करनाल के मंगल कॉलोनी पार्ट-2 में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर छापा मारकर भ्रूण लिंग जांच करने वाले एक व्यक्ति को रंगे हाथों पकड़ लिया। आरोपी मौके पर ही पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन के साथ मिला। टीम ने पहले बोगस ग्राहक बनाकर जाल बिछाया और फिर इशारा मिलते ही कार्रवाई की। आरोपी 30 हजार रुपए लेकर जांच करता था। अब उसके खिलाफ पुलिस में मामला दर्ज करवाया जा रहा है और पूरे नेटवर्क की जांच की जाएगी। बोगस ग्राहक बनाकर रचा गया प्लान
करनाल डिप्टी सीएमओ डा. शीनु चौधरी ने बताया कि पानीपत स्वास्थ्य विभाग को लगातार सूचना मिल रही थी कि करनाल में किसी घर में अवैध रूप से भ्रूण का लिंग जांच किया जा रहा है। इसके बाद करनाल और पानीपत की टीमों ने मिलकर कार्रवाई की योजना बनाई। आरोपी तक पहुंचने के लिए विभाग ने अपना ही एक बोगस ग्राहक तैयार किया, जिसने आरोपी से संपर्क किया। आरोपी ने ग्राहक को सुबह 6 बजे नमस्ते चौक पर बुलाया। मोबाइल जैसी मशीन से की जा रही थी जांच
निर्धारित समय पर गर्भवती महिला को आरोपी द्वारा जांच वाली जगह पर ले जाया गया। वहां पर मोबाइल फोन जैसी पोर्टेबल मशीन से भ्रूण का लिंग जांच किया गया। आरोपी ने गर्भ में पल रहे बच्चे के लड़की होने की जानकारी दी। इसी दौरान पहले से तैनात टीमों को इशारा मिला और उन्होंने मौके पर दबिश देकर आरोपी को पकड़ लिया। मौके से दो अन्य लोग फरार
छापेमारी के दौरान वहां दो अन्य मरीज भी बैठे हुए थे, जो जांच करवाने आए थे। लेकिन टीम को देखते ही वे मौके से फरार हो गए। स्वास्थ्य विभाग ने आरोपी के कब्जे से अल्ट्रासाउंड मशीन जब्त कर ली है। फफड़ाना गांव का रहने वाला है आरोपी
पकड़ा गया आरोपी संजय नाम का व्यक्ति है, जो करीब 8 महीने से मंगल कॉलोनी पार्ट-2 में रह रहा था। वह मूल रूप से फफड़ाना गांव का रहने वाला है। डा. शीनु चौधरी ने बताया कि आरोपी एक जांच के लिए 30 हजार रुपए लेता था। उसके पास से एंटी करप्शन ब्यूरो का कार्ड भी मिला है, जिसकी भी जांच की जाएगी। पुलिस करेगी नेटवर्क की जांच
स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि अब यह पुलिस जांच का विषय है कि आरोपी अब तक कितनी बार इस तरह की जांच कर चुका है और क्या इसमें कोई अन्य लोग भी शामिल हैं। फिलहाल आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पानीपत टीम ने भी निभाई अहम भूमिका
पानीपत पीएनडीटी नोडल अधिकारी डॉ. ललित ने बताया कि उन्हें अपने सूत्रों से सूचना मिली थी कि करनाल या आसपास कोई व्यक्ति भ्रूण लिंग जांच कर रहा है। इसके बाद सिविल सर्जन के निर्देश पर टीम गठित की गई। टीम सुबह करीब 4 बजे ही करनाल पहुंच गई थी और बोगस ग्राहक की लोकेशन को लगातार ट्रैक किया जा रहा था। चारों तरफ से घेरकर की गई कार्रवाई
डॉ. ललित के अनुसार, टीम ने पहले ही जांच वाली जगह को चारों तरफ से घेर लिया था ताकि आरोपी भाग न सके। जैसे ही ग्राहक से इशारा मिला, टीम ने तुरंत दबिश देकर आरोपी को पकड़ लिया। ऑनलाइन मंगवाई गई थी मशीन
जांच में सामने आया कि आरोपी ने पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन किसी वेबसाइट के जरिए मंगवाई थी। यह मशीन बिना रजिस्ट्रेशन के थी, जबकि हर अल्ट्रासाउंड मशीन का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य होता है। अधिकारियों के अनुसार, यह पहली बार है जब इतनी छोटी पोर्टेबल मशीन देखने को मिली है। पहले भी दर्ज हो चुका है मामला
डॉ. ललित ने बताया कि आरोपी संजय के खिलाफ वर्ष 2019 में भी इसी तरह का मामला दर्ज हो चुका है। ऐसे में इस बार उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि इस तरह की अवैध गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है और आगे भी अभियान जारी रहेगा।
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