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SIR के जरिए कटेंगे बांग्लादेशी-घुसपैठियों के फर्जी वोट:पानीपत में शिक्षा मंत्री ढांडा बोले- देश को धर्मशाला नहीं बनने देंगे




हरियाणा के शिक्षामंत्री महिपाल ढांडा ने चुनाव आयोग और सरकार की एक बेहद महत्वपूर्ण मुहिम एसआईआर (SIR – मतदाता सूची का पुनरीक्षण) को लेकर BJP कार्यकर्ताओं की एक अहम बैठक ली। बैठक के दौरान कार्यकर्ताओं को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए शिक्षा मंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य मतदाता सूची को पूरी तरह पारदर्शी और त्रुटिहीन बनाना है। उन्होंने विपक्ष पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि गलत तरीके से वोट बनवाकर सत्ता हथियाने वालों का दौर अब समाप्त हो चुका है। क्या है SIR अभियान? 18 से ऊपर के बनेंगे वोट पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए शिक्षा मंत्री ने कहा कि बुधवार से SIR का काम धरातल पर शुरू हो गया है। इस प्रक्रिया के तहत दो मुख्य बिंदुओं पर काम किया जा रहा है। पहला, जिन युवाओं की उम्र 18 साल या उससे अधिक हो चुकी है और अभी तक उनका नाम मतदाता सूची में दर्ज नहीं है, उनका वोट प्राथमिकता के आधार पर बनाया जाएगा। वहीं दूसरा, जो बुजुर्ग 80 साल से ऊपर की उम्र के हैं या जिनकी मृत्यु हो चुकी है और उनके नाम अभी भी सूची में हैं, उन्हें वोटर लिस्ट से सम्मानपूर्वक हटाया जाएगा। घुसपैठियों और फर्जी वोटरों पर गिरेगी गाज शिक्षा मंत्री ने अवैध प्रवासियों और घुसपैठियों को लेकर बेहद कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि जो घुसपैठिए बांग्लादेशी या अन्य बाहरी जगहों से संबंध रखते हैं और उन्होंने गलत तरीके से फर्जी वोट बनवा लिए हैं, SIR के माध्यम से उन सभी के वोटों का पूर्ण निरीक्षण (वेरिफिकेशन) किया जा रहा है। भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता और अन्य पार्टियों के लोग भी इस पारदर्शी प्रक्रिया में जुट गए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार का सीधा टारगेट यही है कि जो योग्य मतदाता हैं, उनका वोट सुरक्षित रहे और जो अयोग्य या फर्जी मतदाता हैं, उनका नाम तुरंत काटा जाए। देश के कई राज्यों में ऐसे लोग मिले हैं जिन्होंने फर्जी दस्तावेज लगाकर वोट बनवाए थे, इस अभियान के तहत उनके वोट काटे जा रहे हैं। देश को धर्मशाला नहीं बनने देंगे विपक्ष द्वारा इस प्रक्रिया पर उठाए जा रहे सवालों का जवाब देते हुए शिक्षा मंत्री ने कहा कि विपक्ष इस जनहित के कार्य को लेकर बिना वजह का मुद्दा बना रहा है। आज तक चुनाव आयोग के पास ऐसा एक भी व्यक्ति नहीं आया, जिसका वोट गलत तरीके से काटा गया हो। वास्तव में विरोध केवल वही लोग कर रहे हैं, जो पहले गलत और फर्जी वोटों के जरिए सत्ता प्राप्त करते थे और फिर लूट मचाते थे। शिक्षा मंत्री ने कड़े शब्दों में कहा कि हम इस देश को धर्मशाला नहीं बनने देंगे। SIR के जरिए सिर्फ इतना सुनिश्चित किया जा रहा है कि किसी भी असली और योग्य नागरिक का वोट न कटे और किसी विदेशी या घुसपैठिए का वोट सूची में न रहे।



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