निक्की शेफर से थप्पड़ खाने के बाद गिरी रत्तू। उसके चेहरे पर 9 टांके आए।
नवांशहर की मनजोत कौर रत्तू पावर स्लैप गेम में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उतरने वाली पहली भारतीय फाइटर बन गई हैं। अबू धाबी में अपने पहले मुकाबले में हार के बावजूद उन्होंने जज्बे की मिसाल पेश की।
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फाइट के दौरान स्लैप लगते ही उनका चेहरा फट गया और 9 टांके लगे, लेकिन कोच के मुकाबला छोड़ने के सुझाव को ठुकराते हुए उन्होंने तीनों राउंड पूरे किए। वो क्लोज फाइट में हारीं। इसके बावजूद 30 के मुकाबले 23 अंक बटोरे। अब मनजोत 18 जुलाई को सिडनी में होने वाले अगले मुकाबले में उतरेंगी।
पटियाला फिजिकल कॉलेज से बीपीएड (BPEd) की पढ़ाई करने वाली मनजोत प्रोफेशनल बॉक्सर भी हैं। अपनी लगन के दम पर मनजोत आज दुनिया भर की लड़कियों के लिए प्रेरणा बन गई हैं। शुरुआत में वो किक बॉक्सिंग और कबड्डी में भी हाथ आजमा चुकी हैं।
रत्तू स्लैप फाइट लीग में कैसे आई और इसके लिए उन्होंने कैसे महनत की, पढ़ें पूरी रिपोर्ट…
आबू धाबी में हुई गेम में हिस्सा लेती रत्तू।
बॉक्सिंग से पावर स्लैप में आने की रत्तू ने बताई कहानी…
- स्कूल के दिनों में चुना खेल का रास्ताः 28 साल की मनजोत कौर रत्तू ने बताया कि पढ़ाई में उनका ज्यादा मन नहीं लगता था और उन्हें मैथ्स से डर लगता था। इसी वजह से उन्होंने स्कूल के दिनों में खेलों की ओर रुख किया। साल 2015 में उन्होंने अपने खेल करियर की शुरुआत की और शुरुआती दौर में किक बॉक्सिंग व कबड्डी खेलीं।
- 2021 में प्रोफेशनल बॉक्सिंग में रखा कदमः करीब छह साल तक अलग-अलग खेलों में हाथ आजमाने के बाद मनजोत ने 2021 में प्रोफेशनल बॉक्सिंग को अपना करियर बनाया। 2022 में थाईलैंड में अपनी पहली अंतरराष्ट्रीय फाइट जीती। इसके बाद 2024 में ऑस्ट्रेलिया के ब्रिस्बेन और 2025 में न्यूजीलैंड में मुकाबले खेले। न्यूजीलैंड में उन्होंने दुनिया की दूसरे नंबर की खिलाड़ी मिया मोटू को कड़ी टक्कर देकर पहचान बनाई।
- कोच से मिला पावर स्लैप का आइडियाः मनजोत के कोच जसकरण सिंह ने उन्हें पावर स्लैप खेल के बारे में बताया। कोच पहले दुबई में इस खेल से जुड़े रहे थे। जब मनजोत को पता चला कि भारत की कोई लड़की इस खेल में नहीं उतरी है, तो उन्होंने देश की पहली महिला पावर स्लैप खिलाड़ी बनने का लक्ष्य तय कर लिया।
- चोटों के बावजूद चुना नया चैलेंजः मनजोत ने बताया कि पावर स्लैप में चोट लगने का खतरा काफी ज्यादा होता है और शुरुआत में उन्हें इसके नियमों की भी पूरी जानकारी नहीं थी। इसके बावजूद उन्होंने चुनौती स्वीकार की और अबू धाबी में आयोजित अंतरराष्ट्रीय पावर स्लैप प्रतियोगिता में हिस्सा लिया।
- तीसरे राउंड में चेहरा फटा, फिर भी मुकाबला पूरा कियाः मुकाबले के तीसरे राउंड में प्रतिद्वंद्वी निक्की शेफर का जोरदार थप्पड़ लगने से उनका माउथगार्ड बाहर निकल गया। इससे गाल और होंठ अंदर से बुरी तरह फट गए और खून बहने लगा। कोच ने मुकाबला छोड़ने की सलाह दी, लेकिन मनजोत ने पीछे हटने से इनकार कर दिया। उन्होंने तीनों राउंड पूरे किए। बाद में उनके चेहरे पर 9 टांके लगाने पड़े।
- परिवार ने खेल छोड़ने को कहाः चेहरे पर गंभीर चोट लगने के बाद परिवार काफी घबरा गया। परिजनों ने उन्हें यह खेल छोड़ने की सलाह दी, लेकिन मनजोत ने अपने फैसले पर कायम रहने का निर्णय लिया। उनका कहना है कि हर बड़े मुकाम तक पहुंचने के लिए मुश्किलों का सामना करना पड़ता है।
- रोज बॉक्सिंग के साथ पावर स्लैप की भी ट्रेनिंगः मनजोत आज भी प्रोफेशनल बॉक्सिंग की नियमित ट्रेनिंग करती हैं। इसके अलावा रोज करीब 15 मिनट पावर स्लैप की अलग से प्रैक्टिस करती हैं, जिसमें थप्पड़ खाने के बाद संतुलन बनाने, स्टांस और थप्पड़ मारने की तकनीक पर काम किया जाता है।
- 18 जुलाई को ऑस्ट्रेलिया में अगली फाइटः इन दिनों मनजोत ऑस्ट्रेलिया में हैं। 18 जुलाई को सिडनी में उनकी प्रोफेशनल बॉक्सिंग की अगली फाइट होनी है। वह इसे अपने करियर का अहम मुकाबला मान रही हैं।
- इकलौती महिला प्रोफेशनल बॉक्सरः मनजोत का दावा है कि वह शहीद भगत सिंह नगर जिले की इकलौती महिला प्रोफेशनल बॉक्सर हैं। उनका कहना है कि दोआबा क्षेत्र में लड़कियां आमतौर पर फुटबॉल और एथलेटिक्स चुनती हैं, लेकिन उन्होंने बॉक्सिंग और पावर स्लैप जैसे अलग खेलों में अपनी पहचान बनाई है।
इंडिया और पंजाब की पहली पावर स्लैप फाइटर मनजोत कौर रत्तू।
अब दुनिया के सबसे बड़े मंच पर खेलने का सपना
मनजोत का कहना है कि उनका अगला लक्ष्य दुनिया के सबसे बड़े फाइटिंग प्लेटफॉर्म पर देश का प्रतिनिधित्व करना है। वह चाहती हैं कि उनकी सफलता देखकर पंजाब और देश की दूसरी लड़कियां भी कॉम्बैट स्पोर्ट्स में आगे आएं।
लड़कियों के लिए खुद की स्पोर्ट्स एकेडमी खोलना चाहती
रत्तू ने कहा कि वह सिर्फ अपने लिए नहीं खेलतीं, बल्कि उनके सपने बहुत बड़े हैं। वह भविष्य में अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं से नाम और पैसा कमाकर पंजाब की लड़कियों के लिए बॉक्सिंग एकेडमी खोलना चाहती हैं।
मनजोत का मानना है कि शुरुआत में फैसला लेना और राह पर चलना सबसे मुश्किल होता है, लेकिन एक बार जब आप कदम बढ़ा लेते हैं, तो रास्ते अपने आप खुलते चले जाते हैं। वह चाहती हैं कि उनके इलाके की अन्य लड़कियां भी इस खेल में आएं और देश का नाम रोशन करें।
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पंजाब के रोपड़ जिले के चमकौर साहिब के जुझार सिंह आबूधाबी में हुए पावर स्लैप कंपीटिशन के पहले सिख चैंपियन बन गए हैं। 24 अक्तूबर को हुए इस कंपीटिशन में जुझार ने थप्पड़ मारकर अपने कंपीटीटर्स एंटली ग्लुशका को हराया। पूरी खबर पढ़ें….
