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कांग्रेस MLA मामन खान को गिरफ्तारी का डर:भूपेंद्र हुड्‌डा ने विधायकों संग राज्यपाल से मुलाकात की, बोले- केस दर्ज कर दबाव बनाया जा रहा




हरियाणा कांग्रेस के विधायकों ने मंगलवार को चंडीगढ़ में राज्यपाल प्रो. असीम घोष से मुलाकात की। उन्होंने फिरोजपुर झिरका से कांग्रेस विधायक मामन खान पर बढ़ती कानूनी कार्रवाई और संभावित गिरफ्तारी को लेकर एक ज्ञापन सौंपा। राज्यपाल से मुलाकात के बाद पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा, “मामन खान हमारे विधायक हैं। उन पर दबाव बनाया जा रहा है। उनके खिलाफ राजनीतिक प्रतिशोध के तहत जो मुकदमे दर्ज किए गए हैं, उस संबंध में हमने राज्यपाल को ज्ञापन दिया है।” मामन खान पर 2023 में हुई नूंह हिंसा से पहले भड़काऊ बयान देने के आरोप में मामला दर्ज किया गया था। इस मामले में उनकी गिरफ्तारी भी हुई थी, हालांकि बाद में उन्हें जमानत मिल गई। अब जानकारी सामने आई है कि इस केस में मामन खान के खिलाफ UAPA सहित कई गंभीर धाराएं जोड़ दी गई हैं। इनमें सांप्रदायिक हिंसा भड़काने, साजिश रचने और अन्य गंभीर आरोप शामिल हैं। जानिए कांग्रेस विधायकों ने क्या कहा…. अरोड़ा बोले- विधायक पर दबाव बनाया जा रहा थानेसर से विधायक अशोक अरोड़ा ने कहा, “हमारे विधायक साथी को बेवजह परेशान किया जा रहा है। उन पर दबाव बनाया जा रहा है और लगातार मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं। हमने राज्यपाल से कहा है कि वे इस मामले में हस्तक्षेप करें और सरकार को निर्देश दें कि इस तरह की द्वेषपूर्ण भावना न रखी जाए। हम सभी विधायक मामन खान के साथ हैं और यदि जरूरत पड़ी, तो इस मुद्दे को विधानसभा के अंदर और बाहर भी उठाएंगे।” हुड्‌डा ने कहा- महिला आरक्षण बिल कोई मुद्दा नहीं भूपेंद्र सिंह हुड्‌डा ने कहा, “दूसरा मुद्दा विधानसभा के विशेष सत्र का था। यह सत्र क्यों बुलाया जा रहा है? महिला आरक्षण बिल अब कोई मुद्दा नहीं है, क्योंकि यह 2023 में ही पास हो चुका है। अब तो इसे लागू करने की बात है। ऐसे में गलती सुधारने के लिए विशेष सत्र बुलाने की बात समझ से परे है। अगर कोई जनहित का मुद्दा होता, तो उस पर चर्चा की जा सकती थी। यह बात भी हमने राज्यपाल को बताई है।” नूंह हिंसा में भड़काऊ बयान देने पर गिरफ्तार हुए मामन खान विश्व हिंदू परिषद की ओर से 31 जुलाई 2023 को हरियाणा के नूंह में ब्रजमंडल यात्रा निकाली गई थी। नल्हड़ स्थित नल्हेश्वर मंदिर से यात्रा निकलने के बाद तिरंगा पार्क के पास पथराव हो गया था। इसके बाद न केवल नूंह शहर, बल्कि आसपास के जिलों में भी हिंसा फैल गई। इस हिंसा में होमगार्ड के दो जवानों सहित छह लोगों की मौत हो गई, जबकि 60 से अधिक लोग घायल हुए। हिंसा भड़काने के आरोप तीन प्रमुख चेहरों पर लगे थे। इनमें गौरक्षक मोनू मानेसर, बिट्टू बजरंगी और कांग्रेस विधायक मामन खान शामिल हैं। मामन खान पर विधानसभा में दिए गए बयान और हिंसा से पहले की गई सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर सवाल उठाए गए थे। नूंह पुलिस ने सबसे पहले बिट्टू बजरंगी को गिरफ्तार किया। इसके बाद मामन खान को दो बार नोटिस देकर पूछताछ के लिए बुलाया गया, लेकिन वह पेश नहीं हुए। बाद में मोनू मानेसर की गिरफ्तारी के बाद मामन खान को राजस्थान से गिरफ्तार किया गया, हालांकि बाद में उन्हें जमानत मिल गई। सितंबर 2025 में सिक्योरिटी बढ़ाई गई सितंबर 2025 में विधायक मामन खान को अलग-अलग गैंग की तरफ से धमकियां मिलीं। यह भी सामने आया कि उनकी गाड़ियों की रेकी की गई। इसका अलर्ट मिलते ही उन्हें कड़ी सुरक्षा के बीच नूंह से गुरुग्राम शिफ्ट कर दिया गया था। उनके साथ 16 स्वेट (स्पेशल वेपंस एंड टैक्टिक्स) कमांडोज तैनात किए गए। कुछ समय बाद मामन खान ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर कर अपनी जान को खतरा बताया। साथ ही उन्होंने Z या Z+ श्रेणी की सुरक्षा प्रदान करने और बिना कोर्ट की अनुमति के उनकी सुरक्षा में किसी भी प्रकार की कटौती न करने के निर्देश देने की मांग की थी।



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