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अंतराष्ट्रीय हॉकी प्लेयर सविता पूनिया बोली, सिरसा पिछड़ रहा:खेल में रोहतक-सोनीपत आगे, प्रशासन-खेल विभाग से नहीं मैसेज, रात को पहुंची टीम


अंतराष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी सविता पूनिया पद्म श्री अवार्ड मिलने के बाद सिरसा पहुंचने पर इंटरव्यू में बयान देते हुए

अंतराष्ट्रीय हॉकी प्लेयर सविता पूनिया पद्म श्री अवार्ड मिलने के बाद पहली बार सिरसा के जोधकां स्थित गांव में अपने घर पहुंची। यहां पहुंचने पर ग्राम पंचायत, खेल विभाग एवं प्रशासन की ओर से जो सम्मान मिलना था, वो मिल नहीं पाया। इसकी टीस सविता पूनिया और उन

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प्रशासन की बड़ी चूक देखने को मिली। यह सूचना मीडिया में आने के बाद प्रशासन जागा और खेल विभाग की टीम वीरवार रातों-रात जोधकां पहुंची और सविता को सम्मानित किया। इस बारे में सविता पूनिया ने दैनिक भास्कर एप की टीम से खास बातचीत में स्थानीय नेताओं या प्रशासन का स्पोर्ट या उनके कॉल-मैसेज आने-न आने के सवाल पर कहा, नहीं, मेरे पास कोई मैसेज नहीं आया। बहुत कम ऐसा होता है।

इसलिए मैं बोलती हूं कि सिरसा से जो पर्सनली स्पोर्ट मिलनी चाहिए, वो बहुत ही कम मिली। मैं मैच्योर हूं और इन चीजों का इतना फर्क नहीं पड़ता। परंतु मुझे एक स्टेप आगे आकर मुझे बधाई या सरप्राइज देते तो और लड़कियों के लिए या और एथलीट के लिए बहुत अच्छा होता।

हॉकी प्लेयर सविता पूनिया को सम्मानित करने वीरवार रात जोधका में घर पर पहुंची खेल विभाग की टीम और उनके पिता को बुके भेंट करते हुए

प्वाइंट टू प्वाइंट जानिए सविता ने मीडिया से क्या कहा

सिरसा से हमेश कमी रहेगी और हिसार में हॉकी कोच मलिक करेंगे सम्मानित

सविता बोली, बहुत सारे फोन कर ये पूछते हैं कि आपके गांव में या आपके शहर में ऐसा हो रहा होगा या वेलकम हुआ होगा। सोशल मीडिया पर पोस्ट सब डालते हैं, वो सब ठीक हैं। मेरी 21 साल की मेहनत है और सिरसा का भी नाम हो रहा है तो वो चीज हमेशा मुझे मिस करती रहेगी।

बाकी खिलाड़ियों के मनोबल टूटने पर सविता ने कहा, महसूस तो होता है। वैसे सिरसा से कोई है नहीं। मेरी नेशनल टीम में मैं अकेली हूं। हिसार से मेरी साथी प्लेयर्स है। हिसार से मेरे कोच आजाद सिंह मलिक मुझे बुलाते हैं और ग्राउंड पर सम्मानित करते हैं। शुक्रवार या शनिवार तक हिसार जाना है और यहां वेलकम करना चाहते हैं। परंतु सिरसा से मुझे वो चीज की हमेशा कमी रही है।

हॉकी प्लेयर सविता पूनिया जानकारी देते हुए

परेंटस को संतुष्ट करना जरूरी

खेल को लेकर सरकार-प्रशासन से मांग के सवाल पर दैनिक भास्कर एप की टीम से बातचीत में कहा, हरियाणा से हर खेल में अच्छे प्लेयर आते हैं। चाहे वह हॉकी में है, रेसलर या बॉक्सर में हैं। सिरसा से कमी रहती है।

मेरी प्रशासन से यहीं मांग है कि जिले में खेल पर और ज्यादा ध्यान दिया जाए। प्लेयर को मोटिवेट किया जाए, ताकि आने वाले टाइम में मेरी जगह और बच्चे बैठे हो। क्योंकि पेरेंटस को अपने बच्चों के भविष्य या सुविधा को लेकर चिंता रहती है। इससे उनको संतुष्ट कर सकते हैं कि हम प्लेयर्स के साथ है और आप उनको खेलने के लिए भेजो। वहीं, अर्जुन अवार्ड और पद्म श्री अवार्ड मिलने का श्रेय सविता ने अपनी फेमिली ओर टीम साथियों को दिया।

सविता पूनिया

सिरसा में हॉकी पर और ध्यान देने की जरूरत : सविता

सविता बोली, सिरसा के लिए और खास बात है कि हमारे बच्चों में टैलेंट बहुत है, परंतु जितना हम देखते हैं सोनीपत से प्लेयर्स आगे आ रहे हैं या हिसार व दूसरे जिले से प्लेयर्स आ रहे हैं। सिरसा में हॉकी पर और ध्यान देना चाहिए। मैं हॉकी से हूं तो मुझे भविष्य में और अच्छा लगेगा कि हमारे जिले भी प्लेयर्स और ऊपर जा रहे हैं। जब भी मुझे मौका मिलेगा तो मैं हमारे प्रशासन से मांग करुंगी कि हॉकी पर और ज्यादा काम होना चाहिए।

वर्ल्ड कप-एशियन गेम से ओलंपिक क्वालीफाई करना है : सविता

एशियंस कप और टारगेट पर सविता ने कहा, नेशंस कम हम जीतकर आए हैं और बहुत ज्यादा परफॉर्म किया। सेमी और फाइनल दोनों मैच में हमने जीरो गोल कन्सिल्ड किए हैं। सेमी में 6-0 और फाइनल टीम में 2-0 का स्कोर था। टीम का आपस में तालमेल बहुत अच्छा है और ये मोटिवेशन रहेगा। पिछले दो बार के वर्ल्ड कप में बहुत अच्छा परफॉर्म कर रहे हैं, परंतु कहीं न कहीं मेडल मिस हो रहा है। इस बार पूरा टारगेट है कि पूरी जी-जान लगाए और अंत तक लेकर जाए।

जोधकां गांव में हॉकी प्लेयर सविता पूनिया के घर जाने वाला रास्ता, जिसका काम बीच में छोड़ा हुआ

रास्ता काफी समय से ऐसा ही : सविता

घर के कच्चे रास्ते पर सविता पूनिया ने कहा, अंतराष्ट्रीय खिलाड़ियों के लिए सरकार की स्कीम है कि उनके गांव व घर का रास्ता कच्चा होगा। इस बारे में मेरे पिता और भाई की सरपंच या प्रशासन से बात हुई है, पर वह काफी समय से ऐसा ही है।

घर जाने वाले रास्ते का काम अधर में लटका

सविता पूनिया के गांव जोधकां में मेन रोड से घर जाने वाले रास्ते का काम अभी भी अधर में लटका है। यह रास्ता मेन रोड से करीब दो से तीन एकड़ दूरी का बीच में कच्चा छोड़ रखा है और आगे इंटरलॉक ब्लॉक बिछा रखी है। यह कच्चा बारिश के मौसम में जलभराव होने से अधिक परेशान बन जाता है।

हालांकि, केंद्र सरकार की ओर से अर्जुन अवार्डी के घर जाने वाला रास्ता पक्का करने की घोषणा की हुई है। इस रास्ते का एक निजी कंपनी ने निर्माण करवाने की घोषणा की थी। इसके लिए बजट की लागत का बोर्ड भी लगा दिया था। मगर बाद में ये रास्ता पूरा नहीं बनाया गया।

इसे लेकर सविता के परिवार ने कई बार प्रशासन को अवगत करवाया और सरपंच को भी बताया गया। इसके बावजूद इसे गंभीर नहीं लिया गया। नतीजा ये है कि सभी लोग इस कच्चे रास्ते से गुजरने को मजबूर है। सभी को परेशानी उठानी पड़ती है।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू हॉकी प्लेयर सविता पूनिया को पद्म श्री अवार्ड से सम्मानित करते हुए

मामले में किसने क्या कहा

जोधकां के सरपंच अरविंद स्वरूप का कहना है कि सविता पूनिया के गांव में आने की उनको सूचना नहीं थी। अक्सर सविता चंडीगढ या बाहर रहती थी। यहां गांव में बहुत कम आती है। मेरी ओर से अब तो फोन तो नहीं किया गया। परंतु पहले एक-दो बार इनके घरवालों से बात हुई थी तो कहा कि वो बाहर है। अगर पहले सूचना होती तो पंचायत की ओर से प्रोग्राम रखा जाता।

आपसे अभी पता चला है। पद्द श्री अवार्ड मिलने का पता था और सोशल मीडिया पर बधाई भी दी थी। सविता अकेले गांव ही नहीं, पूरे सिरसा जिले का सम्मान है, जिसने देशभर में हमारा मान बढ़ाया है।

हिसार के कोच से पता चला तो सम्मानित करने पहुंचे : डीएसओ

जिला खेल अधिकारी जगदीप सिंह का कहना है कि सविता के गांव आने का पता नहीं चला। जब सविता को पद्द श्री अवार्ड मिला था तो इनके परिवार से सपंर्क किया तो वे उस समय दिल्ली में थे। एक-दो दिन में आने के लिए कहा था। सविता खेल विभाग की शान है, जिसने दुनियाभर में नाम रोशन किया है। देर शाम को सविता के सिरसा आने का पता चला तो मैं और हमारी जोधकां पहुंची और सविता को सम्मानित किया है।



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