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Punjab Rail Blast Accused Jagraj Singh


तरनतारन के गांव के रहने वाले जगरूप सिंह का नाम ब्लास्ट में आया है। – फाइल फोटो

पटियाला के राजपुरा में अंबाला-अमृतसर रेल फ्रेट कॉरिडोर पर हुए ब्लास्ट में तरनतारन जिले के गांव पंजवड़ के रहने वाले जगरूप सिंह उर्फ जूपा का नाम सामने आया है। पुलिस के अनुसार, जगरूप सिंह ही ट्रैक पर विस्फोटक लगाने पहुंचा था, जिसके फटते ही जगरूप के भी चि

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जगरूप के शव के टुकड़े करीब 100 मीटर की दायरे में बिखरे मिले। उसके गांव के लोगों ने बताया है कि जगरूप निहंग बाने में रहता था। वह शादीशुदा था, और उसके 2 बेटियां हैं। तरनतारन उपचुनाव के दौरान उसके खिलाफ पोस्टर फाड़ने की एक शिकायत हुई थी। इसके अलावा उसका कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है।

हालांकि, जगरूप जिस गांव पंजवड़ का रहने वाला था, इसी गांव से संबंधित कई लोग आतंकी गतिविधियों में शामिल रहे हैं। खालिस्तान कमांडो फोर्स (KCF) का मुखिया भी इसी गांव का रहने वाला था। पुलिस अब जगरूप का पूरा बैकग्राउंड खंगाल रही है।

जगरूप सिंह के घर जांच और पूछताछ के लिए पहुंची पुलिस।

जगरूप सिंह के घर जांच और पूछताछ के लिए पहुंची पुलिस।

सुबह 5 बजे पुलिस पहुंची, छोटे भाई को ले गई

वारदात के बाद जगरूप के गांव में आज सुबह पांच बजे ही पुलिस पहुंच गई थी। गांव के लोगों ने बताया है कि पुलिस ने जगरूप सिंह के घर की तलाशी ली। इसके बाद उसके भाई को पुलिस ने हिरासत में ले लिया और अपने साथ ले गई।

जगरूप का छोटा भाई चक्की चलाता है। लोगों ने बताया परिवार का रसूख अच्छा है। पहली बार पता चला है कि उसने ऐसा काम कर दिया। जगरूप ने 5-7 साल पहले निहंग बाना पहनना शुरू किया था। वह दुबई भी होकर आया। हालांकि, उसके किसके साथ कनेक्शन थे, इसकी जानकारी लोगों को नहीं है।

खालिस्तान समर्थक सांसद अमृतपाल का प्रचार किया

लोग बताते हैं कि जगरूप सिंह खड़ूर साहिब से सांसद अमृतपाल सिंह का करीबी रहा है। उसने अमृतपाल के इलेक्शन में उसका साथ दिया था, उसका प्रचार भी किया था। हालांकि, मां का कहना है कि जगरूप किसी से जुड़ा नहीं था।

जगरूप सिंह के बारे में पुलिस को जानकारी देतीं उसकी मां।

जगरूप सिंह के बारे में पुलिस को जानकारी देतीं उसकी मां।

जगरूप सिंह उर्फ जूपा के बारे में परिवार क्या बोला…

  • मां बोली- मेरे बेटे को कुछ हो गया तो यहीं धरना लगा दूंगी: जगरूप सिंह की मां ने कहा- मेरा बेटा दल पंथ के साथ जरूर जाता था, लेकिन आज तक उसकी कोई शिकायत नहीं आई। मेरे छोटे बेटे सतनाम सिंह को सुबह 5 बजे पुलिस उठा कर ले गई है। अभी तक नहीं बताया कि मेरा बेटा कहां है? अगर मेरे बेटे को कुछ हो गया, तो मैं यहीं धरना लगाऊंगी। जगरूप पिछले 7 महीनों से दल पंथ के साथ जुड़ा हुआ था। वह कई दिनों तक घर से बाहर रहता था, लेकिन लौट आता था। वह कल (सोमवार) घर से गया था। मेरा छोटा बेटा और मैं मेहनत कर घर का गुजारा कर रहे हैं।
  • चाचा ने कहा- उसके थोड़े बहुत झगड़े हुए: जूपा के चाचा बलकार सिंह का कहना है कि वह गांव में कम ही रहता था। उसका ज्यादातर समय निहंग सिंहों के साथ निकलता था। चाचा ने बताया कि इलेक्शन के दौरान उसके थोड़े-बहुत झगड़े हुए थे। बताया कि जूपा के छोटे भाई को गिरफ्तार कर लिया गया है। उसके पिता की पहले ही मौत हो चुकी है।

पोस्टर फाड़ने पर शिकायत हुई थी

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, जगरूप सिंह के खिलाफ पहले कोई गंभीर आपराधिक मामला दर्ज नहीं था। केवल तरनतारन विधानसभा उपचुनाव के दौरान पोस्टर फाड़ने को लेकर थाना झब्बाल में एक शिकायत दर्ज हुई थी। इसके अलावा उसका कोई आपराधिक इतिहास सामने नहीं आया है।

घटना के बाद पुलिस और खुफिया एजेंसियां मामले की गहन जांच में जुट गई हैं। तरनतारन के एसएसपी सुरिंदर लांबा ने बताया कि जूपा के परिवार और उसके संपर्कों की जांच की जा रही है। साथ ही, खुफिया इनपुट के आधार पर पूछताछ की जा रही है, जिससे इस मामले में अहम सुराग मिलने की उम्मीद है।

जगरूप सिंह के घर पर खालिस्तानी झंडा लगा हुआ है।

जगरूप सिंह के घर पर खालिस्तानी झंडा लगा हुआ है।

जूपा जिस गांव का, उसका भी आतंकी इतिहास…

तरनतारन का पंजवड़ गांव ऐतिहासिक रूप से सीमावर्ती जिला होने के कारण उग्रवाद के दौर में काफी संवेदनशील रहा है। यह गांव मुख्य रूप से प्रतिबंधित संगठन खालिस्तान कमांडो फोर्स (KCF) के प्रमुख और भारत के मोस्ट वांटेड आतंकियों में शामिल रहे परमजीत सिंह पंजवड़ का पैतृक निवास स्थान है।

परमजीत सिंह पंजवड़ का सबसे कुख्यात चेहरा था, जो 1986 में KCF में शामिल हुआ और 1990 में पाकिस्तान भाग गया था। भारत सरकार ने उसे 2020 में UAPA के तहत आतंकवादी घोषित किया था। मई 2023 में लाहौर (पाकिस्तान) में उसकी अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी।

इसके अलावा, 2019 के तरनतारन ब्लास्ट मामले में NIA ने इसी गांव के रहने वाले विक्रमजीत सिंह पंजवड़ को मुख्य साजिशकर्ता बताया था। उसे दिसंबर 2022 में ऑस्ट्रिया से भारत प्रत्यर्पित किया गया।

अब जगरूप सिंह उर्फ जूपा पंजवड़ का नाम सामने आया है। 27 अप्रैल 2026 को शंभू बॉर्डर के पास रेलवे ट्रैक पर हुए ब्लास्ट में पंजवड़ गांव का आतंकी जगरूप सिंह मारा गया। वह रेलवे ट्रैक को उड़ाने के लिए विस्फोटक लगाने पहुंचा था। उसके साथ ही जगरूप सिंह के भी चिथड़े उड़ गए। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

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