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Ravneet Bittu Rajya Sabha Term Ends; 6 Months Minister Possible, Punjab Polls 8 Months Later


केंद्रीय राज्यमंत्री जॉर्ज कुरियन ने इस्तीफा दे दिया। उनका राज्यसभा का कार्यकाल 21 जून को खत्म हो गया था। भाजपा ने उन्हें दोबारा राज्यसभा की टिकट नहीं दी। कुरियन जैसी स्थिति केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत बिट्‌टू की भी है।

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लुधियाना के पूर्व सांसद बिट्‌टू का राज्यसभा कार्यकाल भी 21 जून को खत्म हो चुका है। उन्हें भी दूसरी बार राज्यसभा की टिकट नहीं दी। उनकी जगह अमृतसर से हिंदू नेता तरूण चुघ को राज्यसभा भेजा गया है।

ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि क्या रवनीत बिट्‌टू भी मंत्रिपद से इस्तीफा देंगे या नहीं। उनके मंत्रीपद पर बने रहने पर सस्पेंस बना हुआ है। हालांकि अभी इसकी संभावना नहीं लग रही क्योंकि पंजाब में करीब 8 महीने बाद विधानसभा चुनाव हैं, ऐसे में भाजपा उन्हें हटाने या उनके पोर्टफोलियो में किसी तरह की छेड़छाड़ नहीं करेगी।

रवनीत बिट्‌टू ने 2024 में भाजपा की टिकट पर लुधियाना से लोकसभा चुनाव लड़ा लेकिन हार गए। इसके बाद भी उन्हें सिख चेहरे के तौर पर केंद्र सरकार में शामिल किया गया।

क्या मंत्री बने रह सकते हैं बिट्‌टू रवनीत बिट्‌टू राजस्थान से राज्यसभा सांसद चुने गए थे। 21 जून को कार्यकाल खत्म हो गया। हालांकि नियमों के मुताबिक बिट्‌टू बिना सांसद बने भी 6 महीने तक मंत्री बने रह सकते हैं।

बिट्‌टू किस नियम के तहत 6 महीने मंत्री बने रह सकते हैं? भारत में कोई व्यक्ति सांसद (लोकसभा या राज्यसभा सदस्य) न होते हुए भी मंत्री बन सकता है, लेकिन वह अधिकतम 6 महीने तक ही मंत्री पद पर रह सकता है।

संविधान के अनुच्छेद 75(5) के अनुसार:

  • यदि कोई व्यक्ति मंत्री नियुक्त किया जाता है और वह संसद का सदस्य नहीं है, तो उसे 6 महीने के भीतर लोकसभा या राज्यसभा का सदस्य बनना होगा।
  • 6 महीने के भीतर सांसद न बनने पर उसे मंत्री पद छोड़ना पड़ेगा।

बिट्‌टू को मंत्रीपद कब छोड़ना होगा अगर बिट्‌टू को राज्यसभा नहीं भेजा जाता तो वह 21 दिसंबर तक ही मंत्री रह सकते हैं। इस दिन उनके राज्यसभा सांसद का कार्यकाल खत्म हुए 6 महीने हो जाएंगे। तब उन्हें इस्तीफा देना ही पड़ेगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ रवनीत बिट्‌टू।- फाइल फोटो

बिट्टू ने इसको लेकर क्या कहा? राज्यसभा उम्मीदवार न बनाए जाने को लेकर बिट्‌टू ने खुलकर कुछ नहीं कहा। हालांकि इसका संकेत उन्हें पहले ही मिल चुका था। इस वजह से उन्होंने उम्मीदवारों की लिस्ट आने से पहले ही कह दिया था कि मैं लोकसभा और राज्यसभा में 17 साल लगा चुका हैं। अब दिल्ली से लौटकर पंजाब में काम करना चाहता हूं। इसके लिए दिल्ली से अटैचियां भी पैक करके ला चुका हूं।

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पंजाब में विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा ने राज्यसभा उम्मीदवारी के बहाने बड़ा उलटफेर किया है। केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत बिट्‌टू को झटका देते हुए राज्यसभा नहीं भेजा जा रहा। उनके बजाय अब भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ को राज्यसभा उम्मीदवार बनाया गया है। राज्यसभा मेंबर न रहने से पंजाब चुनाव से पहले ही रवनीत बिट्‌टू की केंद्रीय मंत्रिमंडल से भी छुट्‌टी हो सकती है (पढ़ें पूरी खबर)



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