अमृतसर ग्रामीण पुलिस लाइन में आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित कार्रवाई और विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने के उद्देश्य से एक विशेष मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इस अभ्यास में पुलिस विभाग, सिविल प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग, फायर ब्रिगेड तथा अन्य संबंधित एजेंसियों ने भाग लिया। इसका मुख्य उद्देश्य कानून-व्यवस्था से जुड़ी गंभीर परिस्थितियों से निपटने के लिए सुरक्षा एजेंसियों की तैयारियों का आकलन करना था। मॉक ड्रिल के दौरान एक काल्पनिक परिदृश्य तैयार किया गया। इसमें पुलिस द्वारा लगाए गए नाके पर दो अपराधियों ने अचानक पुलिस टीम पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। इस गोलीबारी में एक पुलिस अधिकारी के घायल होने की स्थिति दर्शाई गई। घटना के तुरंत बाद पुलिस ने मोर्चा संभालते हुए जवाबी कार्रवाई की और पूरे क्षेत्र की घेराबंदी कर दी। दोनों आरोपी घर में छिप गए ड्रिल के अनुसार, फायरिंग के बाद दोनों आरोपी भागकर नजदीक के एक घर में छिप गए। सूचना मिलते ही पुलिस की अतिरिक्त टीमें मौके पर पहुंचीं और घर को चारों ओर से घेर लिया गया। अपराधियों को आत्मसमर्पण करने के लिए चेतावनी दी गई, लेकिन उन्होंने पुलिस पर दोबारा फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में एक अपराधी गोली लगने से घायल हो गया और मौके पर ही उसकी मौत हो गई, जबकि दूसरे आरोपी को पुलिस ने सफलतापूर्वक गिरफ्तार कर लिया। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीम ने घायल पुलिस अधिकारी को प्राथमिक उपचार प्रदान करने और उसे तत्काल अस्पताल पहुंचाने की प्रक्रिया का भी अभ्यास किया। फायर ब्रिगेड और अन्य एजेंसियों ने भी आपात स्थिति में अपनी भूमिका का प्रदर्शन किया। यह मॉक ड्रिल पिछले दिनों हुई वास्तविक घटनाओं से सबक लेते हुए आयोजित की गई है। गौरतलब है कि पंजाब के गुरदासपुर जिले में भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास एक पुलिस नाके पर तैनात दो पुलिसकर्मियों की गोली लगने से मौत हो गई थी। पुलिस विभाग द्वारा इस प्रकार की मॉक ड्रिल आयोजित की जा रही हैं, ताकि भविष्य में ऐसी परिस्थितियों का अधिक प्रभावी ढंग से सामना किया जा सके।
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अमृतसर पुलिस लाइन में मॉक ड्रिल:नाके पर फायरिंग, घेराबंदी और एनकाउंटर का अभ्यास; आपात हालात से निपटने की तैयारी
