक्सईएन को दोबारा उसी पद पर नियुक्त कर दिया गया। आरोपी अधिकारी पर कार्रवाई की बजाए उनको ही प्रताड़ित किया गया। उनकी यूनिवर्सिटी में एंट्री बंद कर दी गई। सरकार-विजिलेंस से कार्रवाई की उम्मीद नौशाद अली ने कहा कि उच्चतर शिक्षा विभाग के ताजा पत्र से स्पष्ट है कि मामला अब सरकार के उच्च स्तर तक पहुंच चुका है। उन्हें उम्मीद है कि विजिलेंस विभाग और सरकार निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करेंगे।
Source link
कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी में न्यू एडम ब्लॉक बिल्डिंग का मामला गरमाया:8 साल से अधूरा पड़ा काम; पूर्व ठेकेदार की शिकायत, रिटायर जज की कमेटी करेगी जांच







