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करनाल में परिजनों ने शव लेने से किया इनकर:बोले-शव धूप में जलने की बात गले से नहीं उतरी, दोबारा पोस्टमार्टम के लिए भेजा चंडीगढ़




करनाल जिले में नन्हेड़ा गांव के खेतों में युवक का शव मिलने के मामले में विवाद गहराता जा रहा है। परिजनों और समाज के लोगों में भारी गुस्सा है और वे लगातार आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं। पोस्टमार्टम के बाद भी परिवार ने शव उठाने से इनकार कर दिया। उनका कहना है कि जब तक पुलिस मौत के कारण को लेकर स्पष्ट और संतोषजनक जवाब नहीं देती, तब तक अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा। वहीं पुलिस ने दोबारा पोस्टमार्टम के लिए शव चंडीगढ़ पीजीआई भेजा है। परिवार के लोगों ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए नारेबाजी की। सोनिया तंवर, अमित तंवर और अन्य परिजनों ने कहा कि पुलिस यह कह रही है कि शव धूप में रहने से जला है, लेकिन यह बात किसी भी तरह से तर्कसंगत नहीं है। उन्होंने साफ कहा कि पहले मौत का सही कारण बताया जाए, तभी वे शव उठाएंगे। क्या था पूरा मामला परिजनों के अनुसार, नन्हेड़ा गांव निवासी बॉबी 25 मई की सुबह करीब 7:30 बजे घर से निकला था। उसने अपनी मां रीना को कहा था कि वह थोड़ी देर में वापस लौट आएगा। बॉबी के भाई अभिषेक कुमार ने बताया कि वे तीन भाई हैं और बॉबी मंझला था। दोपहर करीब 12 बजे उसने परिजनों को कहा कि वह जल्द घर पहुंचेगा, लेकिन इसके बाद उसका फोन बंद हो गया। अगले दिन खेतों में मिला शव देर रात तक घर न लौटने और फोन बंद होने पर परिजनों को शक हुआ। अगले दिन जब फोन लगाया गया तो एक पुलिस कर्मचारी ने कॉल उठाकर खेतों में शव मिलने की जानकारी दी। इसके बाद परिवार नन्हेड़ा गांव के खेतों में पहुंचा, जहां बॉबी का शव पड़ा मिला। शव की हालत देख हत्या का आरोप परिजनों ने बताया कि शव के चेहरे और शरीर के कई हिस्सों पर तेजाब डाला गया था। नाक और मुंह से खून भी निकल रहा था। शव की हालत देखकर परिवार ने तुरंत हत्या की आशंका जताई और पुलिस पर सच्चाई छिपाने का आरोप लगाया। इन लोगों पर लगाए सीधे आरोप गांव के अभिषेक कुमार ने शिकायत में रिंकू, जयपाल, मोहित उर्फ पादी, अंकित, उसके भाई पाहड़ी निवासी गांव संगोही और राममेहर शर्मा निवासी गांव माखूमाजरा को हत्या के लिए जिम्मेदार ठहराया है। परिजनों का कहना है कि इन लोगों के साथ पुरानी रंजिश चल रही थी। पहले भी मिल चुकी थी जान से मारने की धमकी परिवार के अनुसार, आरोपियों के खिलाफ पहले भी मामला दर्ज कराया गया था। उस दौरान उन्होंने बॉबी को जान से मारने की धमकी दी थी और तीन बार हमला भी किया था। परिजनों का कहना है कि उन्होंने आरोपियों के खिलाफ एससी एसटी एक्ट के तहत केस दर्ज कराया था, जिसके चलते रंजिश और बढ़ गई थी। 27 मई को पोस्टमार्टम पर भी हुआ था विवाद घटना के बाद पुलिस और एफएसएल टीम ने मौके से साक्ष्य जुटाकर शव को कब्जे में लिया था। 27 मई को परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से भी मना कर दिया था। बाद में डीएसपी सतीश कुमार मौके पर पहुंचे और समझाने के बाद परिवार पोस्टमार्टम के लिए तैयार हुआ। इसके बाद बोर्ड की देखरेख में वीडियोग्राफी के साथ पोस्टमार्टम कराया गया। अब पीजीआई चंडीगढ़ भेजा गया शव इंद्री थाना के एसएचओ राकेश कुमार ने बताया कि करनाल में बोर्ड द्वारा पोस्टमार्टम कराया गया था, लेकिन परिजन संतुष्ट नहीं हैं। अब शव को पीजीआई चंडीगढ़ भेजा गया है, जहां दोबारा पोस्टमार्टम कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।



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