तरनतारन में पंजाब पुलिस के एक सहायक उपनिरीक्षक (ASI) द्वारा सुरक्षा व्यवस्था और नियमों की धज्जियां उड़ाने का एक बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है। तरनतारन के थाना सिटी के अधीन आती पुलिस चौकी टाउन के इंचार्ज ASI गुरप्रीत सिंह पर आरोप लगे हैं कि
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सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इन निजी कर्मियों को पुलिस विभाग के बजाय ASI खुद अपने निजी खाते से वेतन (सैलरी) दे रहे थे।इस घटना के बाद से पंजाब पुलिस की आंतरिक सुरक्षा और हथियारों के रख-रखाव के नियमों को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
ऑपरेशन कासो (CASO) में शामिल हो रहे थे प्राइवेट बाउंसर्स
सामने आई जानकारी के अनुसार, ASI गुरप्रीत सिंह इन निजी कर्मचारियों को अपनी गाड़ी में बिठाकर पुलिस के विशेष ‘ऑपरेशन कासो’ (CASO – कार्डन एंड सर्च ऑपरेशन) में शामिल करवा रहे थे। इन्हें बकायदा सरकारी AK-47 राइफलें थमाकर स्थायी पुलिसकर्मियों की तरह ड्यूटी पर तैनात किया जा रहा था, जबकि जिले के वरिष्ठ अधिकारियों को भनक तक नहीं थी कि ये लोग पुलिस बल का हिस्सा ही नहीं हैं।
मुंह में AK-47 दबाकर खिंचवाईं तस्वीरें
एक तरफ जहां ASI गुरप्रीत सिंह अपनी ड्यूटी ईमानदारी और सख्ती से करने का दावा करते थे और उन्हें स्थानीय मेलों व कबड्डी कप में सम्मानित किया जा रहा था, वहीं दूसरी तरफ उनके इन निजी कारिंदों की सुरक्षा को ताक पर रखने वाली हरकतें सामने आईं। ये निजी कर्मचारी मुंह में सरकारी AK-47 राइफल दबाकर तस्वीरें खिंचवाते नजर आ रहे थे, जो अब सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई हैं।
ASI सीआईए स्टाफ तरनतारन भेजा
मामला उजागर होते ही SSP सुरिंदर लांबा ने त्वरित संज्ञान लेते हुए तत्काल कार्रवाई की है। ASI गुरप्रीत सिंह का तत्काल प्रभाव से टाउन चौकी से तबादला कर सीआईए (CIA) स्टाफ तरनतारन भेज दिया है। एसपी लोकल (तरनतारन) सुखनिंदर सिंह का कहना है किकिसी भी निजी व्यक्ति को सरकारी AK-47 राइफल सौंपना एक बेहद गंभीर और बड़ी लापरवाही है। इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
एसएसपी साहब के आदेश पर ASI का तबादला कर दिया गया है और इस पूरे मामले की गहन विभागीय जांच शुरू कर दी गई है। जांच रिपोर्ट आते ही सख्त कानूनी व अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
